# द डेविल्स रिव्यू (2026): कैसे आधी सदी पुराना कल्ट क्लासिक इस हेलोवीन सीजन का सबसे बड़ा सिनेमाई धमाका बन गया

> केन रसेल की 1971 की विवादित और प्रतिबंधित फिल्म द डेविल्स अपने नए 4K रीस्टोरेशन के साथ 2026 में सिनेमाघरों में लौट आई है, जिसे आलोचकों और दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।

**Type:** article · **Category:** हॉलीवुड · **Published:** 2026-10-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/hollywood/the-devils-review-2026-how-a-banned-1971-cult-classic-became-the-must-see-movie-of-halloween-53315 · **Language:** Hindi
**Tags:** द डेविल्स, केन रसेल, हॉरर फिल्में, कान्स फिल्म फेस्टिवल, सिनेमा, मार्करमोड

द डेविल्स रिव्यू (2026) के इस दौर में यह बात किसी चमत्कार से कम नहीं लगती कि केन रसेल की साल 1971 की कुख्यात और लंबे समय तक प्रतिबंधित रही फिल्म आखिरकार अपनी पूरी और अनकटी फॉर्म में दर्शकों के बीच लौट आई है। फिल्म के लंबे संघर्ष और उसके बाद हुए शानदार कमबैक ने इस बार के हेलोवीन सीजन का पूरा परिदृश्य ही बदल कर रख दिया है। एक समय जिस फिल्म को सेंसरशिप की मार झेलनी पड़ी थी और कई ब्रिटिश शहरों में जिसके प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई थी, आज वह नए कलेवर के साथ दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है। फिल्म आलोचक मार्क करमोड भी इस बात से हैरान हैं कि कैसे इस मूवी के किरदारों, खासकर वैनेसा रेडग्रेव द्वारा निभाए गए सिस्टर जीन के किरदार पर बनी टी-शर्ट्स अब बाजार में बिक रही हैं। मार्क करमोड बताते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सिस्टर जीन जैसी नन की तस्वीर किसी टी-शर्ट पर छपेगी, जिस पर लिखा हो कि 'फक इट, लेट्स रिलीज द डेविल्स'।

 

## इस हेलोवीन सीजन की सबसे चर्चित फिल्म

तमाम विषम परिस्थितियों को पार करते हुए इस साल हेलोवीन के मौके पर सिनेमाघरों में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म कोई नई कॉनजुरिंग सीरीज की मूवी या किसी नए निर्देशक की हॉरर फिल्म नहीं है, बल्कि यह आधी सदी से भी ज्यादा पुरानी मास्टरपीस है। इसे उस ब्रिटिश निर्देशक ने बनाया था जो द हू के रॉक ऑपेरा टॉमी और ऑस्कर विजेता वुमंस इन लव के लिए जाने जाते हैं। अब इस फिल्म को न केवल अनकटा रखा गया है, बल्कि इसे फ्रेम-दर-फ्रेम डिजिटल रूप से रीमास्टर भी किया गया है। फेस्टिवल सर्किट पर धूम मचाने के बाद द डेविल्स एक बड़े इवेंट सिनेमा के रूप में वापस आ चुकी है। इसके नए ट्रेलर में विलासिता और धर्मनिंदा के दृश्यों की भरमार है, जो इसे किसी सामान्य री-रिलीज की बजाय आज के दौर की नई हॉरर फिल्मों की श्रेणी में खड़ा करता है।

 

## कान्स फिल्म फेस्टिवल में मचाया धमाल

अमेरिका में वार्नर ब्रदर्स के नए इंडी-लीनिंग क्लॉकवर्क लेबल और यूके में बीएफआई के माध्यम से इस फिल्म की वाइड रिलीज से महीनों पहले ही, कान्स फिल्म फेस्टिवल में इसका प्रीमियर हुआ था, जहां यह हर किसी की जुबान पर थी। मार्क करमोड उस माहौल को याद करते हुए बताते हैं कि कान्स में यह स्क्रीनिंग सबसे हॉट और सबसे कूल टिकट बन गई थी। सिनेमाघर के बाहर लोग अतिरिक्त टिकटों के लिए पूछताछ कर रहे थे और वहां एक ऐसा माहौल था जिससे यह साफ महसूस हो रहा था कि कुछ बेहद असाधारण होने जा रहा है। मार्क करमोड के अनुसार निर्देशक केन रसेल खुद इस आधुनिक ट्रेलर को देखकर बेहद खुश होते क्योंकि इसे देखकर जरा भी यह अहसास नहीं होता कि यह कोई 55 साल पुरानी धूल जमी हुई पुरानी कलाकृति है।

