ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा ने तोड़ा दम, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर परिजनों ने किया प्रदर्शन हिमाचल प्रदेश के ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला और उसके नवजात की मौत के बाद परिजनों ने महिला डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घंटों विरोध प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। इस दुखद घटना के सामने आते ही पीड़िता के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को बिगड़ता देख अस्पताल में बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। यह घटना ठीक उसी तरह के आक्रोश को जन्म दे रही है जैसा पहले कुल्लू अस्पताल में मंजू शर्मा के मामले के दौरान देखा गया था। चार दिनों से भर्ती थी गर्भवती महिला पीड़ित महिला की पहचान अपर अरनियाला की रहने वाली रीना के तौर पर हुई है। परिजनों के अनुसार, रीना को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद चार दिन पहले अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शुक्रवार के दिन डॉक्टरों ने उसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यानी MCH परिसर के अंदर बने ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया। ऑपरेशन थिएटर ले जाए जाने के कुछ ही देर बाद जच्चा और बच्चा दोनों की मौत की खबर सामने आई, जिससे परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। महिला डॉक्टर को निलंबित करने की मांग इस अनहोनी के बाद मृतका के परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर पर सीधे तौर पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। महिला के पति का कहना है कि उनकी पत्नी पिछले चार दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन थी, लेकिन इलाज में बरती गई भारी कोताही के कारण ही उनकी पत्नी और बच्चे की जान चली गई। आक्रोशित परिजनों ने संबंधित महिला चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की मांग उठाई और अस्पताल परिसर में करीब चार घंटे तक जोरदार हंगामा किया। प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर अस्पताल परिसर में बढ़ते तनाव और भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन के शीर्ष अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। ऊना के एएसपी और एसडीएम ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से सीधी बातचीत शुरू की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों के बयानों को दर्ज कर हालात को काबू में लाने और पूरे घटनाक्रम की जांच सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं। इसका आप पर असर यह घटना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और आपातकालीन प्रसूति देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। • हिमाचल प्रदेश में: ऊना और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और डॉक्टरों की जवाबदेही पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद है। डिलीवरी के लिए सरकारी अस्पतालों का रुख करने वाले परिवारों को अब समय पर उचित देखभाल और सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी की मांग पर जोर देना होगा। • भारत में: देश भर के सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए तय मानकों के पालन पर फिर से बहस छिड़ सकती है। नागरिकों को यह समझना जरूरी है कि चिकित्सीय लापरवाही के मामलों में अस्पताल प्रशासन और स्थानीय एसडीएम से तुरंत औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में यह गंभीर विवाद प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की जान जाने तथा परिजनों द्वारा डॉक्टर पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाने के कारण उत्पन्न हुआ। • तात्कालिक घटनाक्रम: चार दिनों से प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती रीना को शुक्रवार को MCH परिसर के ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया था। ऑपरेशन थिएटर के भीतर ही मां और नवजात दोनों की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। • लापरवाही के गंभीर आरोप: मृतका के पति और परिजनों का आरोप है कि महिला चार दिनों से अस्पताल में थी लेकिन उसके इलाज में घोर अनदेखी बरती गई। इसी वजह से परिजनों ने महिला डॉक्टर के तत्काल निलंबन की मांग करते हुए चार घंटे तक धरना दिया। • पूर्व घटना की पृष्ठभूमि: प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों ने इस मामले की तुलना कुल्लू अस्पताल में सामने आए मंजू शर्मा के पूर्व मामले से की, जहां इसी तरह के हालात बने थे। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले के तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में क्या घटना घटी? ऊना क्षेत्रीय अस्पताल के MCH ऑपरेशन थिएटर में प्रसव के दौरान अपर अरनियाला निवासी रीना और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। 2. परिजनों ने अस्पताल में प्रदर्शन क्यों किया? परिजनों ने ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और उन्हें निलंबित करने की मांग को लेकर करीब चार घंटे तक हंगामा किया। 3. महिला को अस्पताल में कब भर्ती कराया गया था? महिला को प्रसव पीड़ा के चलते चार दिन पहले अस्पताल लाया गया था और शुक्रवार को उसे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया था। 4. अस्पताल में स्थिति संभालने के लिए कौन से अधिकारी पहुंचे? तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि ऊना के एएसपी और एसडीएम ने परिजनों से सीधे बातचीत की। https://trendkia.com/himachal-pradesh/una-ke-kshetriya-aspatala-men-prasava-ke-daurana-jachcha-bachcha-ne-tora-dama-doctor-para-laparavahi-ka-aropa-lagakara-parijanon-n-45303 TrendKia — Har trend, sabse pehle.