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  "type": "article",
  "title": "शिमला-मटौर कॉरिडोर पर कांगड़ा बाईपास वाहनों के लिए शुरू, टनल और पुल से घटा 3.5 किमी का चक्कर",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश में भंगबार-कांगड़ा खंड पर नया कांगड़ा बाईपास ट्रायल आधार पर खोल दिया गया है, जिससे धर्मशाला और मैक्लोडगंज का सफर सुगम होगा और शहर में जाम से मुक्ति मिलेगी।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन शहरों धर्मशाला, कांगड़ा और मैक्लोडगंज की यात्रा करने वाले मुसाफिरों और स्थानीय निवासियों को सड़क यातायात में बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने शिमला-मटौर कॉरिडोर के महत्वपूर्ण भंगबार-कांगड़ा यानी एनएच-503 खंड पर तैयार किए गए कांगड़ा बाईपास को 1 नवंबर से ट्रायल के तौर पर वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। इस मार्ग पर रियुंद खड्ड पर बने 155 मीटर लंबे नए पुल का निर्माण कार्य पूरा होते ही गाड़ियां फर्राटा भरने लगी हैं, जिससे पहाड़ी रास्तों पर लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी देखने को मिलेगी।\n\nदूरी घटकर आधी हुई और जाम का झंझट खत्म\nचमेला क्षेत्र से शुरू होकर गुजरने वाले इस नए बाईपास की कुल लंबाई लगभग 4.5 किलोमीटर है। इस नई सड़क के चालू होने से कांगड़ा शहर के मुख्य बाजार और आंतरिक मार्गों से होकर गुजरने वाले पुराने रास्ते पर गाड़ियों का भारी दबाव कम हो जाएगा। इससे पहले वाहन चालकों को शहर के अंदरूनी घुमावदार रास्ते से तकरीबन 8 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता था। अब इस नए बाईपास के जरिए यह दूरी सीधे घटकर 4.5 किलोमीटर रह गई है। खासतौर पर जब राज्य में पर्यटन सीजन चरम पर होता है, तब कांगड़ा नगर में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से न केवल पर्यटकों बल्कि रोजमर्रा के कामकाजी स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी, जिससे अब पूरी तरह निजात मिलेगी।\n\nट्विन-ट्यूब टनल और विशाल पुलों का तकनीकी ढांचा\nइस आधुनिक सड़क संरचना को पहाड़ी भूगोल की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पूरी महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत 593 मीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग बनाई गई है। इसके साथ ही करीब 477 मीटर की कुल लंबाई वाले तीन प्रमुख पुल, 160 मीटर लंबा एक वायाडक्ट और 455 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज कम वायाडक्ट तैयार किया गया है। इस पूरे ढांचे के निर्माण से सड़क की मजबूती और गति दोनों में सुधार हुआ है।\n\nनादौन और हमीरपुर तक आवाजाही होगी बेहद तेज\nकांगड़ा बाईपास पर वाहनों का संचालन शुरू होने के बाद कांगड़ा से नादौन पहुंचने में अब केवल 35 मिनट का समय लगेगा। इसी तरह हमीरपुर तक का सफर भी सिमटकर करीब 60 मिनट यानी एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा। रानीताल से आगे बालूग्लोआ पुल का निर्माण कार्य भी अपने अंतिम चरण में है और इसे एक महीने के भीतर यातायात के लिए चालू करने की तैयारी है, जिससे आगे का सफर और अधिक सुगम हो जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया हमीरपुर के परियोजना निदेशक राकेश यादव के अनुसार उच्च अधिकारियों के दिशानिर्देशों के बाद पुल और टनल पर यातायात शुरू करवा दिया गया है। आने वाले कुछ दिनों में पुल पर आधुनिक लाइटें भी स्थापित कर दी जाएंगी, जबकि पुल के अप्रोच हिस्से के आसपास सुरक्षा संबंधी कार्य लगातार जारी रखे जाएंगे।\n\nचार जिलों से गुजरने वाली 10,000 करोड़ रुपये की फोरलेन परियोजना\nहिमाचल प्रदेश में बन रही शिमला-कांगड़ा-मटौर फोरलेन परियोजना की कुल लंबाई लगभग 223 किलोमीटर है। इसे पूरा करने में करीब 10,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान तय किया गया है। यह फोरलेन राज्य के चार प्रमुख जिलों शिमला, बिलासपुर, कांगड़ा और हमीरपुर से होकर गुजर रहा है। अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इस पूरी परियोजना के विभिन्न हिस्सों की निर्माण स्थिति और उनकी लागत अलग-अलग तय की गई है। इसमें हमीरपुर बाईपास के लिए लगभग 17.12 किलोमीटर, कांगड़ा जिले में चीलबहाल से भंगवार खंड में 36.98 किलोमीटर तथा भंगवार से कांगड़ा बाईपास तक की दूरी 18.13 किलोमीटर निर्धारित है, जिसके साथ बिलासपुर और शिमला के हिस्सों में भी फोरलेन का निर्माण किया जाएगा।