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  "type": "article",
  "title": "हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू का प्रकोप, शिमला के अस्पताल में एक और मरीज की मौत",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू से दूसरी मौत दर्ज की गई है। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती 64 वर्षीय रामाशीष राम ने दम तोड़ दिया, जिससे राज्य में कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 10 हो गई है।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश में खतरनाक स्वाइन फ्लू का संक्रमण एक बार फिर घातक साबित हो रहा है। राज्य में इस बीमारी से दूसरी मौत होने की आधिकारिक पुष्टि की गई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। ताजा मामला शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का है, जहां इलाज के दौरान एक वृद्ध मरीज ने दम तोड़ दिया।\n\n \n\nअस्पताल में हुई मरीज की मौत\n\nशिमला के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचाराधीन 64 साल के एक मरीज की जान चली गई। मृतक की पहचान रामाशीष राम के रूप में हुई है, जो साईं डोभा के रहने वाले थे और उनका डाकघर बिलासपुर सदर के अंतर्गत आता था। अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, मरीज को गंभीर हालत के चलते 13 अगस्त 2026 को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था।\n\n \n\nसंक्रमण की पुष्टि और अन्य बीमारियां\n\nअस्पताल में भर्ती रहने के दौरान मरीज की स्वाइन फ्लू को लेकर विशेष जांच की गई थी। इस जांच की रिपोर्ट 29 अगस्त को पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज और अधिक सतर्कता से शुरू किया। हालांकि, संक्रमण के अलावा मरीज की शारीरिक स्थिति पहले से ही काफी नाजुक बनी हुई थी और वे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।\n\n \n\nडॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य जटिलताओं की जानकारी\n\nमामले की जानकारी देते हुए आईजीएमसी के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर राहुल राव ने बताया कि मृतक रामाशीष राम फेफड़े से जुड़ी पुरानी बीमारी के साथ-साथ निमोनिया से भी पीड़ित थे। उन्हें सांस लेने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार को सुबह करीब 6:46 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉक्टर राहुल राव ने स्पष्ट किया कि मरीज पहले से ही फेफड़ों के गंभीर रोगों और निमोनिया जैसी कई अन्य जटिलताओं की चपेट में थे, इसलिए इस स्थिति में अकेले स्वाइन फ्लू को ही मौत का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता है।\n\n \n\nस्वास्थ्य प्रशासन की ओर से एहतियाती अपील\n\nइस दूसरी मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने आम जनता से स्वाइन फ्लू के लक्षणों को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। बुजुर्गों और ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है जो पहले से ही फेफड़ों या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।\n\n \n\nराज्य में अब तक सामने आए आंकड़े\n\nप्रशासन ने लोगों से भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने, खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह ढकने तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाइयां और उपचार लेने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि इससे पहले सुंदरनगर के एक व्यक्ति की चंडीगढ़ में स्वाइन फ्लू के कारण मौत हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 10 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से चार मरीज आईजीएमसी शिमला में, चार मरीज टांडा मेडिकल कॉलेज में और दो मरीज मंडी जिले में रिपोर्ट किए गए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nहिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों और दूसरी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।\n\n• भारत में: देश के पहाड़ी और ठंडे क्षेत्रों में मौसमी बदलाव के दौरान श्वसन संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे फ्लू के लक्षणों पर समय रहते ध्यान देना आवश्यक हो जाता है।\n\n• हिमाचल प्रदेश में: शिमला, मंडी और कांगड़ा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों और फेफड़ों के पुराने मरीजों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने और लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से मिलने की जरूरत है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू से अब तक कितनी मौतें हुई हैं?\nहिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू से अब तक कुल 2 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।\n\n2. ताजा मामला किस अस्पताल से सामने आया है?\nताजा मामला शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से सामने आया है।\n\n3. मृतक मरीज की पहचान क्या थी और वे कहां के रहने वाले थे?\nमृतक मरीज की पहचान 64 वर्षीय रामाशीष राम के रूप में हुई है, जो साईं डोभा, बिलासपुर सदर के रहने वाले थे।\n\n4. मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि कब हुई थी?\nमरीज की जांच रिपोर्ट 29 अगस्त को पॉजिटिव आई थी और उन्हें 13 अगस्त 2026 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।\n\n5. डॉक्टरों के अनुसार मौत का मुख्य कारण क्या था?\nडॉक्टरों के अनुसार मरीज फेफड़े की गंभीर बीमारी और निमोनिया से भी ग्रस्त था, इसलिए अकेले स्वाइन फ्लू को मौत की एकमात्र वजह नहीं माना जा सकता है।\n\n6. प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल कितने मामले आ चुके हैं?\nप्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 10 मामले आ चुके हैं।\n\n7. ये 10 मामले किन-किन अस्पतालों या क्षेत्रों में रिपोर्ट हुए हैं?\nइनमें से चार मरीज आईजीएमसी शिमला, चार मरीज टांडा मेडिकल कॉलेज और दो मरीज मंडी में रिपोर्ट हुए हैं।\n\n8. अस्पताल प्रशासन ने लोगों को क्या सावधानी बरतने की सलाह दी है?\nप्रशासन ने तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की है।",
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  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-08-31",
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    "स्वाइन फ्लू",
    "शिमला",
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