# सोलन के नालागढ़ में खनन घोटाला, भाजपा नेता के बेटे अंचित ठाकुर पर मामला दर्ज

> हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ में 100 करोड़ रुपये के कथित अवैध खनन घोटाले को लेकर पूर्व भाजपा विधायक के बेटे के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-10-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/solan-ke-nalagarh-mein-mining-ghotala-bjp-neta-ke-bete-anchit-thakur-par-mamala-darja-52442 · **Language:** Hindi
**Tags:** नालागढ़ खनन घोटाला, हिमाचल प्रदेश समाचार, अंचित ठाकुर, कृष्ण लाल ठाकुर, बावा हरदीप सिंह, सोलन न्यूज, अवैध खनन मामला

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अंतर्गत आने वाली नालागढ़ विधानसभा सीट से जुड़े एक बड़े मामले में पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए पूर्व भाजपा विधायक के बेटे के खिलाफ आधिकारिक तौर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह पूरा प्रकरण कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये के भारी-भरकम अवैध खनन घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय राजनीतिक हलकों में काफी सरगर्मी बढ़ गई है। मामले की शुरुआत तब हुई जब नालागढ़ के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में एक प्रेस वार्ता के दौरान वर्तमान विधायक बावा हरदीप सिंह ने अवैध खनन और निर्माण सामग्री की आपूर्ति में भारी अनियमित्ताओं का गंभीर मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया।

 

## घोटाले के आरोप और दस्तावेजों की जांच

कांग्रेस विधायक ने अपनी बात रखते हुए पूर्व भाजपा विधायक कृष्ण लाल ठाकुर और उनके सुपुत्र अंचित ठाकुर से जुड़े ठाकुर स्टोन क्रशर पर कई बड़े आरोप मढ़े। विधायक के मुताबिक, यह पूरा मामला जब सीधे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया, तो प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच के आदेश दिए गए, जिसके बाद आरोपी अंचित ठाकुर के खिलाफ नालागढ़ पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले को और अधिक बल तब मिला जब एक अन्य स्थानीय नेता और आरटीआई एक्टिविस्ट मोहन शर्मा ने आरटीआई के माध्यम से अहम दस्तावेज जुटाए।

 आरटीआई एक्टिविस्ट मोहन शर्मा ने दावा किया कि उन्होंने छह पुलों के निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री से जुड़े तमाम दस्तावेज हासिल किए हैं। जब इन दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल की गई तो कुल 2,516 ट्रांजिट फॉर्म में से लगभग 2,418 फॉर्म ऐसे पाए गए जिनका कोई भी ऑनलाइन रिकॉर्ड सिस्टम में मौजूद नहीं था। इन तमाम विसंगतियों के चलते दस्तावेजों की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के कारण सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।

 

## कानूनी प्रक्रिया और आगे की प्रतिक्रिया

पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के तुरंत बाद आरोपी अंचित ठाकुर की ओर से अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया गया है। विधायक बावा हरदीप सिंह ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से और विस्तृत जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलों के निर्माण में वास्तव में कितनी सामग्री का इस्तेमाल किया गया, उस सामग्री का मूल स्रोत क्या था और क्या नियमानुसार सभी देयकों व रॉयल्टी का भुगतान समय पर किया गया था या नहीं।

 दूसरी तरफ, आरटीआई एक्टिविस्ट मोहन शर्मा ने यह आकलन किया है कि खनन कानूनों और विभिन्न पर्यावरणीय नियमों के तहत लगाए जाने वाले संभावित जुर्माने तथा अन्य कानूनी देनदारियों को यदि कुल मिलाकर देखा जाए तो यह पूरी राशि 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को भी पार कर सकती है। हालांकि, इन तमाम फर्जी माने जा रहे ट्रांजिट फॉर्म्स, संभावित जुर्माने और अन्य सभी गंभीर आरोपों की अंतिम आधिकारिक पुष्टि केवल गहन पुलिस जांच और संपूर्ण कानूनी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही संभव हो सकेगी।

 