\n\nइसका आप पर असर\nइस नए बाईपास के खुलने से धर्मशाला और मैक्लोडगंज जाने वाले सैलानियों और स्थानीय मुसाफिरों को यात्रा में 3.5 किलोमीटर की दूरी और काफी समय की बचत होगी।\n\n• हिमाचल प्रदेश में: कांगड़ा शहर के अंदरूनी बाजारों में लगने वाले भारी जाम से आम जनता को राहत मिलेगी। 1 नवंबर से शुरू हुए इस बाईपास के कारण धर्मशाला, नादौन और हमीरपुर के बीच की यात्रा का समय घटकर आधा रह गया है।\n• पर्यटकों के लिए: पीक सीजन में मैक्लोडगंज और धर्मशाला जाने वाले वाहनों को संकरी गलियों में घंटों फंसने की जरूरत नहीं होगी। सीधे 4.5 किलोमीटर लंबे नए रास्ते से वाहन फर्राटा भरकर आगे निकल सकेंगे।\n• दैनिक यात्रियों के लिए: कांगड़ा से नादौन केवल 35 मिनट और हमीरपुर 60 मिनट में तय किया जा सकेगा। इससे नौकरीपेशा और व्यवसायियों की आवाजाही पहले से काफी सस्ती और आसान बनेगी।\n• आगामी बदलाव: अगले एक महीने में बालूग्लोआ पुल भी तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद रानीताल के आगे का सफर भी बिना किसी बाधा के पूरा होने लगेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nकांगड़ा शहर में पुराने संकरे रास्ते पर ट्रैफिक का भारी दबाव और लगातार लगने वाला जाम इस नए फोरलेन बाईपास को बनाने की मुख्य वजह बना।\n\n• शहरी जाम का दबाव: पुराना मार्ग कांगड़ा के बीचों-बीच से होकर गुजरता था, जहां 8 किलोमीटर का रास्ता तय करने में भारी वक्त बर्बाद होता था। इसी बाधा को खत्म करने के लिए चमेला से 4.5 किलोमीटर का सीधा वैकल्पिक बाईपास तैयार किया गया।\n• पुल निर्माण की पूर्णता: रियुंद खड्ड पर 155 मीटर लंबे पुल का ढांचा तैयार होने के बाद ही एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने 1 नवंबर से ट्रायल ट्रैफिक शुरू करने की अनुमति दी। पुल का काम पूरा होते ही टनल और बाईपास को आपस में जोड़ दिया गया।\n• फोरलेन गलियारे का विस्तार: यह निर्माण कार्य 223 किलोमीटर लंबे शिमला-कांगड़ा-मटौर 10,000 करोड़ रुपये के विस्तृत फोरलेन प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है। पूरे राज्य में प्रमुख पर्यटन और व्यापारिक केंद्रों को तेज गति वाली सड़कों से जोड़ने के लक्ष्य के तहत इसे प्राथमिकता दी गई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कांगड़ा बाईपास को यातायात के लिए कब खोला गया?\nइस बाईपास को 1 नवंबर से वाहनों के लिए ट्रायल आधार पर शुरू किया गया है।\n\n2. नए बाईपास से दूरी में कितनी कमी आई है?\nपहले पुराने रास्ते से 8 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था, जो नए 4.5 किलोमीटर लंबे बाईपास से घटकर लगभग आधा रह गया है।\n\n3. इस बाईपास में टनल और पुलों की क्या विशेषताएं हैं?\nइसमें 593 मीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल, रियुंद खड्ड पर 155 मीटर लंबा पुल, 477 मीटर कुल लंबाई के तीन बड़े पुल, एक 160 मीटर का वायाडक्ट और 455 मीटर लंबा रेलवे ओवरब्रिज कम वायाडक्ट शामिल हैं।\n\n4. कांगड़ा से नादौन और हमीरपुर पहुंचने में अब कितना समय लगेगा?\nअब कांगड़ा से नादौन महज 35 मिनट में और हमीरपुर करीब 60 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।\n\n5. शिमला-कांगड़ा-मटौर फोरलेन की कुल लंबाई और अनुमानित लागत क्या है?\nइस पूरे फोरलेन की कुल लंबाई लगभग 223 किलोमीटर है और इस पर करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।\n\n6. रानीताल के आगे किस पुल का काम जल्द पूरा होने वाला है?\nरानीताल से आगे बालूग्लोआ पुल का काम जारी है और इसके एक महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।",
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