# ब्रिटिश सांसद जेस असाटो ने अश्लील डीपफेक के खिलाफ एलन मस्क की एक्सएआई पर किया केस

> ब्रिटेन की सांसद जेस असाटो ने ग्रॉक चैटबॉट द्वारा बिना सहमति बनाए गए अश्लील डीपफेक और हिंसक वीडियो के खिलाफ एक्सएआई के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। यह मामला एआई कंपनियों की जवाबदेही तय करने में एक मिसाल बन सकता है।

**Type:** article · **Category:** पड़ताल · **Published:** 2026-10-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/investigations/britisha-sansada-jess-asato-ne-ashlila-dipapheka-ke-khilapha-elon-musk-ki-xai-para-kiya-kesa-52324 · **Language:** Hindi
**Tags:** जेस असाटो, एलन मस्क, एक्सएआई, ग्रॉक डीपफेक, ब्रिटिश संसद, डेटा गोपनीयता, जीडीपीआर, एआई सुरक्षा

ब्रिटेन के लोवेस्टॉफ्ट क्षेत्र की सांसद जेस असाटो ने टेक अरबपति एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई के खिलाफ एक बड़ा कानूनी कदम उठाया है। ग्रॉक चैटबॉट के जरिए उनकी सहमति के बिना बनाई गई अश्लील तस्वीरों और एक बेहद परेशान करने वाले हिंसक वीडियो के सोशल मीडिया मंच X पर प्रसारित होने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। जब X ने उनकी शुरुआती शिकायतों को बार-बार खारिज कर दिया, तो सांसद ने अदालत का रुख किया। उनका तर्क है कि एक्सएआई ने बिना किसी अनुमति के उनके चेहरे और व्यक्तिगत डेटा का इस्तेमाल करके कानून का उल्लंघन किया है। यह कानूनी लड़ाई यह तय करने में एक महत्वपूर्ण नजीर साबित हो सकती है कि जब एआई उत्पाद किसी व्यक्ति को गंभीर मानसिक और सामाजिक नुकसान पहुंचाते हैं, तो टेक कंपनियों की क्या जवाबदेही बनती है।

## जेस असाटो की राजनीतिक पृष्ठभूमि और महिला अधिकार संरक्षण
जेस असाटो का जनसेवा और सामाजिक कार्यों से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने 1997 में टोनी ब्लेयर द्वारा शिक्षा सुधारों पर दिए गए बयानों से प्रेरित होकर लेबर पार्टी के माध्यम से राजनीति में कदम रखा था। संसद सदस्य बनने से पहले, उन्होंने ब्रिटेन की सबसे बड़ी बाल कल्याण संस्था में तीन वर्षों तक नीति और सार्वजनिक मामलों के विभाग में काम किया, जहाँ उन्होंने असुरक्षित बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून बनाने में अहम भूमिका निभाई।

इसके अलावा, असाटो ने घरेलू हिंसा से पीड़ितों की मदद करने वाली संस्था सेफलाइव्स के साथ छह साल तक कार्य किया। इस दौरान उन्होंने डोमेस्टिक एब्यूज एक्ट (घरेलू हिंसा कानून) को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए। संसद में आने के बाद भी उनकी प्राथमिक रणनीति महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत कानून बनवाने और उनकी आवाज को प्रमुखता से उठाने की रही है।

## ग्रॉक चैटबॉट विवाद और बिना सहमति की एआई सामग्री
साल 2026 की शुरुआत में, एक्सएआई के एआई मॉडल ग्रॉक का इस्तेमाल करके महिलाओं और बच्चों की यौन रूप से अनुचित तस्वीरें बनाने की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी देखी गई। ये तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुलेआम शेयर की जा रही थीं। असाटो पहले से ही डीपफेक तकनीक से उत्पन्न होने वाले खतरों को लेकर सतर्क थीं और लंबे समय से इससे प्रभावित पीड़ितों के समर्थन में आवाज उठा रही थीं।

