शिमला में नशा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार, 20 संपत्तियां कुर्क शिमला में चिट्टा तस्करी नेटवर्क पर वित्तीय कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों और उनके सहयोगियों की ₹4.13 करोड़ मूल्य की 20 संपत्तियां जब्त की हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने आर्थिक स्तर पर व्यापक अभियान छेड़ दिया है। अगस्त 2024 में पकड़े गए चिट्टा तस्करी के एक प्रकरण में वित्तीय जांच आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने ₹4.13 करोड़ की अनुमानित कीमत वाली कुल 20 चल और अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह पूरी संपत्ति तस्करी में लिप्त मुख्य अभियुक्तों तथा उनके सहयोगियों द्वारा गैरकानूनी कमाई से खड़ी की गई थी, जिसका कोई वैध आय स्रोत जांचकर्ताओं के सामने नहीं आ सका। होटल के कमरे से बरामदगी के बाद खुला बड़ा नेटवर्क इस पूरे मामले का सूत्रपात 13 अगस्त 2024 को हुआ था, जब शिमला के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में छापेमारी की गई थी। वहां से बिहार के लखीसराय निवासी सूरज और आरा निवासी रोहित पांडे को पकड़ा गया था, जो उस समय दक्षिण दिल्ली में रह रहे थे। उनके पास से 6.5 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इसके अगले ही दिन यानी 14 अगस्त 2024 को पुलिस थाना सदर में औपचारिक प्राथमिकी दर्ज की गई। शुरुआती धरपकड़ के बाद तफ्तीश आगे बढ़ी, जिसमें फॉरवर्ड और बैकवर्ड कड़ियों की पड़ताल करते हुए इस सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया। गहन वित्तीय पड़ताल और 19 लोगों की संपत्तियों की पहचान साल 2026 में इस मामले की कड़ियों को आर्थिक कोण से खंगालने का काम शुरू हुआ। अधिकारियों ने आरोपियों और उनके निकट संबंधियों की बैलेंस शीट, बैंक खातों तथा संपत्ति दस्तावेजों की बारीक छानबीन की। इस प्रक्रिया में 9 मुख्य आरोपियों और उनके 10 सहयोगियों को मिलाकर कुल 19 लोगों के वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की गई। किसी भी संदिग्ध के पास इन महंगी जायदादों की खरीद के लिए कोई जायज या प्रमाणित वित्तीय आधार मौजूद नहीं था। साक्ष्यों की पुष्टि होने पर अधिकारियों ने पाया कि यह पूरा साम्राज्य नशे के अवैध धंधे से जुटाए गए पैसों से खड़ा किया गया था। कुर्क की गई चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा कार्रवाई के दायरे में लाई गई 20 संपत्तियों में कई कीमती संपत्तियां शामिल हैं। इनमें दो आवासीय जमीन के भूखंड, दो स्वतंत्र रिहायशी मकान, एक फ्लैट, पर्यटकों के ठहरने के लिए बना एक होम-स्टे और थार जैसी गाड़ियों समेत लगभग 15 चार पहिया वाहन शामिल हैं। इन सभी की संयुक्त कीमत ₹4.13 करोड़ आंकी गई है। अवैध कमाई के इस भारी भरकम ढांचे को ध्वस्त करने के लिए सभी चिन्हित संपत्तियों को जब्त करने की विधिक प्रक्रिया पूरी की गई। साल 2026 में वित्तीय चोट पर पुलिस का नया फोकस तस्करों के आर्थिक तंत्र को छिन्न-भिन्न करने की यह रणनीति इस वर्ष काफी आक्रामक रूप ले चुकी है। वर्ष 2026 के दौरान शिमला में एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज 15 अलग-अलग मामलों में अब तक 68 आरोपियों व सहयोगियों की कुल ₹12.52 करोड़ से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इन मामलों में जब्त की गई चीजों में कमर्शियल दुकानें, आवासीय फ्लैट, भूखंड, लग्जरी वाहन, बैंक खाते, नकदी और सोने के जेवरात शामिल हैं। एएसपी सिटी शिमला महर पंवर के अनुसार पुलिस की प्राथमिकता अब अवैध कारोबार से जुटाई गई संपत्ति को जब्त कर तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने पर है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 और 2025 में इस तरह का कोई बड़ा