# सोलन के धर्मपुर में पीएनबी एटीएम तोड़ने वाला राजस्थान से पकड़ा गया, साथी की तलाश जारी

> हिमाचल प्रदेश के सोलन में पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम का कैश वॉल्ट तोड़कर नकदी चुराने की कोशिश करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने राजस्थान के डीग से गिरफ्तार कर लिया है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/solan-ke-dharampur-men-pnb-atm-torane-vala-rajasthan-se-pakara-gaya-sathi-ki-talasha-jari-56082 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोलन पुलिस, पीएनबी एटीएम, एटीएम चोरी, धर्मपुर, वीरेंद्र सिंह पूनिया, हिमाचल प्रदेश अपराध, डीग राजस्थान

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में पंजाब नेशनल बैंक के एक एटीएम को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। धर्मपुर थाना क्षेत्र के तहत आने वाली चेवा पंचायत में स्थित इस एटीएम के कैश डिस्पेंसर वॉल्ट को नुकसान पहुंचाकर पैसे निकालने का प्रयास किया गया था। इस वारदात की छानबीन में जुटी पुलिस की टीम ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान से मुख्य आरोपी को धर दबोचा है, जबकि इस साजिश में शामिल उसका दूसरा साथी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है।

## चेवा पंचायत में आधी रात को हुई थी वारदात
पुलिस अधीक्षक सोलन साईं दत्तत्रेया वर्मा के अनुसार, यह घटना 9 और 10 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात को अंजाम दी गई थी। देर रात दो संदिग्ध चेवा पंचायत में मौजूद पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम बूथ के भीतर दाखिल हुए। बूथ के अंदर पहुंचते ही उन्होंने मशीन के कैश डिस्पेंसर वॉल्ट को जबरन तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी ताकि अंदर रखी नकदी पर हाथ साफ किया जा सके। दोनों आरोपियों ने अपनी करतूत छिपाने के लिए बाकायदा योजना बनाई थी, जिसके तहत एटीएम के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे, कार्ड रीडर स्लॉट और रसीद प्रिंटर के शीशों पर काला रंग पोत दिया गया ताकि कैमरों में उनकी तस्वीरें और हरकतें दर्ज न हो सकें।

## अलार्म बजने से भागे आरोपी, मशीन को पहुंचाया भारी नुकसान
सीसीटीवी पर कालिख पोतने और वॉल्ट पर हमला करने के बावजूद आरोपियों की यह साजिश पूरी तरह धरी की धरी रह गई। जैसे ही उन्होंने कैश डिस्पेंसर को तोड़ने के लिए जोर-जबरदस्ती की, एटीएम का सुरक्षा अलार्म अचानक जोर से बज उठा। सायरन की आवाज गूंजते ही दोनों आरोपी बुरी तरह घबरा गए और पकड़े जाने के डर से बिना पैसे लिए फौरन वहां से भाग खड़े हुए। हालांकि वारदात में नकदी तो नहीं बची, लेकिन आरोपियों ने भागने से पहले एटीएम मशीन, उसके संवेदनशील उपकरणों और पूरे केबिन परिसर को तोड़फोड़ कर काफी नुकसान पहुंचाया।

## साइबर सेल की मदद से राजस्थान के डीग से गिरफ्तारी
वारदात सामने आने के बाद धर्मपुर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 177/2026 दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए धर्मपुर थाना पुलिस और सोलन जिला साइबर सेल की एक संयुक्त विशेष जांच टीम तैयार की गई। जांच दल ने घटनास्थल के आसपास मिले सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सुरागों और तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल की, जिससे आरोपियों के बारे में अहम जानकारियां हाथ लगीं।

तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और 29 अक्टूबर को वीरेंद्र सिंह पूनिया को गिरफ्तार कर लिया। 43 वर्षीय आरोपी वीरेंद्र सिंह पूनिया पुत्र बनी सिंह राजस्थान के डीग जिले के गांव एवं तहसील डीग का निवासी है। पुलिस फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है और उसके पुराने आपराधिक इतिहास की पड़ताल कर रही है। वहीं घटना में शामिल दूसरे फरार आरोपी की पहचान भी सुनिश्चित कर ली गई है और उसे जल्द पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

## इसका आप पर असर
एटीएम बूथों पर सक्रिय सुरक्षा प्रणालियों और समय पर सायरन बजने से बैंक की नकदी लुटने से बच गई, लेकिन तोड़फोड़ से स्थानीय सेवाएं प्रभावित हुईं।