एआई टूल्स की आसान पहुंच के कारण बच्चों की तस्वीरों से छेड़छाड़ करने और न्यूडिफिकेशन एप्स के दुरुपयोग के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई अन्य टेक कंपनियों ने अपने एआई मॉडल में ऐसे सुरक्षा तंत्र स्थापित किए थे, जो कपड़े हटाने या अश्लील सामग्री तैयार करने से जुड़े निर्देशों को सीधे खारिज कर देते थे। हालांकि, ग्रॉक में इस तरह के सख्त सुरक्षा फिल्टर मौजूद नहीं थे, जिससे यह आम इस्तेमाल वाले टूल से बदलकर एक आपत्तिजनक सामग्री बनाने वाले माध्यम के रूप में इस्तेमाल होने लगा।

## संसदीय हस्तक्षेप और ब्रिटिश कानून में बदलाव
इस पूरे मामले को जेस असाटो ने ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में पूरी प्रखरता के साथ उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि एआई टूल्स के इस दुरुपयोग को उचित सॉफ्टवेयर डिजाइन और सुरक्षा मापदंडों के जरिए पूरी तरह से रोका जा सकता था। उनके इस हस्तक्षेप के बाद, विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी की तत्कालीन सचिव लिज़ केन्डल ने घोषणा की कि सरकार क्राइम एंड पुलिसिंग एक्ट के तहत न्यूडिफिकेशन एप्स पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करेगी।

इसके साथ ही, असाटो ने मांग की कि सभी सामान्य एआई चैटबॉट्स को ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के दायरे में लाया जाना चाहिए। हालांकि विधायी प्रक्रिया के कारण इन प्रावधानों को पूरी तरह से लागू होने में समय लग रहा है, लेकिन इस कदम से भविष्य में ग्रॉक जैसे चैटबॉट्स द्वारा बनाई जाने वाली ऐसी अनुचित सामग्री पर सख्त कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है।

## सांसद असाटो को निशाना बनाकर किया गया ऑनलाइन उत्पीड़न
संसद और सोशल मीडिया पर एलन मस्क से ग्रॉक के दुरुपयोग को रोकने की अपील करने के तुरंत बाद असाटो खुद इस संगठित उत्पीड़न का शिकार बन गईं। ग्रॉक का उपयोग करके उनकी कई अनुचित तस्वीरें बनाई गईं, जिनमें उनके शरीर के आकार के साथ छेड़छाड़ की गई, बिकिनी में दिखाया गया, और राजनीतिक प्रतीकों जैसे स्वास्तिक तथा हथौड़ा-हंसिया को उनकी तस्वीरों पर चिपका दिया गया।

उत्पीड़न का स्तर तब और गंभीर हो गया जब एक वीडियो तैयार किया गया जिसमें पुरुषों का एक समूह उन्हें क्लोरोफॉर्म देकर बेहोश करता है और वह एक कुर्सी पर पीछे की ओर गिर जाती हैं। वीडियो में उनके कपड़ों से छेड़छाड़ करते हुए यौन हमले की स्थिति को दर्शाया गया था। असाटो ने जब इन सामग्रियों की रिपोर्ट की, तो X की ओर से स्वचालित जवाब मिला कि इन पोस्ट से उनकी शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। बाद में, उनके वकील द्वारा कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद ही उन पोस्ट को हटाया गया।

## जीडीपीआर और निजता कानून के तहत एक्सएआई पर मुकदमा
X द्वारा शुरुआती शिकायतों की उपेक्षा के बाद, असाटो के कानूनी सलाहकारों ने निष्कर्ष निकाला कि एक्सएआई ने डेटा संरक्षण कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन किया है। इसके बाद उन्होंने एक्सएआई (जो अब स्पेसएक्सएआई के रूप में पुनर्गठित हो रही है) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। यह केस ब्रिटेन के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (जीडीपीआर) और निजता के अधिकारों पर आधारित है।

