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  "type": "article",
  "title": "शिमला के जुब्बल में धीरेन्द्र हत्याकांड का पर्दाफाश, नेपाल भागने की फिराक में थे दोनों आरोपी गिरफ्तार",
  "summary": "शिमला पुलिस ने जुब्बल में हुए धीरेन्द्र हत्याकांड को सुलझाते हुए दो नेपाली आरोपियों को टूटीकंडी बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया है। शराब पीने के दौरान हुए विवाद में आरोपियों ने बोतल के कांच से गला रेतकर हत्या की थी और इसे दुर्घटना दिखाने की कोशिश की थी।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित जुब्बल इलाके में हुए बहुचर्चित मर्डर मिस्ट्री को स्थानीय पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-705 पर हुई इस सनसनीखेज वारदात के सिलसिले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। नेपाल भागने की ताक में बैठे दोनों नेपाली युवकों को शिमला के टूटीकंडी बस स्टैंड से दबोचा गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए अपनी आगामी कार्रवाई और जांच में जुटी हुई है।\n\nघटना की रात और पुलिस की शुरुआती जांच\nपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 की रात साहिल नामक एक शिकायतकर्ता अपने साथियों के साथ हाटकोटी से मंडोल की ओर जा रहा था। इसी दौरान दोची के समीप सड़क किनारे एक व्यक्ति गंभीर हालत में खून से लथपथ पड़ा हुआ दिखाई दिया। इस बात की सूचना तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को दी गई, जो मौके पर पहुंची और जांच के बाद व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल की गहन छानबीन के दौरान मुख्य सड़क से नीचे नाले की ओर जाने वाले एक कच्चे रास्ते पर भी खून के निशान पाए गए। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने हत्या का अंदेशा जताते हुए अपनी तफ्तीश शुरू की थी।\n\nमामला दर्ज और मृतक की पहचान\nइस पूरे मामले के संबंध में पुलिस थाना जुब्बल में 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के अंतर्गत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। शुरुआती जांच में मृतक की पहचान 33 वर्षीय धीरेन्द्र थापा के रूप में हुई, जो भीम बहादुर का पुत्र था और मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। वह जुब्बल तहसील के दोची डाकघर के अंतर्गत आने वाले बाउली गांव में रहकर मजदूरी का काम करता था। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं।\n\nशराब के नशे में हुआ था खूनी संघर्ष\nपुलिस की विस्तृत जांच में यह हैरान करने वाला खुलासा हुआ है कि वारदात से पहले मृतक और दोनों आरोपी एक साथ बैठकर शराब का सेवन कर रहे थे। इसी मेल-जोल और शराब पीने के दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक और झगड़ा शुरू हो गया। गुस्से में आकर एक आरोपी ने शराब की एक बोतल तोड़ दी और उसके टूटे हुए धारदार कांच से धीरेन्द्र का गला रेत दिया। इस घातक हमले के कारण धीरेन्द्र थापा की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर उसके शव को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे फेंक दिया, ताकि यह पूरी घटना एक सड़क दुर्घटना लगे और किसी को शक न हो।\n\nगिरफ्तारी और भागने की नाकाम कोशिश\nकानून के शिकंजे से बचने के लिए दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन पूरी तरह से बंद कर लिए थे और उस क्षेत्र से फरार होने की कोशिश में जुट गए। पुलिस के मुताबिक, वे दोनों सबसे पहले खड़ापत्थर पहुंचे और वहां से एक पिकअप वाहन में लिफ्ट लेकर ठियोग के पास तक आए। रास्ते में पुलिस की कड़ी नाकाबंदी और चेकिंग के डर से उन्होंने अपनी पूरी रात जंगल में छिपकर बिताई। इसके बाद वे शिमला के रास्ते नेपाल भागने की पुख्ता तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और स्थानीय मुखबिरों से सूचनाएं जुटाकर एक जाल बिछाया। इसी के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को शिमला के आईएसबीटी से धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय सूर्य दमाई उर्फ अनिश, जो नेपाल के गुल्मी जिले का रहने वाला है, और 27 वर्षीय सुमन खड़का, जो नेपाल के सल्यान जिले का निवासी है, के रूप में हुई है। पुलिस अब दोनों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है।\n\nइसका आप पर असर\nजुब्बल और शिमला क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों के लिए यह घटना सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से एक चेतावनी है।\n\n• भारत में: देश भर में प्रवासियों और स्थानीय कामगारों के बीच होने वाले आपसी विवादों और सुरक्षा के मुद्दों पर यह मामला एक गंभीर उदाहरण पेश करता है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रहा है ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे।\n• शिमला में: जुब्बल और टूटीकंडी बस स्टैंड क्षेत्र के निवासियों को रात के समय आवाजाही में अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए निगरानी और सीसीटीवी कैमरों की जांच तेज कर दी है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nधीरेन्द्र थापा की हत्या का मुख्य कारण शराब पीने के दौरान उपजा आपसी विवाद था। आरोपी शराब के नशे में आपस में उलझ गए थे, जिसके बाद बात बढ़ने पर उन्होंने कांच से हमला कर दिया।\n\n• आपसी कहासुनी: मृतक और दोनों आरोपी घटना से पहले एक साथ शराब पी रहे थे, जिसके दौरान अचानक विवाद शुरू हो गया।\n• क्रूर हमला: गुस्से में आकर आरोपियों ने कांच की बोतल तोड़कर धीरेन्द्र का गला काट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।\n• दुर्घटना का नाटक: पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे फेंक दिया ताकि इसे सड़क दुर्घटना का रूप दिया जा सके।\n• भागने की फिराक में: गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और जंगल के रास्ते नेपाल भागने की योजना बनाई थी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना कहां और कब घटी?\nयह घटना 18 अक्टूबर 2026 की रात शिमला से लगभग 80 किलोमीटर दूर जुब्बल के दोची मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-705 पर घटी।\n\n2. मृतक की पहचान किस रूप में हुई?\nमृतक की पहचान 33 वर्षीय धीरेन्द्र थापा के रूप में हुई, जो नेपाल का रहने वाला था और जुब्बल के बाउली गांव में मजदूरी करता था।\n\n3. हत्या किस प्रकार की गई थी?\nजांच में सामने आया कि शराब पीने के दौरान हुए झगड़े के बाद आरोपियों ने टूटी हुई शराब की बोतल के कांच से धीरेन्द्र का गला काट दिया था।\n\n4. पुलिस ने आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया?\nशिमला पुलिस ने दोनों आरोपियों को शिमला के टूटीकंडी बस स्टैंड से गिरफ्तार किया, जो नेपाल भागने की तैयारी कर रहे थे।\n\n5. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम क्या हैं?\nगिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूर्य दमाई उर्फ अनिश और सुमन खड़का के रूप में हुई है, जो दोनों नेपाल के रहने वाले हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/himachal-pradesh/shimla-ke-jubbal-me-dhirendra-hatyakand-ka-pardafash-nepal-bhagne-ki-firak-me-the-dono-aaropi-giraftaar-50380",
  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-22",
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    "शिमला मर्डर केस",
    "जुब्बल हत्याकांड",
    "हिमाचल प्रदेश अपराध",
    "टूटीकंडी बस स्टैंड",
    "जुब्बल पुलिस",
    "धीरेन्द्र थापा"
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  "site": "TrendKia"
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