# शिमला जिला परिषद पर भाजपा का कब्जा, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस पस्त

> करीब 102 दिन के लंबे इंतजार और अदालती आदेश के बाद हुए शिमला जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों सीटों पर जीत दर्ज की है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/shimla-zila-parishad-para-bjp-ka-kabja-adhyaksha-aura-upadhyaksha-chunava-men-congress-pasta-30775 · **Language:** Hindi
**Tags:** शिमला, जिला परिषद चुनाव, भाजपा, कांग्रेस, हिमाचल प्रदेश, भूपेंद्र सिंह सिसोदिया, भरत सिंह कलान्टा

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित बचत भवन में आयोजित शिमला जिला परिषद के शीर्ष पदों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मार ली है। लंबे समय से अटके इस चुनावी मुकाबले में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल कर ली है, जबकि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।

## 25 सदस्यों वाली परिषद में यूं चला मतों का गणित
कुल 25 सदस्यों वाली शिमला जिला परिषद में सत्ता की राह किसी भी दल के लिए आसान नहीं थी, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पूर्ण बहुमत से दूर थे। ऐसे में दो निर्दलीय सदस्यों की भूमिका बेहद निर्णायक साबित हुई। चुनाव प्रक्रिया गुरुवार सुबह 10:30 बजे बचत भवन में शुरू हुई। अध्यक्ष पद के मुकाबले में वार्ड नंबर 14 चंदलोग से उम्मीदवार भाजपा समर्थित भूपेंद्र सिंह सिसोदिया को 13 वोट प्राप्त हुए। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र रेटका को मात्र 10 वोटों से संतोष करना पड़ा, जबकि गणना के दौरान 2 वोट अमान्य करार दिए गए।

## उपाध्यक्ष पद पर भी फहराया जीत का परचम
इसी तरह उपाध्यक्ष पद की जंग में भी भाजपा का पलड़ा भारी रहा। वार्ड नंबर 9 से भाजपा प्रत्याशी भारत सिंह कलान्टा ने 14 मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी के रूप में उतरी कांग्रेस की मीनाक्षी को केवल 10 वोट मिले और 1 वोट खारिज कर दिया गया। कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए वार्ड नंबर 5 सीमा रंटाडी से सुरेंद्र रेटका और उपाध्यक्ष पद के लिए वार्ड नंबर 11 से मीनाक्षी को चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन दोनों ही प्रत्याशियों को शिकस्त का सामना करना पड़ा।

## 102 दिन का इंतजार और हाई कोर्ट का दखल
यह चुनावी नतीजा 102 दिनों की लंबी प्रतीक्षा के बाद सामने आया है। जिला परिषद के सदस्यों के चुनाव संपन्न हुए तीन महीने बीत चुके थे, लेकिन अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन में लगातार देरी हो रही थी। विपक्षी दल भाजपा ने सत्तारूढ़ सुक्खू सरकार पर चुनाव प्रक्रिया में जानबूझकर रोड़े अटकाने और देरी करने के गंभीर आरोप लगाए थे। स्थिति स्पष्ट न होने पर भाजपा ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के कड़े रुख और निर्देशों के बाद ही जिला प्रशासन ने मतदान की समय-सीमा तय की और अंततः चुनाव संपन्न करवाए गए।

## इसका आप पर असर
शिमला जिला परिषद में नए नेतृत्व का चयन होने से ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। पिछले तीन महीनों से अटके प्रशासनिक कार्यों को अब दिशा मिलेगी।

- **हिमाचल प्रदेश में:** जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद शिमला जिले की विभिन्न पंचायतों में विकास निधि के बंटवारे और ग्रामीण योजनाओं की मंजूरी में आ रही रुकावट दूर होगी। इसके साथ ही सुक्खू सरकार के खिलाफ कानूनी लड़ाई में मिली इस जीत से विपक्षी भाजपा का मनोबल बढ़ेगा।
- **शिमला में:** स्थानीय निवासियों और जिला परिषद वार्डों के लोगों को सड़कों, पानी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े लंबित प्रस्तावों के पास होने से सीधा लाभ पहुंचेगा। नई परिषद के गठन से विकास कार्यों की निगरानी और जवाबदेही में सुधार होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह चुनाव नतीजा निर्दलीय सदस्यों के समर्थन और उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप का प्रत्यक्ष परिणाम है। महीनों से लटकी चुनावी प्रक्रिया को कानूनी आदेश के बाद ही संपन्न करवाया जा सका।

- **निर्दलीय सदस्यों की भूमिका:** 25 सदस्यों वाली परिषद में बहुमत के आंकड़े (13) तक पहुंचने के लिए निर्दलीय सदस्यों का समर्थन अनिवार्य था, जिसे जुटाने में भाजपा सफल रही।
- **उच्च न्यायालय का आदेश:** सुक्खू सरकार पर चुनाव टालने के आरोपों के बाद भाजपा के अदालत पहुंचने पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।
- **कांग्रेस में भितरघात और खारिज वोट:** अध्यक्ष पद के चुनाव में 2 वोट और उपाध्यक्ष में 1 वोट अमान्य घोषित हुआ, जिससे कांग्रेस का गणित और बिगड़ गया।

## सवाल-जवाब

### 1. शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष पद पर किसकी जीत हुई है?
भाजपा समर्थित उम्मीदवार भूपेंद्र सिंह सिसोदिया ने 13 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

### 2. उपाध्यक्ष पद के चुनाव में किसे सफलता मिली?
वार्ड नंबर 9 से भाजपा के भारत सिंह कलान्टा को 14 वोट मिले और वे उपाध्यक्ष चुने गए।

### 3. कांग्रेस प्रत्याशियों को कितने मत मिले?
अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र रेटका को 10 वोट मिले और उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार मीनाक्षी को भी 10 वोट प्राप्त हुए।

### 4. शिमला जिला परिषद चुनाव कितने दिनों बाद संपन्न हुए?
जिला परिषद सदस्यों के चुने जाने के लगभग 102 दिनों (तीन महीने) के लंबे इंतजार और हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह चुनाव संपन्न हुए।

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