# सिरमौर में सड़क से नीचे खाई में गिरी ब्रेजा, पिता और सात साल के बेटे ने गंवाई जान, घायल बच्ची ने गांव पहुंचकर दी सूचना

> हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शिलाई-रोहनाट मार्ग पर देर रात हुए कार हादसे में पिता और बेटे की जान चली गई, जबकि घायल ग्यारह वर्षीय बेटी ने होश में आने के बाद गांव पहुंचकर लोगों को घटना बताई।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/sirmaur-men-saraka-se-niche-khai-men-giri-brezza-pita-aura-sata-sala-ke-bete-ne-gnvai-jana-ghayala-bachchi-ne-ganva-pahunchakara-d-54841 · **Language:** Hindi
**Tags:** सिरमौर सड़क हादसा, हिमाचल प्रदेश दुर्घटना, शिलाई रोहनाट मार्ग, एसडीएम कार्यालय शिलाई, कार खाई में गिरी, भटनोल सड़क दुर्घटना

हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर देर रात हुआ एक भीषण सड़क हादसा एक परिवार के लिए दर्दनाक साबित हुआ। सिरमौर जिले में शिलाई-रोहनाट संपर्क मार्ग पर भटनोल के समीप 1 नवंबर की रात करीब 11:00 बजे एक ब्रेजा कार बेकाबू होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुखद दुर्घटना में वाहन चला रहे पिता और उनके 7 वर्षीय बेटे की घटनास्थल पर ही जान चली गई, जबकि कार में सवार 11 साल की बेटी गंभीर चोटें लगने के बाद भी रातभर खाई में रहने के बाद जीवित बच गई।

## घर लौटते समय भटनोल के पास अनियंत्रित हुआ वाहन
दुर्घटना के समय परिवार अपने घर की ओर लौट रहा था। वाहन में कांडो भटनोल के निवासी सोहन सिंह अपने दो बच्चों के साथ सफर कर रहे थे। सोहन सिंह एसडीएम कार्यालय शिलाई में क्लर्क के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जब उनकी कार भटनोल के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक गाड़ी चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और सीधे सड़क से नीचे गहरी ढलान वाली खाई में समा गई। गिरने की रफ्तार और ऊंचाई के कारण गाड़ी के परखच्चे उड़ गए।

## सिर में गहरी चोटें लगने से पिता और पुत्र का निधन
खाई में गिरते ही जोरदार झटके के कारण सोहन सिंह और उनके 7 साल के बेटे के सिर में गंभीर और जानलेवा चोटें आईं। अधिक चोट लगने की वजह से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के भयानक प्रभाव से 11 वर्षीय बेटी बेहोश हो गई और रातभर उसी दुर्गम खाई में पड़ी रही। दुर्घटनास्थल के निकट ही खोजबीन के दौरान बच्ची का स्कूली बैग भी बरामद हुआ, जिससे यह साफ था कि सफर के दौरान बच्चे अपने रोजमर्रा के सामान के साथ यात्रा कर रहे थे।

## होश आने पर घायल बेटी ने नजदीकी गांव पहुंचकर मांगी मदद
रात बीतने के बाद जब सुबह घायल बच्ची को होश आया, तो उसने अदम्य साहस दिखाते हुए खाई से बाहर निकलने का रास्ता खोजा। शारीरिक पीड़ा और चोटों के बावजूद वह चलकर पास के एक नजदीकी गांव पहुंची। गांव के लोगों को सामने देखकर बच्ची ने खाई में गिरी कार और अपने परिवार के साथ हुए हादसे की पूरी जानकारी दी। ग्रामीणों ने बिना देर किए तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को घटना से अवगत कराया।

## ड्रोन तकनीक और प्रशासनिक दलों से चला व्यापक तलाशी अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही सोमवार सुबह एसडीएम शिलाई जसपाल प्रशासनिक अमले और स्थानीय ग्रामीणों के साथ सीधे दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। पहाड़ी इलाके की जटिल बनावट को देखते हुए खोज और बचाव के काम में ड्रोन कैमरों की मदद ली गई। प्रशासनिक टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लगभग 4 से 5 घंटे तक चले इस गहन अभियान के दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली कि बच्ची सुरक्षित हालत में पास के गांव में पहुंच चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तमाम तकनीकी और जमीनी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