## पूर्व विधायक का पक्ष और राजनीतिक बयानबाजी

इन तमाम गंभीर आरोपों के जवाब में पूर्व विधायक केएल ठाकुर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना कड़ा पक्ष रखते हुए इन सभी बातों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने लिखा कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और जनता के अटूट विश्वास के बीच मौजूदा विधायक तथा उनके सहयोगियों द्वारा इस तरह की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जाना केवल उनकी राजनीतिक हताशा और बौखलाहट को ही दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे की छवि को जानबूझकर धूमिल करने के नापाक मकसद से ये झूठे आरोप गढ़े गए हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि वे सही मंच पर अपने सभी तथ्यों को मजबूती से साबित कर देंगे।

 कृष्ण लाल ठाकुर ने आगे स्पष्ट किया कि किसी भी मंच पर बार-बार एक ही बात को दोहराने मात्र से कोई आरोप सच नहीं हो जाता, क्योंकि सत्य का फैसला हमेशा ठोस सबूतों, दस्तावेजों और एक निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही तय होता है। उन्हें देश की न्याय प्रणाली पर पूर्ण आस्था है और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज कराए गए इस मुकदमे तथा तमाम आरोपों का जवाब उचित कानूनी मंच पर पूरे प्रमाणों के साथ दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि उनकी पारिवारिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ऐसे मनगढ़ंत और भ्रामक आरोप लगाए जाते हैं, तो वे मानहानि समेत अन्य सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

 अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि वे किसी भी प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी से डरने वाले नहीं हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में सारे तथ्य दूध के पानी की तरह अलग हो जाएंगे। उन्होंने अपने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र की आम जनता से विशेष अपील की है कि वे ऐसे राजनीतिक विवादों से अपना ध्यान बिल्कुल भी न भटकाएं, क्योंकि 30 तारीख को होने वाला उनका महत्वपूर्ण कार्यक्रम इस समय उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

## इसका आप पर असर
हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में सामने आए इस बड़े खनन विवाद से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव और प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है।

- **भारत में:** देशभर में अवैध खनन और सरकारी राजकोष को नुकसान पहुँचाने वाले मामलों पर प्रशासनिक सख्ती और निगरानी और अधिक कड़ी हो सकती है।

- **सोलन में:** स्थानीय निवासियों और व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच निर्माण सामग्री की आपूर्ति तथा नियमों के पालन को लेकर कड़े प्रशासनिक आदेश लागू किए जा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पूरा विवाद स्थानीय स्तर पर पुलों के निर्माण में कथित अनियमितताओं और अवैध रूप से खनन सामग्री की आपूर्ति के दावों के बाद सामने आया है।

- **मुख्य कारण:** आरटीआई के तहत छह पुलों के निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जाँच करने पर हजारों ट्रांजिट फॉर्म का ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिलना इस मुकदमे की मुख्य वजह बना।

- **शिकायत की पृष्ठभूमि:** वर्तमान विधायक द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाए जाने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया और पुलिस ने औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की।

## सवाल-जवाब

### 1. नालागढ़ में किस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है?
नालागढ़ में 100 करोड़ रुपये के कथित अवैध खनन घोटाले और निर्माण सामग्री की आपूर्ति में अनियमित्ताओं को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ है।

### 2. इस मामले में मुख्य रूप से किसका नाम सामने आया है?
इस मामले में पूर्व भाजपा विधायक कृष्ण लाल ठाकुर के बेटे अंचित ठाकुर के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।

### 3. यह मामला सबसे पहले किसने सार्वजनिक किया था?
नालागढ़ के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कांग्रेस विधायक बावा हरदीप सिंह ने इस अनियमितता का मामला उठाया था।

### 4. आरटीआई एक्टिविस्ट मोहन शर्मा ने क्या दावा किया है?
मोहन शर्मा ने दावा किया कि छह पुलों के निर्माण से जुड़े 2,516 ट्रांजिट फॉर्म में से 2,418 फॉर्म का ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिला है।

### 5. पूर्व विधायक केएल ठाकुर ने इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
पूर्व विधायक ने इन आरोपों को राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया और कहा कि वे न्याय व्यवस्था के जरिए कानूनी रूप से इसका जवाब देंगे।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._