स्वाइन फ्लू की चपेट में आईं विधायक अनुराधा राणा, शिमला अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद 10 दिन के आइसोलेशन में हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति से कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा स्वाइन फ्लू से पीड़ित पाई गई हैं। आईजीएमसी शिमला में 5 दिनों के इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर 10 दिनों के आइसोलेशन की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश की सबसे युवा जनप्रतिनिधि और लाहौल स्पीति से कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा स्वाइन फ्लू का शिकार हो गई हैं। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शिमला स्थित आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ लगभग पाँच दिनों तक उनका इलाज चला। बुधवार को डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य में सुधार देखते हुए अस्पताल से छुट्टी दे दी है। हालांकि, बीमारी और अस्पताल में भर्ती रहने के कारण वे प्रदेश विधानसभा के पूरे मॉनसून सत्र में हिस्सा लेने से वंचित रह गईं। अस्पताल से डिस्चार्ज और आइसोलेशन की सलाह अस्पताल से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद विधायक अनुराधा राणा ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपने समर्थकों और स्थानीय निवासियों को अपनी सेहत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टेस्ट रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू (H1N1) की पुष्टि हुई है। चिकित्सकीय टीम ने उन्हें संक्रमण से पूरी तरह उबरने और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए सात से दस दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस अवधि के दौरान वे किसी से प्रत्यक्ष रूप से मुलाकात नहीं कर सकेंगी, लेकिन अपने विधानसभा क्षेत्र लाहौल स्पीति के निवासियों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए टेलीफोन के माध्यम से लगातार उपलब्ध रहेंगी। विधानसभा सत्र छूटने पर जताया दुख, समर्थकों का माना आभार मॉनसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही से अनुपस्थित रहने पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने गहरा अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण वे विधानसभा में जनता की आवाज उठाने से चूक गईं, लेकिन अगले सत्र में वे दोगुनी ऊर्जा और तैयारी के साथ सदन में हिस्सा लेंगी। अस्पताल में इलाज के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री, विभिन्न विभागों के मंत्रियों, साथी विधायकों, दलीय संगठन के पदाधिकारियों, विभिन्न निगमों के अध्यक्षों, निदेशकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुँचकर उनका कुशलक्षेम पूछा। अनुराधा राणा ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रार्थना करने वाले सभी शुभचिंतकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति और मुख्य लक्षण राज्य में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। प्रदेश में अब तक इस बीमारी के कुल 11 मामलों की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। संक्रमण की गंभीरता के कारण मंडी और बिलासपुर जिलों में दो मरीजों की जान भी जा चुकी है। विधायकों और आम जनता के बीच संक्रमण के प्रसार को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं • तेज बुखार और ठंड लगना: अचानक तेज बुखार आना और कंपकंपी महसूस होना इसका प्राथमिक संकेत है। • सूखी खांसी और गले में दर्द: मरीज को लगातार सूखी खांसी की शिकायत रहती है और गले में खराश या तीव्र दर्द होता है। • नाक का बहना या बंद होना: श्वसन तंत्र प्रभावित होने से नाक से पानी बहने अथवा नाक बंद होने की समस्या उत्पन्न होती है। • मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द: पूरे शरीर, जोड़ों और मांसपेशियों में असहनीय दर्द के साथ सिर में तेज भारीपन महसूस होता है। • अत्यधिक थकान और कमजोरी: शारीरिक क्षमता में गिरावट आती है, जिससे व्यक्ति को बहुत अधिक सुस्ती और कमजोरी लगती है। • उल्टी और दस्त: कुछ मरीजों में पाचन संबंधी दिक्कतें भी देखी जाती हैं, जिनमें पेट दर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं। इसका आप पर असर हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने और जन प्रतिनिधियों के प्रभावित होने से राज्य के निवासियों और स्वास्थ्य प्रशासन दोनों के लिए सतर्कता बरतना आवश्यक हो गया है। • हिमाचल प्रदेश में: राज्य में अब तक 11 मामले और 2 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे मंडी, बिलासपुर और शिमला समेत अन्य जिलों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है। • लाहौल स्पीति क्षेत्र में: विधायक के आइसोलेशन में रहने के कारण आगामी 7 से 10 दिनों तक प्रत्यक्ष मुलाकातों पर रोक रहेगी। हालांकि, स्थानीय नागरिक अपनी प्रशासनिक और क्षेत्रीय समस्याओं के लिए टेलीफोनिक माध्यम से विधायक कार्यालय से संपर्क साध सकते हैं। • स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय: तेज बुखार, सूखी खांसी या मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण अनुभव होने पर नागरिक तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या आईजीएमसी से संपर्क करें। शुरुआती दौर में बीमारी की पहचान होने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। • देशभर के पाठकों के लिए: मौसम में बदलाव के साथ स्वाइन फ्लू (H1N1) का खतरा बढ़ता है, इसलिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें। फ्लू के लक्षण दिखने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेने से बचें और स्वयं को पृथक रखें। सवाल-जवाब 1. स्वाइन फ्लू से संक्रमित हिमाचल की विधायक कौन हैं? हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अनुराधा राणा स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाई गई हैं। 2. अनुराधा राणा को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कितने दिन बाद छुट्टी मिली? अनुराधा राणा को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 5 दिनों के इलाज के बाद उन्हें बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। 3. डॉक्टरों ने विधायक को कितने दिनों के आइसोलेशन की सलाह दी है? डॉक्टरों ने अनुराधा राणा को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद 7 से 10 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है। 4. हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू की क्या स्थिति है और कितनी मौतें हुई हैं? प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के 11 मामले सामने आ चुके हैं और मंडी तथा बिलासपुर जिलों में दो मरीजों की मौत हुई है। 5. स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण क्या-क्या हैं? इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, मांसपेशियों में दर्द तथा कुछ मामलों में उल्टी-दस्त शामिल हैं। https://trendkia.com/himachal-pradesh/svaina-phlu-ki-chapeta-men-ain-vidhayaka-anuradha-rana-shimla-aspatala-se-discharja-ke-bada-10-dina-ke-aisoleshana-men-27040 TrendKia — Har trend, sabse pehle.