## इसका आप पर असर
पहाड़ी मार्गों पर रात के समय यात्रा करने वाले यात्रियों और सिरमौर क्षेत्र के निवासियों के लिए यह दुर्घटना सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सतर्कता की जरूरत रेखांकित करती है।

- **हिमाचल प्रदेश में:** पहाड़ी संपर्क मार्गों पर रात 11:00 बजे जैसे समय में सफर करते वक्त चालकों को तीखे मोड़ों और कम दृश्यता के प्रति अत्यधिक सतर्क रहना होगा। स्थानीय प्रशासन खतरनाक ढलानों पर क्रैश बैरियर और सड़क सुरक्षा संकेतों को दुरुस्त करने की समीक्षा कर सकता है।
- **सिरमौर जिले में:** शिलाई-रोहनाट मार्ग पर नियमित आवागमन करने वाले ग्रामीणों और कर्मचारियों को संवेदनशील मोड़ पर धीमी गति से वाहन चलाने की सख्त हिदायत दी गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से त्वरित संवाद बचाव कार्य में निर्णायक साबित हो सकता है।
- **मुसाफिरों और परिवारों के लिए:** बच्चों के साथ रात के समय पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय प्राथमिक चिकित्सा किट और आपातकालीन टॉर्च पास रखना बेहद जरूरी है। वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति में सहायता मिलने तक धैर्य और सूझबूझ ही जीवन रक्षा का आधार बनती है।
- **प्रशासनिक स्तर पर:** दुर्गम खाइयों में त्वरित तलाशी और राहत कार्य के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग ऐसे क्षेत्रों में काफी समय बचा सकता है। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों को ग्रामीणों के साथ सक्रिय रूप से साझा रखना भी राहत समय को कम करता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हादसा 1 नवंबर की रात सिरमौर के दुर्गम पहाड़ी इलाके में शिलाई-रोहनाट सड़क पर वाहन के अनियंत्रित होकर खाई में गिर जाने के कारण हुआ।

- **गाड़ी का नियंत्रण खोना:** भटनोल के नजदीक रात करीब 11:00 बजे मोड़ या सड़क की स्थिति के कारण ब्रेजा कार अनियंत्रित हो गई। चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी सीधे सड़क से उतरकर गहरी खाई में गिर गई।
- **गंभीर चोटों का लगना:** गाड़ी गहरी ढलान में गिरने के कारण अंदर बैठे सोहन सिंह और उनके 7 साल के मासूम बेटे को सिर में जानलेवा चोटें आईं। मौके पर ही गंभीर आघात लगने से दोनों की मृत्यु हो गई।
- **रात के समय दुर्घटना:** देर रात करीब 11:00 बजे हादसा होने के कारण आसपास सन्नाटा था और किसी ने तुरंत वाहन को गिरते नहीं देखा। इसी वजह से घायल बच्ची रातभर खाई में बेहोश पड़ी रही और अगली सुबह ही लोगों को घटना का पता चला।
- **जांच जारी होना:** वाहन में किसी तकनीकी खराबी, अचानक ब्रेक फेल होने या सड़क के तीखे मोड़ के कारण यह दुर्घटना हुई, इस पर पुलिस की विस्तृत जांच अभी जारी है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह कार हादसा किस तारीख और समय पर हुआ?
यह दुर्घटना 1 नवंबर की रात करीब 11:00 बजे सिरमौर जिले के शिलाई-रोहनाट सड़क पर भटनोल के पास हुई।

### 2. हादसे में किन लोगों की जान चली गई?
इस दुर्घटना में एसडीएम कार्यालय शिलाई में क्लर्क सोहन सिंह और उनके 7 वर्षीय बेटे की मौत हो गई।

### 3. हादसे में घायल बच्ची ने किस तरह मदद हासिल की?
खाई में रात बिताने के बाद होश में आने पर 11 साल की बच्ची पास के गांव पहुंची और ग्रामीणों को हादसे की सूचना दी।

### 4. प्रशासन ने खोज अभियान के लिए किस तकनीक का सहारा लिया?
एसडीएम शिलाई जसपाल और प्रशासनिक दल ने दुर्गम इलाके में 4 से 5 घंटे तक चले तलाशी अभियान में ड्रोन कैमरों की मदद ली।

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