# सोलन में प्रसव के दौरान नवजात की टांग टूटी, डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप

> हिमाचल प्रदेश के सोलन में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही के कारण एक नवजात बच्ची की टांग की हड्डी टूट गई। पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल से मिलकर आरोपी डॉक्टर का लाइसेंस रद्द करने और उसे निलंबित करने की मांग की है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/solana-men-prasava-ke-daurana-newborn-ki-tanga-tuti-doctor-para-gnbhira-laparavahi-ka-aropa-50425 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोलन, हिमाचल प्रदेश, चिकित्सकीय लापरवाही, स्वास्थ्य मंत्री, धनी राम शांडिल, आईजीएमसी शिमला

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां प्रसव के दौरान अस्पताल में एक नवजात बच्ची के पैर की हड्डी टूट जाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित बच्ची के पिता विकास ने इस पूरी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की अपील की है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा किस परिस्थिति में हुआ और इसके लिए असल में कौन जिम्मेदार है।

 

## स्वास्थ्य मंत्री से मिले परिजन
 इस गंभीर मामले को लेकर नवजात बच्ची के पिता विकास ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल से प्रत्यक्ष रूप से मुलाकात की है। मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री के सामने अपनी बात रखी और डॉक्टर का केवल तबादला करने के बजाय उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित करने तथा उसका मेडिकल लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की मांग की। विकास के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें इस पूरे प्रकरण में उचित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया है। इसके साथ ही परिवार ने यह मांग भी की है कि सरकार उनकी बच्ची के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी ले तथा इस चिकित्सकीय लापरवाही के लिए सीधे तौर पर डॉक्टर को उत्तरदायी ठहराया जाए।

 

## ऑपरेशन के दौरान टांग खींचने का आरोप
 घटना की पृष्ठभूमि साझा करते हुए बच्ची की मां ने आरोप लगाया कि सिजेरियन डिलीवरी के समय डॉक्टर ने यह कहा था कि बच्चा अंदर घूम रहा है और उसे जबरन टांग से बाहर खींचकर निकाला जाए। यह पूरा वाकया 10 अक्टूबर को सामने आया था, जिसके बाद नवजात को बेहतर इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया गया। मां का कहना है कि अब इस मामले में यह तर्क दिया जा रहा है कि ऐसी स्थिति जन्मजात भी हो सकती है, लेकिन परिवार का साफ तौर पर मानना है कि यह डॉक्टर की स्पष्ट लापरवाही का नतीजा है। विकास का कहना है कि उन्होंने इस वाकये को लेकर अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी विचार-विमर्श किया है और ऑपरेशन के दौरान बरती गई प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, हालांकि चिकित्सकीय लापरवाही की वास्तविक पुष्टि औपचारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

## अस्पताल प्रबंधन ने बनाई जांच कमेटी
 पीड़ित परिवार का मुख्य उद्देश्य अपनी बेटी का सुरक्षित भविष्य और स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के समक्ष यह मांग भी रखी है कि बच्ची को आई चोट और उसके वर्तमान उपचार की स्थिति का मूल्यांकन देश के वरिष्ठ विशेषज्ञों से करवाया जाए, ताकि भविष्य में इस शारीरिक क्षति का बच्ची के विकास पर कोई बुरा असर न पड़े। इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद सोलन अस्पताल प्रबंधन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सोलन के सीएमओ राकेश कंवर ने मीडिया को जानकारी दी है कि उन्हें इस संबंध में औपचारिक शिकायत प्राप्त हो चुकी है, जिसके बाद एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल करेगी और उसके आधार पर आगामी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 

## पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
 गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकों की कथित लापरवाही के कारण मरीजों को परेशानी या जान गंवाने के मामले पहले भी तूल पकड़ चुके हैं। अतीत में कुल्लू जिले में मंजू शर्मा और ऊना जिले में रीना देवी की प्रसव के दौरान हुई मौतों पर काफी बड़ा हंगामा खड़ा हुआ था। उस दौरान जनता के भारी रोष को देखते हुए कुल्लू और ऊना के मामलों में संबंधित दोषी डॉक्टरों को निलंबित कर दिया गया था। अब सोलन के इस ताजा मामले ने एक बार फिर से सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रसव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और चिकित्सा व्यवस्था की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर जनता और प्रशासन दोनों की निगाहें टिकी हुई हैं।

## इसका आप पर असर
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पतालों में बरती जाने वाली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे मरीजों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।

- **भारत में:** सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रसव के दौरान डॉक्टरों की जवाबदेही तय करने और कड़े दिशा-निर्देश लागू करने की मांग जोर पकड़ सकती है।

- **सोलन में:** स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों में जिला स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसव केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

- **चिकित्सा पेशे पर:** ऐसे मामलों से डॉक्टरों और अस्पतालों पर दबाव बढ़ता है कि वे हर जटिल प्रसव के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।

- **प्रशासनिक स्तर पर:** स्वास्थ्य विभाग इस तरह की शिकायतों के बाद अस्पतालों में औचक निरीक्षण और आंतरिक जांच समितियों के गठन को तेज कर सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना प्रसव प्रक्रिया के दौरान अपनाई गई तकनीकों और चिकित्सकीय निर्णयों के कारण उत्पन्न हुई, जिसकी औपचारिक जांच अभी जारी है।

- **ऑपरेशन के दौरान परिस्थितियां:** सिजेरियन डिलीवरी के वक्त बच्चे की स्थिति और उसे बाहर निकालने के तरीके को लेकर परिवार और डॉक्टर के दावे आमने-सामने हैं।

- **जांच की प्रक्रिया:** सोलन अस्पताल प्रबंधन को आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद एक तथ्य-खोजी समिति का गठन किया गया है।

- **नकारात्मक परिणाम:** ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक खिंचाव या गलत हैंडलिंग के कारण नवजात की नाजुक हड्डी टूटने की बात सामने आई है।

- **पूर्व की घटनाएं:** राज्य में पहले भी कुल्लू और ऊना जैसे जिलों में प्रसव के दौरान लापरवाही के आरोप लगने पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना कहां की है?
यह घटना हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की है।

### 2. नवजात को क्या चोट आई?
प्रसव के दौरान नवजात बच्ची के पैर की हड्डी टूट गई।

### 3. पीड़ित परिवार ने किससे मुलाकात की?
बच्ची के पिता विकास ने स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल से मुलाकात की।

### 4. परिवार की मुख्य मांग क्या है?
परिवार ने संबंधित डॉक्टर को निलंबित करने और उसका मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।

### 5. बच्ची का इलाज कहां कराया गया?
नवजात को बेहतर उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला ले जाया गया था।

### 6. अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
सोलन अस्पताल के सीएमओ राकेश कंवर ने शिकायत मिलने के बाद जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._