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  "title": "ट्रायल पास, फिर भी हाथ खाली: एचआरटीसी हड़ताल थमते ही 1500 रुपये वाले हजारों चालकों का भविष्य लटका",
  "summary": "हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी की हड़ताल टलने के बाद 1500 रुपये दिहाड़ी पर बुलाए गए 9000 से ज्यादा चालक अधर में लटक गए हैं। सरकार और यूनियन के बीच समझौता तो हो गया, लेकिन इन अस्थायी चालकों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।",
  "content": "हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी की बसों के चालकों और परिचालकों की प्रस्तावित हड़ताल टल गई है, लेकिन इसके खत्म होते ही एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सरकार ने जिन हजारों चालकों को 1500 रुपये दिहाड़ी पर अस्थायी भर्ती के लिए बुलाया था, अब उनका क्या होगा? बीती शाम सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच हुई बातचीत में समझौते पर मुहर लगी और हड़ताल का इरादा वापस ले लिया गया, पर इसी फैसले ने नौकरी की उम्मीद में पहुंचे हजारों बेरोजगार युवाओं को बीच मझधार में छोड़ दिया।\n\nतीन घंटे चली बैठक, बनी सहमति\nशिमला स्थित राज्य सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आरडी नजीम और निगम के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल के साथ यूनियन पदाधिकारियों की करीब तीन घंटे तक बैठक चली। इसमें कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति बन गई, हालांकि सभी मांगें नहीं मानी गईं। चालक संघ के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार के साथ समझौता हो गया है, लेकिन कुछ मांगें अब भी अधूरी हैं।\n\n9000 से ज्यादा चालक पहुंचे, ट्रायल भी दिया\nसुक्खू सरकार ने बुधवार को अस्थायी भर्ती के लिए चालकों को बुलाया था। 1500 रुपये दिहाड़ी के इस ऑफर पर 9000 से अधिक चालक डिपो स्तर पर जा पहुंचे। राज्य के 31 डिपो में 656 पदों के लिए दोपहर 12 बजे के बाद ड्राइविंग ट्रायल लिया गया। लेकिन शाम होते-होते जब हड़ताल ही खत्म हो गई, तो इंटरव्यू और ट्रायल देने वाले इन चालकों की सारी उम्मीदें धरी की धरी रह गईं।\n\nसोलन की अश्वनी खड्ड के रहने वाले एक आवेदक ने बताया कि उन्होंने टेस्ट पास कर लिया था और इस बारे में आरएम सोलन से उनकी बात भी हुई। उन्हें बताया गया कि भर्ती छह महीने के लिए अस्थायी तौर पर हुई है और जरूरत पड़ने पर ही बुलाया जाएगा। आवेदक का कहना था कि अब उन्हें नहीं लगता कि उन्हें वेतन मिलेगा, क्योंकि हड़ताल तो खत्म हो चुकी है। उन्होंने इसे बेरोजगारों के साथ धोखा बताते हुए कहा कि वे बड़ी उम्मीद लेकर आए थे, मगर डिप्टी सीएम ने अपना वादा तोड़ दिया। उनकी मांग है कि सरकार उन्हें ज्वाइनिंग लेटर दे। आवेदक ने बताया कि भर्ती के बाद शाम को उन्हें 750 रुपये दिए गए और अब वे इस रकम को फ्रेम में सजाकर रखेंगे।\n\nसमझौते में चालकों को क्या-क्या मिला\n• 7.10 करोड़ रुपये के लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान किया जाएगा।\n• 1.5 करोड़ रुपये 10 दिन के भीतर नकद और एक महीने में नई वर्दी दी जाएगी।\n• 12 महीने का ओवरटाइम और नाइट ओवरटाइम जल्द देने पर सहमति बनी।\n• एसीपी योजना (4-9-14) के विकल्प में ढील देने का मामला वित्त विभाग के पास उठाया जाएगा।\n• ‘मेडिपर्सन एक्ट’ का मुद्दा 15 दिन के भीतर सरकार के सामने रखने का आश्वासन दिया गया।\n• ‘राइड विद प्राइड’ और अन्य हल्के वाहन चलाने वाले चालकों को विशेष वेतन देने की समीक्षा होगी।