# शिमला से रामपुर और रिकांगपिओ तक उड़ेगा हेलीकॉप्टर, संजौली से शुरू हो रहा नया हवाई सफर

> हिमाचल प्रदेश में दूरदराज के इलाकों को जोड़ने के लिए संजौली से रामपुर और रिकांगपिओ के बीच तीन दिन हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जा रही है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/shimla-se-rampur-aura-reckong-peo-taka-urega-helikoptara-sanjauli-se-shuru-ho-raha-naya-havai-saphara-49610 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश, हेलीकॉप्टर सेवा, संजौली, रामपुर, रिकांगपिओ, उड़ान योजना, पवन हंस, सुखविंदर सिंह सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के कठिन पहाड़ी इलाकों में सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी शिमला के संजौली हेलीपोर्ट से रामपुर और आगे जनजातीय क्षेत्र रिकांगपिओ तक नियमित हेलीकॉप्टर सेवा संचालित करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। 21 अक्तूबर, 2026 से इस हवाई सेवा का विधिवत आगाज हो जाएगा, जिससे सड़क मार्ग पर घंटों लगने वाला सफर मिनटों में सिमट जाएगा। राज्य प्रशासन ने इस पूरे यात्रा कार्यक्रम और समय सारिणी को अंतिम रूप दे दिया है, जिससे किन्नौर और शिमला के दूरदराज इलाकों में रहने वाले नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है।

## सप्ताह में तीन दिन उड़ान और समय सारिणी का पूरा ब्योरा
हवाई संपर्क को सुगम बनाने के लिए तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार यह हेलीकॉप्टर सेवा हर हफ्ते तीन दिन, यानी सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को चलाई जाएगी। सुबह के वक्त संजौली से यह उड़ान 9:55 बजे रवाना होगी और महज पैंतीस मिनट के भीतर सुबह 10:30 बजे रामपुर पहुंच जाएगी। इसके बाद रामपुर से रिकांगपिओ के लिए यही हेलीकॉप्टर सुबह 10:50 बजे उड़ान भरेगा और सुबह 11:25 बजे रिकांगपिओ में लैंड करेगा।

वापसी के सफर की बात करें तो रिकांगपिओ से हेलीकॉप्टर सुबह 11:30 बजे उड़ान भरकर दोपहर 12:05 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद रामपुर से शिमला के संजौली के लिए दोपहर 12:10 बजे प्रस्थान होगा और दोपहर 12:45 बजे हेलीकॉप्टर संजौली हेलीपोर्ट पर सुरक्षित उतरेगा। इस समय चक्र के चलते दूरदराज के लोग एक ही दिन में राजधानी पहुंचकर अपने जरूरी काम निपटाने के बाद आसानी से वापस भी लौट सकेंगे।

## स्थानीय लोगों से संवाद के बाद उठाया गया कदम
इस हवाई संपर्क की शुरुआत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र के दौरे के दौरान दिए गए आश्वासन के आधार पर की जा रही है। रामपुर प्रवास के समय मुख्यमंत्री ने स्थानीय बाशिंदों के साथ सीधा संवाद किया था, जहां लोगों ने सर्दियों और बारिश के मौसम में पेश आने वाली गंभीर यात्रा समस्याओं का जिक्र किया था। दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण आम लोगों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए संजौली और रामपुर के बीच हवाई रूट खोलने का फैसला लिया गया।

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के उपरांत पवन हंस लिमिटेड ने क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान के अंतर्गत इस शिमला-रामपुर मार्ग पर अपनी सेवाएं देने का औपचारिक अनुरोध भेजा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस सेवा के शुरू होने से रामपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के मरीजों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को शिमला के बड़े अस्पतालों तथा सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने के लिए एक भरोसेमंद वैकल्पिक साधन मिल जाएगा।

## उड़ान 5.1 के तहत कई शहरों का नेटवर्क
हिमाचल प्रदेश में हवाई संपर्क को व्यापक बनाने के लिए क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान 5.1 के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण मार्गों का आवंटन किया गया है। इसमें शिमला, रामपुर, रिकांगपिओ, कुल्लू, मनाली, मंडी और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ने वाले रूट हेरिटेज एविएशन और पवन हंस लिमिटेड को सौंपे गए हैं।

वर्तमान व्यवस्था में हेरिटेज एविएशन द्वारा शिमला-रिकांगपिओ, शिमला-कुल्लू-शिमला तथा चंडीगढ़-मंडी वाया कुल्लू हवाई मार्गों पर नियमित उड़ानों का संचालन किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पवन हंस लिमिटेड संजौली (शिमला) और चंडीगढ़ के बीच सप्ताह में तीन दिन अपनी हेलीकॉप्टर सेवा दे रहा है। इन उड़ानों के जरिए प्रदेश के कई अलग-अलग पर्यटन और व्यापारिक केंद्र अब सीधे तौर पर राजधानी तथा पड़ोसी मैदानी राज्यों से जुड़ने लगे हैं।