- **हिमाचल प्रदेश में:** सोलन और आसपास के क्षेत्रों में बैंक शाखाओं द्वारा एटीएम सुरक्षा और अलार्म प्रणालियों की समीक्षा बढ़ाई जाएगी। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों के एटीएम बूथों पर अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा गार्डों की तैनाती पर जोर दिया जा सकता है।
- **स्थानीय उपभोक्ताओं पर:** चेवा पंचायत और धर्मपुर क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इस क्षतिग्रस्त एटीएम की मरम्मत पूरी होने तक नकदी निकासी के लिए दूसरे बूथों का रुख करना पड़ेगा। बैंक शाखा द्वारा मशीन के नवीनीकरण तक स्थानीय निवासियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है।
- **सुरक्षा सतर्कता:** बैंक ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी एटीएम में जाते समय वहां लगे कैमरों या स्लॉट में किसी छेड़छाड़ या कालिख दिखने पर तुरंत शाखा को सूचित करें। समय रहते संदेहास्पद गतिविधियों की जानकारी देने से अपराध रोकने में मदद मिलती है।
- **तकनीकी सुरक्षा का महत्व:** यह घटना साबित करती है कि स्वचालित सुरक्षा अलार्म बैंकों और एटीएम की रक्षा में प्रभावी भूमिका निभाते हैं। अन्य वित्तीय संस्थानों को भी अपनी अलार्म प्रणालियों को पूरी तरह सक्रिय रखने की आवश्यकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
दो आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से नकदी चुराने के इरादे से एटीएम बूथ को निशाना बनाया और अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की।

- **लूट का इरादा:** दोनों आरोपी आधी रात के समय चेवा पंचायत स्थित पीएनबी के एटीएम कक्ष में पहुंचे और नकदी हासिल करने के लिए सीधे कैश डिस्पेंसर वॉल्ट को जबरन तोड़ने लगे। उनकी मंशा वॉल्ट को क्षतिग्रस्त कर भीतर रखा सारा कैश चुराने की थी।
- **पहचान छिपाने की कोशिश:** सुरक्षा एजेंसियों और जांच से बचने के लिए आरोपियों ने एटीएम के सीसीटीवी कैमरे, कार्ड रीडर स्लॉट और रसीद प्रिंटर पर काला रंग पोत दिया। उनका मानना था कि कैमरों पर कालिख लगाने से उनकी शिनाख्त नहीं हो पाएगी।
- **अलार्म सिस्टम का सक्रिय होना:** कैश वॉल्ट के साथ छेड़छाड़ और जोर-जबरदस्ती करते ही बूथ का इनबिल्ट सुरक्षा अलार्म सक्रिय हो गया। सायरन की तीव्र आवाज सुनते ही दोनों पकड़े जाने के खौफ से बिना नकदी लिए ही फरार हो गए।
- **तकनीकी विश्लेषण और गिरफ्तारी:** पुलिस और साइबर सेल ने घटना स्थल के फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी डेटा का गहन विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। इसी सुराग के सहारे धर्मपुर पुलिस टीम राजस्थान के डीग पहुंची और 29 अक्टूबर को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।

## सवाल-जवाब

### 1. सोलन में एटीएम चोरी का यह प्रयास कब और कहां हुआ?
यह घटना 9 और 10 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि को सोलन जिले के धर्मपुर थाना क्षेत्र स्थित चेवा पंचायत के पीएनबी एटीएम में हुई।

### 2. गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम क्या है और वह कहां का रहने वाला है?
गिरफ्तार आरोपी का नाम वीरेंद्र सिंह पूनिया (43) है, जो राजस्थान के डीग जिले के गांव एवं तहसील डीग का निवासी है।

### 3. आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए क्या तरीका अपनाया था?
आरोपियों ने एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरे, कार्ड रीडर स्लॉट और रसीद प्रिंटर पर काला रंग पोत दिया था।

### 4. एटीएम से नकदी चुराने की यह कोशिश कैसे नाकाम हुई?
कैश डिस्पेंसर वॉल्ट को तोड़ते समय एटीएम का सुरक्षा अलार्म अचानक बज गया, जिससे घबराकर आरोपी बिना पैसे लिए भाग निकले।

### 5. पुलिस ने मामले में कौन सी कानूनी कार्रवाई की है?
धर्मपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर 177/2026 दर्ज की गई और तकनीकी जांच के बाद 29 अक्टूबर को आरोपी को पकड़ा गया।

### 6. क्या इस वारदात में कोई अन्य आरोपी भी शामिल था?
हां, घटना में एक दूसरा आरोपी भी शामिल था जिसकी पहचान कर ली गई है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._