वित्तीय जब्ती अभियान नहीं चलाया गया था। अब पुलिस केवल नशीले पदार्थों की जब्ती और गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर सीधे तस्करी के वित्तीय आधार को निशाना बना रही है। इसका आप पर असर नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर जब्ती की कार्रवाई से मादक पदार्थों के व्यापार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। • भारत में: देश भर में जांच एजेंसियां अब नशा तस्करी के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए संपत्तियां जब्त कर रही हैं। इससे संगठित सिंडिकेट्स की वित्तीय फंडिंग पर सीधा प्रहार होता है। • शिमला में: हिमाचल प्रदेश की राजधानी में पर्यटन की आड़ में नशा फैलाने वालों और होम-स्टे जैसी संपत्तियों के दुरुपयोग पर शिकंजा कसेगा। स्थानीय नागरिकों और युवाओं की सुरक्षा के लिए अवैध गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी और सख्त होगी। • संपत्ति मालिकों के लिए: बिना वैध दस्तावेज और आय स्रोत के खरीदी गई संपत्तियां पुलिस जब्ती के दायरे में आ सकती हैं। होटल और होम-स्टे संचालकों को अपने यहां रुकने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी पुलिस से साझा करने में अधिक सतर्कता बरतनी होगी। • वाहन डीलरों और खरीदारों के लिए: अपराधियों के नाम दर्ज गाड़ियां जब्त होने से सेकंड-हैंड वाहन खरीदते समय बैकग्राउंड वेरिफिकेशन अनिवार्य हो गया है। बिना उचित सत्यापन किसी भी वाहन का सौदा करने पर कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह जब्ती अगस्त 2024 में दो अंतरराज्यीय तस्करों की गिरफ्तारी के बाद शुरू की गई लंबी वित्तीय जांच का सीधा परिणाम है। • प्रारंभिक जब्ती और प्राथमिकी: 13 अगस्त 2024 को पुराने बस स्टैंड शिमला के एक होटल से दो युवकों से 6.5 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। इसके अगले दिन सदर थाने में मामला दर्ज कर सिंडिकेट के फॉरवर्ड और बैकवर्ड संपर्कों की धरपकड़ की गई। • अवैध आय का अभाव: 2026 में शुरू हुई वित्तीय जांच में 19 आरोपियों और सहयोगियों की संपत्तियों की पड़ताल हुई। जांचकर्ताओं को इन लग्जरी गाड़ियों, जमीनों और मकानों की खरीद के पीछे कोई वैध आय स्रोत नहीं मिला। • रणनीतिक बदलाव: 2024 और 2025 में वित्तीय जब्ती का अभाव रहने के बाद 2026 में पुलिस ने तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने को अपनी मुख्य रणनीति बनाया। इसके चलते अवैध कमाई से खड़ी की गई 20 संपत्तियों को कानूनन कुर्क किया गया। सवाल-जवाब 1. शिमला पुलिस ने कुल कितने मूल्य की संपत्ति जब्त की है? पुलिस ने चिट्टा तस्करी से जुड़े इस मामले में करीब ₹4.13 करोड़ मूल्य की 20 चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। 2. इस मामले की शुरुआत कब और किस बरामदगी से हुई थी? यह मामला 13 अगस्त 2024 को पुराने बस स्टैंड शिमला के एक होटल से 6.5 ग्राम चिट्टा बरामद होने के साथ शुरू हुआ था। 3. किन मुख्य अभियुक्तों के खिलाफ यह कार्रवाई शुरू हुई थी? शुरुआती मामले में बिहार निवासी और दक्षिण दिल्ली में रह रहे सूरज तथा रोहित पांडे को गिरफ्तार किया गया था। 4. जब्त की गई 20 संपत्तियों में क्या-क्या शामिल है? इनमें दो आवासीय प्लॉट, दो घर, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे और थार समेत करीब 15 गाड़ियां शामिल हैं। 5. साल 2026 में शिमला पुलिस अब तक कितनी संपत्ति जब्त कर चुकी है? साल 2026 में अब तक 15 NDPS मामलों में 68 आरोपियों व सहयोगियों की ₹12.52 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। https://trendkia.com/himachal-pradesh/shimla-men-nasha-taskaron-ke-vittiya-netavarka-para-prahara-20-snpattiyan-kurka-36088 TrendKia — Har trend, sabse pehle.