 

## सेंसरशिप का लंबा इतिहास और खोई हुई रील्स

इस फिल्म का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। केन रसेल ने इस कहानी को जॉन व्हिटिंग के नाटक और एल्डस हक्सले के ऐतिहासिक दस्तावेजों द डेविल्स ऑफ लाउडन के आधार पर तैयार किया था। साल 1971 में रिलीज के वक्त इस पर भारी सेंसरशिप चलाई गई थी। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ था कि फिल्म का वह केंद्रीय हिस्सा काट दिया गया था जिसमें कराहती हुई नन एक क्रूस के चारों ओर अत्यधिक कामुकता और परमानंद के दृश्यों में लिप्त नजर आती हैं। लंबे समय तक यह फुटेज गायब रही थी और मार्क करमोड इसके बारे में लगातार पूछताछ करते रहे थे। आखिरकार सन 2000 के दशक की शुरुआत में वार्नर के अभिलेखागार अधिकारी टिम एवरेट ने एक गलत लेबल वाले डिब्बे में इन रील्स को ढूंढ निकाला। इसके बाद फिल्म के मूल संपादक माइक ब्रेडसल ने 2004 में एक सीमित स्क्रीनिंग के लिए इसे फिर से जोड़ा, लेकिन दुनिया भर के दर्शकों के लिए इसकी व्यापक रिलीज में अभी दो दशक का और समय लगना बाकी था।

 

## समकालीन युग के साथ फिल्म की प्रासंगिकता

द डेविल्स की प्रासंगिकता आज के दौर में और भी ज्यादा गहरी हो गई है। हमारी आज की पोस्ट-ट्रुथ दुनिया में यह फिल्म एक ऐसे रूपक के रूप में सामने आती है जहां वस्तुनिष्ठ वास्तविकता का पतन हो चुका है और धार्मिक कट्टरता के नाम पर हर प्रकार की अनैतिकता को जायज ठहराया जाता है। द ओडिसी या डिगर की तरह यह उन दुनियाओं को चित्रित करती है जहां समाज के स्थापित नियम पूरी तरह टूट चुके हैं और इसके परिणाम विनाशकारी साबित होते हैं। केन रसेल ने जानबूझकर इस कहानी को ऐसा बनाया था जो केवल अतीत की घटना न लगे बल्कि वर्तमान और भविष्य दोनों पर सवाल उठाए। मार्क करमोड मानते हैं कि आने वाले दशकों में भी यह फिल्म हर आधुनिक युग के लिए एक नया संदेश देगी और दर्शक इसमें अपने समय के हिसाब से नए अर्थ तलाशते रहेंगे।

 

## आज के दर्शकों पर गहरा असर

यह फिल्म आज भी दर्शकों को झकझोर कर रख देने की पूरी ताकत रखती है। हालांकि यह पारंपरिक डरावनी फिल्मों की तरह डराने का काम नहीं करती क्योंकि इसमें कोई अलौकिक राक्षस नहीं हैं, बल्कि इंसानी फितरत की क्रूरता ही सबसे बड़ा दानव है। फिर भी यह इंद्रियों पर एक जोरदार प्रहार करती है। इसमें चरम पर पहुंच चुके शारीरिक अत्याचार, कामुक दृश्य, आगजनी और सत्ता की भूख से भरे हुए खूंखार खलनायक शामिल हैं। मार्क करमोड कहते हैं कि यह फिल्म आपको अंदर तक चुभती है और दर्द देती है, क्योंकि आप उस दर्द को पर्दे पर सच मानकर उससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। आज के दौर के हॉरर सिनेमा की तरह ही यह फिल्म भी कलात्मक संवेदनशीलता और होश उड़ा देने वाले हैरान करने वाले तत्वों का अनूठा मिश्रण पेश करती है।

