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  "title": "शिमला स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड: हरियाणा से दबोचे गए दो पेशेवर शूटर, फर्जी HP नंबर वाली स्विफ्ट से आए थे वारदात को अंजाम देने",
  "summary": "शिमला के संजौली में निजी स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के 40 घंटे के भीतर पुलिस ने हरियाणा से 22 वर्षीय आशीष एहलावत और 25 वर्षीय दीपक को गिरफ्तार कर लिया, दोनों पेशेवर शूटर बताए गए हैं और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद हुए हैं।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में निजी स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। वारदात के महज 40 घंटे के भीतर दो आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। दोनों की गिरफ्तारी हरियाणा से हुई है और इनसे हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।\n\nकौन हैं गिरफ्तार दोनों आरोपी\nपुलिस ने जिन दो लोगों को पकड़ा है, उनकी पहचान 22 वर्षीय आशीष एहलावत और 25 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है। आशीष एहलावत झज्जर का रहने वाला है, जबकि दीपक रोहतक से ताल्लुक रखता है। दस्तावेजों के मुताबिक आशीष एहलावत, पिता सुरेन्द्र सिंह, ग्राम दुजाना, जिला झज्जर, हरियाणा का निवासी है और उसकी उम्र 22 साल है। वहीं दीपक भी सुरेन्द्र सिंह का पुत्र है, जो तहसील एवं जिला रोहतक के सुनारिया खुर्द का रहने वाला है और 25 वर्ष का है।\n\nफर्जी नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट से पहुंचे थे शिमला\nजांच में सामने आया कि दोनों आरोपी हरियाणा से एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में शिमला आए थे। कार थी तो हरियाणा नंबर की, लेकिन पकड़ में आने से बचने के लिए इस पर हिमाचल प्रदेश का फर्जी पंजीकरण लगाया गया था। इस गाड़ी पर हिमाचल के रोहड़ू का (HP-10) नंबर चस्पा किया गया था ताकि किसी को शक न हो।\n\nदोनों पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे\nएएसपी शिमला अभिषेक धीमान ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। आशीष एहलावत पर पुलिस स्टेशन अर्बन एस्टेट रोहतक में धारा-308 BNS के तहत पहले से केस चल रहा है। वहीं दीपक का आपराधिक रिकॉर्ड और भी लंबा है, उस पर पहले से 4 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें दो आर्म्स एक्ट के, एक मारपीट का और एक 308 BNS का मामला शामिल है।\n\nपुलिस को क्यों ले जाने पड़े हथियार\nआमतौर पर देखा जाता है कि हिमाचल पुलिस जब किसी अपराधी को पकड़ती है तो गिरफ्तारी की तस्वीरों में हथियार नजर नहीं आते। लेकिन इस बार माजरा अलग था। चूंकि दोनों आरोपी पेशेवर शूटर थे और हरियाणा जैसे राज्य में दबिश देनी थी, इसलिए पुलिस को पूरी तरह हथियारों से लैस होकर ही कार्रवाई करनी पड़ी। दरअसल हरियाणा में अपराधियों से भिड़ने पर जान का खतरा बना रहता है, यही वजह रही कि टीम सतर्कता बरतते हुए हथियारों के साथ रवाना हुई।\n\nपोस्टमार्टम में सामने आई गोलियों की सच्चाई\nपोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस हत्याकांड की क्रूरता उजागर कर दी। मनीषा मित्तल को कुल 3 गोलियां मारी गई थीं। इनमें से 2 गोलियां शरीर के आर-पार निकल गईं, जबकि 1 गोली सिर में जाकर फंस गई।\n\n39 घंटे में सुलझाई गई गुत्थी\nशिमला पुलिस ने अपनी प्रेस रिलीज में बताया कि इस संवेदनशील हत्याकांड को मात्र 39 घंटों के भीतर सुलझा लिया गया और दोनों पेशेवर शूटरों को दबोच लिया गया। मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिन्हें हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों के साथ ही हरियाणा समेत दूसरे राज्यों के संभावित ठिकानों पर रवाना किया गया। जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डाटा और सीसीटीवी फुटेज का गहराई से विश्लेषण किया गया तथा डिजिटल साक्ष्यों को भी खंगाला गया।\n\nपरिजनों से भी पूछताछ, बेटी को सुरक्षा\nजांच के दायरे में मनीषा मित्तल के परिजन भी हैं। पुलिस उनके भाई और पति से पूछताछ कर रही है। वहीं हत्या की इस वारदात के बाद प्रोटोकॉल के तहत मनीषा मित्तल की बेटी को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है।\n\nआगे क्या\nपुलिस आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को हरियाणा से हिमाचल प्रदेश लाएगी और मंगलवार को इन्हें जिला अदालत शिमला में पेश किया जाएगा। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर भी पड़ताल जारी है और पुलिस हर पहलू को बारीकी से जांच रही है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह मामला दिखाता है कि अंतरराज्यीय अपराधी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदात करते हैं, इसलिए वाहनों की पहचान और सीसीटीवी निगरानी आम लोगों की सुरक्षा के लिए अहम है।\n• शिमला में: संजौली और आसपास के इलाकों के निवासियों के लिए राहत की बात है कि पुलिस ने 40 घंटे में आरोपी पकड़ लिए, पर बाहरी राज्यों के शूटरों की मौजूदगी स्थानीय सतर्कता की जरूरत बताती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मनीषा मित्तल कौन थीं और उनके साथ क्या हुआ?\nमनीषा मित्तल शिमला के संजौली स्थित एक निजी स्कूल की संचालिका थीं, जिनकी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गोली मारकर हत्या कर दी गई।\n\n2. आरोपियों को कहां से और कितनी देर में पकड़ा गया?\nदोनों आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने वारदात के 40 घंटे के भीतर यह कार्रवाई की, प्रेस रिलीज के अनुसार मामला 39 घंटों में सुलझा।\n\n3. मनीषा मित्तल को कितनी गोलियां लगी थीं?\nपोस्टमार्टम के अनुसार उन्हें 3 गोलियां मारी गई थीं, जिनमें से 2 आर-पार हो गईं और 1 सिर में फंस गई।\n\n4. आरोपियों को अदालत में कब पेश किया जाएगा?\nकागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों को हरियाणा से हिमाचल लाकर मंगलवार को जिला अदालत शिमला में पेश किया जाएगा।",
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  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-06-16",
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    "शिमला स्कूल मर्डर",
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