\n\nमान सिंह ठाकुर ने बताया कि सरकार ने हाल ही में हुए तबादलों को रद्द करने की बात कही है। साथ ही तय हुआ है कि लंबित भुगतान हर महीने की सैलरी के साथ किश्तों में दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वेतन हर हाल में हर महीने की पहली तारीख को मिलना चाहिए। ठाकुर के मुताबिक बीते एक साल का लंबित भुगतान करीब 35 करोड़ रुपये है, जिसे सरकार देगी। परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी पुष्टि की कि एचआरटीसी की प्रस्तावित हड़ताल खत्म हो गई है।\n\nसोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़\n1500 रुपये में भर्ती के इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई और लोगों ने सुक्खू सरकार पर जमकर तंज कसे। कुछ यूजर्स ने लिखा कि चालक ज्वाइनिंग से पहले ही रिटायर हो गए। एक तंज यह भी रहा कि इस ‘सुपरसोनिक’ सरकार में पहली बार ऐसा हुआ कि दिन में नौकरी लगी और शाम को रिटायरमेंट हो गया।\n\nउधर, सोलन में एचआरटीसी की वर्कशॉप के बाहर बुधवार को जब चालकों का ट्रायल लिया जा रहा था, तभी एक चालक ने बस को गेट से भिड़ा दिया। इस घटना को लेकर भी सोशल मीडिया पर चुटकी ली गई कि 1500 रुपये वाली चालक भर्ती के ‘रुझान’ अब आने शुरू हो गए हैं। सुंदरनगर से भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने भी इस मामले पर सुक्खू सरकार को घेरा।\n\nइसका आप पर असर\n• हिमाचल प्रदेश में: 1500 रुपये दिहाड़ी पर बुलाए गए 9000 से ज्यादा चालकों और बेरोजगार युवाओं की नौकरी की उम्मीद अधर में है, क्योंकि भर्ती छह महीने की अस्थायी है और जरूरत पड़ने पर ही बुलाया जाएगा।\n• एचआरटीसी यात्रियों के लिए: हड़ताल टलने से बस सेवा सामान्य रूप से चलती रहेगी और लोगों को आवाजाही में रुकावट से राहत मिलेगी।\n• भारत में: सरकारी विभागों में अस्थायी और दिहाड़ी भर्ती पर निर्भरता का यह मामला देशभर के नौकरी ढूंढ रहे युवाओं के लिए ऐसी भर्तियों की अनिश्चितता को सामने लाता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एचआरटीसी की हड़ताल क्यों खत्म हुई?\nबीती शाम सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच बातचीत में समझौता हो गया, जिसके बाद प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली गई।\n\n2. 1500 रुपये दिहाड़ी पर बुलाए गए चालकों का अब क्या होगा?\nउन्हें छह महीने के लिए अस्थायी तौर पर भर्ती बताया गया है और जरूरत पड़ने पर ही बुलाया जाएगा, जबकि चालकों को वेतन मिलने पर भी संशय है।\n\n3. कितने चालक पहुंचे और कितने पदों के लिए ट्रायल हुआ?\n9000 से अधिक चालक डिपो स्तर पर पहुंचे और राज्य के 31 डिपो में 656 पदों के लिए दोपहर 12 बजे के बाद ड्राइविंग ट्रायल हुआ।\n\n4. समझौते में चालकों को क्या-क्या मिला?\n7.10 करोड़ के लंबित मेडिकल बिल, 10 दिन में 1.5 करोड़ नकद और एक महीने में नई वर्दी, 12 महीने का ओवरटाइम तथा नाइट ओवरटाइम देने पर सहमति बनी।\n\n5. लंबित भुगतान कुल कितना है?\nचालक संघ के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर के मुताबिक बीते एक साल का लंबित भुगतान करीब 35 करोड़ रुपये है, जिसे सरकार देगी।\n\n6. सोलन के आवेदक को कितने पैसे मिले?\nभर्ती के बाद शाम को उन्हें 750 रुपये दिए गए, जिसे वे फ्रेम में सजाकर रखने की बात कह रहे हैं।",
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  "category": "हिमाचल प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-06-25",
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