 

## सोशल मीडिया पर छाया फादर ग्रैंडियर का क्रेज

रिलीज के बाद से ही यह फिल्म लेटरबॉक्स टॉप 250 की सूची में शामिल हो चुकी है। सोशल मीडिया पर ऑलिवर रीड द्वारा निभाए गए पादरी फादर ग्रैंडियर के किरदार को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। उनकी कामुक अपील और स्क्रीन प्रेजेंस आज के युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। मार्क करमोड इस बात से हैरान हैं कि कैसे दशकों पुरानी यह फिल्म आज की पीढ़ी के बीच पूरी तरह से जीवित हो उठी है। कैमरे का एंगल ऑलिवर रीड को इस तरह पेश करता है कि दर्शक वही सब देख पाते हैं जो सिस्टर जीन और कस्बे के अन्य लोग पर्दे पर देख रहे थे। केन रसेल की द डेविल्स अब अमेरिका के सिनेमाघरों में और यूके के थियेटर में 30 अक्टूबर से दर्शकों के लिए उपलब्ध है।

## इसका आप पर असर
द डेविल्स फिल्म की यह रीपरफेक्टेड रिलीज सिनेमाप्रेमियों और हॉरर जॉनर के प्रशंसकों के लिए एक बड़ा सांस्कृतिक अनुभव लेकर आई है।

- **सिनेमाघर के दर्शक:** फिल्म प्रेमियों को अब बड़े पर्दे पर इस क्लासिक मास्टरपीस का अनकटा और उच्च गुणवत्ता वाला 4K वर्जन देखने का मौका मिल रहा है।
- **वैश्विक स्तर पर:** अमेरिका और यूके के सिनेमाघरों में यह फिल्म एक सीमित विशेष रिलीज के तौर पर उपलब्ध कराई गई है, जो इसे कल्ट फिल्मों के शौकीनों के लिए खास बनाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह फिल्म दशकों तक सेंसरशिप और कानूनी बाधाओं के कारण दर्शकों की पहुंच से दूर रही, लेकिन हाल ही में खोई हुई रील्स मिलने और आधुनिक डिजिटल रीस्टोरेशन तकनीक के कारण इसका रास्ता साफ हुआ।

- **मूल रील्स की खोज:** वार्नर के अभिलेखागार में गलत लेबल वाले डिब्बे से गायब फुटेज मिलने के बाद इसके रीस्टोरेशन का रास्ता खुला।
- **स्टूडियो का सहयोग:** वार्नर ब्रदर्स के क्लॉकवर्क लेबल और बीएफआई जैसे संस्थानों द्वारा इसे वैश्विक मंच पर दोबारा लाने का निर्णय लिया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. क्या द डेविल्स देखने लायक है?
हाँ, केन रसेल की यह फिल्म अपने नए 4K रीस्टोरेशन और अनकटे वर्जन के साथ सिनेमाघरों में देखने के लिए एक बेहतरीन कल्ट क्लासिक है।

### 2. द डेविल्स फिल्म का निर्देशन किसने किया है?
इस फिल्म का निर्देशन केन रसेल ने किया है।

### 3. द डेविल्स फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में कौन हैं?
फिल्म में ऑलिवर रीड और वैनेसा रेडग्रेव मुख्य भूमिकाओं में हैं।

### 4. यह फिल्म किस वर्ष रिलीज हुई थी?
यह फिल्म मूल रूप से 1971 में रिलीज हुई थी और 2026 में इसके नए रीस्टोर्ड वर्जन को सिनेमाघरों में लाया गया है।

### 5. द डेविल्स किस जॉनर की फिल्म है?
यह एक ऐतिहासिक ड्रामा और कल्ट हॉरर फिल्म है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._