## हर महीने 35.70 लाख रुपये की वित्तीय मदद
राज्य सरकार पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई यात्रा को नियमित बनाए रखने के लिए भारी भरकम वित्तीय मदद भी दे रही है। राज्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत हर हफ्ते 9 अतिरिक्त उड़ानों का संचालन किया जाता है, जिसमें वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) की शत-प्रतिशत राशि राज्य सरकार खुद अपनी जेब से चुकाती है।

इन अतिरिक्त उड़ानों के सुचारू संचालन पर राज्य सरकार का मासिक खर्च लगभग 35.70 लाख रुपये बैठता है। इस बड़े वित्तीय सहयोग की बदौलत ही शिमला और चंडीगढ़ के बीच सप्ताह के छह दिन नियमित हवाई संपर्क सुनिश्चित हो सका है। सरकार का मुख्य मकसद यह है कि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित और तेज यात्रा का लाभ निरंतर मिलता रहे।

## इसका आप पर असर
शिमला, रामपुर और किन्नौर क्षेत्र के निवासियों के लिए यात्रा के समय में भारी कटौती होगी और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।

- **भारत में:** पहाड़ी राज्यों में क्षेत्रीय हवाई संपर्क मजबूत होने से दुर्गम पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच सुगम होगी। यह योजना दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास को रफ्तार देगी।
- **हिमाचल प्रदेश में:** रामपुर और रिकांगपिओ के लोग अब सड़क के घंटों लंबे थकाऊ सफर के बजाय केवल 35 से 40 मिनट में राजधानी शिमला पहुंच सकेंगे। गंभीर मरीजों और बुजुर्गों को शिमला के बड़े चिकित्सा संस्थानों तक ले जाना बेहद त्वरित और सुरक्षित हो जाएगा।
- **सप्ताह में तीन दिन सुविधा:** सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को निर्धारित समय पर चलने वाली इस सेवा से स्थानीय यात्री अपने आधिकारिक और निजी कार्य एक ही दिन में निपटा सकते हैं। टिकट बुकिंग और यात्रा योजना बनाने के लिए यात्रियों को पहले से तय समय सारिणी का लाभ मिलेगा।
- **चंडीगढ़ संपर्क:** शिमला से चंडीगढ़ के बीच छह दिन हवाई संपर्क उपलब्ध रहने से राज्य के बाहर इलाज और व्यवसाय के लिए जाने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। मासिक सब्सिडी के चलते यह सेवाएं निरंतर और बिना रुकावट जारी रहेंगी।

## ऐसा क्यों हुआ
कठिन पहाड़ी रास्तों, भूस्खलन के खतरों और लंबी यात्रा अवधि की समस्याओं को दूर करने के लिए इस हेलीकॉप्टर सेवा को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री के रामपुर दौरे के समय स्थानीय निवासियों ने राजधानी तक त्वरित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की जोरदार मांग रखी थी।

- **कठिन भौगोलिक परिस्थितियां:** शिमला से रामपुर और किन्नौर का सड़क मार्ग अक्सर बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन के कारण बाधित हो जाता है। ऐसे में दूरदराज के इलाकों में आवश्यक सेवाओं और आपातकालीन आवाजाही के लिए हवाई साधन सबसे सुरक्षित विकल्प साबित होता है।
- **स्थानीय लोगों की सीधी मांग:** मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रामपुर प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने परिवहन संबंधी कठिनाइयों को प्रमुखता से उठाया था। इस जनसंवाद के बाद सरकार ने संजौली-रामपुर हेलीकॉप्टर रूट शुरू करने का औपचारिक निर्णय लिया।
- **उड़ान योजना का विस्तार:** केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान 5.1 और राज्य सरकार के वित्तीय सहयोग ने इस रूट को व्यावहारिक बनाया। पवन हंस लिमिटेड ने निर्धारित नियमों के तहत इस रूट पर सेवाएं संचालित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे मंजूरी मिल गई।

## सवाल-जवाब

### 1. संजौली से रामपुर के बीच हेलीकॉप्टर सेवा कब से शुरू होगी?
यह हवाई सेवा 21 अक्तूबर, 2026 से नियमित रूप से शुरू होगी।

### 2. यह उड़ान सप्ताह में किन-किन दिनों संचालित की जाएगी?
हेलीकॉप्टर सेवा हफ्ते में तीन दिन सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को उपलब्ध रहेगी।

### 3. संजौली से रामपुर जाने वाले हेलीकॉप्टर का समय क्या है?
हेलीकॉप्टर संजौली से सुबह 9:55 बजे रवाना होगा और सुबह 10:30 बजे रामपुर पहुंचेगा।

### 4. क्या यह सेवा रिकांगपिओ तक भी जाएगी?
हां, यह उड़ान रामपुर से सुबह 10:50 बजे चलकर 11:25 बजे रिकांगपिओ पहुंचेगी और फिर वहां से वापस आएगी।

### 5. इस रूट पर उड़ान का संचालन कौन सी कंपनी कर रही है?
उड़ान योजना के अंतर्गत पवन हंस लिमिटेड इस मार्ग पर हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन करेगी।

### 6. हिमाचल सरकार उड़ानों की वित्तीय मदद के लिए कितना खर्च कर रही है?
राज्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत 9 अतिरिक्त उड़ानों के लिए सरकार हर महीने लगभग 35.70 लाख रुपये वीजीएफ खर्च करती है।

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