# सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने 150 सीबीएसई स्कूलों के लिए लागू की नई नियमावली, तीन बार हाजिरी के साथ शिक्षकों को पोशाक के लिए मिलेंगे ₹5,000

> हिमाचल प्रदेश सरकार ने 150 सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा प्रणाली और अनुशासन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब इन संस्थानों में शिक्षकों व छात्रों की दिन में 3 बार उपस्थिति दर्ज होगी, जबकि अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने और उन्हें ₹5,000 की मदद देने का निर्णय हुआ है।

**Type:** article · **Category:** हिमाचल प्रदेश · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/himachal-pradesh/sukhvinder-singh-sukhu-sarakara-ne-150-cbse-skulon-ke-lie-lagu-ki-nai-niyamavali-tina-bara-hajiri-ke-satha-shikshakon-ko-poshaka-k-26117 · **Language:** Hindi
**Tags:** हिमाचल प्रदेश, सीबीएसई स्कूल, सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिक्षा विभाग, स्कूल ड्रेस कोड, शिक्षक भर्ती, हिमाचल शिक्षा नीति

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा ढांचे को मजबूत करने और संस्थानों में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजधानी शिमला में आयोजित शिक्षा विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के 150 सीबीएसई स्कूलों के संचालन के लिए नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नई व्यवस्थाओं के तहत अब स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों, दोनों की ही रोजाना तीन अलग-अलग समय पर उपस्थिति दर्ज की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी है कि इस व्यवस्था को धरातल पर पूरी मुस्तैदी से लागू किया जाए।

## दिन में तीन चरण में दर्ज होगी हाजिरी
राज्य के 150 सीबीएसई स्कूलों में लागू की जा रही नई उपस्थिति प्रणाली के अनुसार, अब प्रतिदिन तीन बार चेकिंग होगी। पहला चरण सुबह स्कूल शुरू होने के वक्त चेक-इन के रूप में रहेगा। इसके बाद दूसरी बार दोपहर के लंच ब्रेक के दौरान हाजिरी ली जाएगी, जबकि तीसरा और अंतिम चरण स्कूल खत्म होने पर छुट्टी के समय चेक-आउट के रूप में दर्ज होगा। सरकार का मानना है कि इस तीन-स्तरीय व्यवस्था से शैक्षणिक संस्थानों में समयबद्धता और उपस्थिति की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

## शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड और पोशाक भत्ता
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन सीबीएसई संस्थानों में अध्यापकों और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश भी दिए। तय योजना के तहत शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड को 1 अक्टूबर 2026 से अनिवार्य कर दिया जाएगा। शिक्षकों को ड्रेस खरीदने में कोई आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए हिमाचल सरकार की ओर से प्रत्येक शिक्षक को एकमुश्त ₹5,000 की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, विद्यार्थियों के लिए नई स्कूल यूनिफॉर्म की रूपरेखा पर अंतिम निर्णय एक सप्ताह के भीतर ले लिया जाएगा।

## 1200 शिक्षकों की भर्ती और ग्रामीण शिक्षा पर जोर
शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इन 150 सीबीएसई स्कूलों के लिए अब तक लगभग 1,200 शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। आने वाले दिनों में रिक्त पदों को भरने के लिए और भी नए शिक्षकों की तैनातियाँ की जाएँगी। राज्य सरकार का मुख्य ध्यान ग्रामीण अंचलों के बच्चों पर केंद्रित है, ताकि उन्हें अपने घर के समीप ही उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके और उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों या शहरों का रुख न करना पड़े।

## सीबीएसई स्कूलों के विकास के लिए ₹80 करोड़ का अतिरिक्त बजट
स्कूलों में बुनियादी ढांचे और अध्ययन सामग्री को आधुनिक बनाने के लिए सुक्खू सरकार ने ₹80 करोड़ का अतिरिक्त फंड जारी करने की घोषणा की है। इस राशि का उपयोग विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को सुदृढ़ करने में होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सीबीएसई स्कूलों के संचालन, इंफ्रास्ट्रक्चर और शैक्षणिक माहौल में निरंतर सुधार होना चाहिए। शिमला में हुई इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, महाधिवक्ता अनूप रतन, सचिव शिक्षा राकेश कंवर समेत शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

## इसका आप पर असर
हिमाचल प्रदेश सरकार के इस फैसले से राज्य के 150 सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की दैनिक दिनचर्या में प्रत्यक्ष बदलाव देखने को मिलेगा।

- **भारत में:** देश भर में सरकारी सीबीएसई स्कूलों के प्रबंधन और पारदर्शिता में सुधार के लिए इस मॉडल को एक नए उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है। इससे अन्य राज्य भी अपने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा संस्थानों में उपस्थिति की निगरानी के कड़े नियम लागू करने के लिए प्रेरित होंगे।
- **हिमाचल प्रदेश में (शिक्षकों के लिए):** राज्य के 150 सीबीएसई स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को 1 अक्टूबर 2026 से नए ड्रेस कोड का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकार सभी पात्र शिक्षकों के बैंक खातों में पोशाक खरीदने हेतु ₹5,000 की एकमुश्त सहायता राशि जारी करेगी।
- **हिमाचल प्रदेश में (विद्यार्थियों के लिए):** 150 सीबीएसई स्कूलों के छात्रों के लिए एक सप्ताह के भीतर नई यूनिफॉर्म नीति घोषित की जाएगी। इसके साथ ही, दिन में तीन बार हाजिरी लगने से बच्चों की कक्षा में समयबद्धता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- **हिमाचल प्रदेश में (ग्रामीण परिवारों के लिए):** गांव-देहात के बच्चों को अब बेहतरीन सीबीएसई शिक्षा अपने घर के पास ही मिल सकेगी। 1,200 नए शिक्षकों की नियुक्ति और ₹80 करोड़ के अतिरिक्त बजट से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सीधा सुधार आएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. हिमाचल प्रदेश में कितने सीबीएसई स्कूलों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है?
यह नई व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा संचालित 150 सीबीएसई स्कूलों के लिए लागू की गई है।

### 2. नई प्रणाली के तहत स्कूलों में दिन में कितनी बार हाजिरी लगेगी?
नई व्यवस्था के अनुसार दिन में 3 बार हाजिरी लगेगी—सुबह आगमन पर, दोपहर के लंच ब्रेक में और स्कूल की छुट्टी के समय।

### 3. शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड कब से लागू होगा और कितना भत्ता मिलेगा?
शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से अनिवार्य होगा, और पोशाक खरीदने के लिए सरकार ₹5,000 की एकमुश्त सहायता देगी।

### 4. इन सीबीएसई स्कूलों के सुधार के लिए कितना अतिरिक्त बजट मंजूर किया गया है?
हिमाचल सरकार ने इन 150 सीबीएसई स्कूलों की सुविधाओं और शैक्षणिक माहौल में सुधार के लिए ₹80 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया है।

### 5. बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे?
समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, महाधिवक्ता अनूप रतन और सचिव शिक्षा राकेश कंवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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