मुकदमे में कहा गया है कि कंपनी ने बिना पूर्व सहमति के असाटो के चेहरे के डेटा और पहचान को प्रोसेस किया। इसके अलावा, किसी व्यक्ति को यौन हिंसा जैसी स्थिति में दिखाने वाली सामग्री बनाना निजता का गंभीर उल्लंघन और आपराधिक सीमा को छूता है। असाटो का मानना है कि कोई भी व्यक्ति या कंपनी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति ही क्यों न हो।

## अंतरराष्ट्रीय सुनवाई और एआई तकनीक के सुरक्षा मानक
अपने कानूनी अभियान के हिस्से के रूप में जेस असाटो ने न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल की एक विशेष सुनवाई में भी भाग लिया। वहां एआई कंपनियों द्वारा जवाबदेही से बचने के रवैये पर सवाल उठाए गए। हालांकि समन जारी किए जाने के बावजूद एक्सएआई के प्रतिनिधि शुरुआती सुनवाई में शामिल नहीं हुए, लेकिन बाद में काउंसिल ने उनसे इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा।

सांसद असाटो ने इस बात पर जोर दिया कि अति-बुद्धिमान एआई मॉडल से मानव सभ्यता के लिए संभावित खतरों को देखते हुए सख्त डिजिटल उत्पाद विनियमन की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि किसी भी व्यक्ति की फोटो, आवाज या वीडियो को उसकी स्पष्ट सहमति के बिना एआई चैटबॉट में इस्तेमाल करने पर पूर्ण कानूनी रोक होनी चाहिए, ताकि तकनीक का विकास सामाजिक और कानूनी सीमाओं के भीतर हो सके।

## इसका आप पर असर
यह कानूनी मामला जनसाधारण और इंटरनेट उपयोग करने वाली महिलाओं के डिजिटल निजता अधिकारों को लेकर एक नई मिसाल कायम करता है।

- **भारत में:** भारत के आईटी नियमों और डेटा संरक्षण कानूनों के तहत सोशल मीडिया तथा एआई प्लेटफॉर्म्स पर बिना सहमति के तस्वीरें विकृत करने के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के दरवाजे खुलेंगे। उपयोगकर्ता अपनी सहमति के बिना बनाई गई एआई सामग्री पर कानूनी दावा पेश कर सकते हैं।
- **वैश्विक स्तर पर:** यह मामला यदि अदालत में साबित होता है, तो टेक दिग्गजों को अपने एआई टूल्स में अनिवार्य सुरक्षा फिल्टर लगाने होंगे। इससे आम लोगों को बिना अनुमति के एआई द्वारा बनाई गई अश्लील सामग्री और ऑनलाइन उत्पीड़न से बड़ी राहत मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना एआई टूल्स में पर्याप्त सुरक्षा फिल्टर की कमी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा बिना सहमति के बनाई गई आपत्तिजनक सामग्री को रोकने में रही ढिलाई के कारण हुई।

- **मूल कारण:** एक्सएआई के ग्रॉक चैटबॉट में न्यूडिफिकेशन और अश्लील तस्वीरें बनाने वाले निर्देशों को रोकने के लिए शुरुआती स्तर पर सख्त तकनीकी फिल्टर मौजूद नहीं थे।
- **उत्पीड़न की वजह:** सांसद जेस असाटो द्वारा संसद में इस दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाने और एलन मस्क से इसे रोकने की मांग करने के बाद उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाकर निशाना बनाया गया।
- **कानूनी आधार:** X द्वारा स्वचालित संदेशों के जरिए शुरुआती शिकायतों को खारिज किए जाने के बाद, सांसद ने ब्रिटेन के जीडीपीआर और निजता कानूनों का सहारा लेकर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्रिटिश सांसद जेस असाटो ने एक्सएआई पर केस क्यों किया?
ग्रॉक चैटबॉट का इस्तेमाल करके बिना अनुमति के उनकी कई अश्लील तस्वीरें और एक हिंसक डीपफेक वीडियो बनाकर X पर शेयर किया गया था, जिसे हटाने से X के सिस्टम ने मना कर दिया था।

### 2. जेस असाटो किस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं?
जेस असाटो ब्रिटेन के लोवेस्टॉफ्ट संसदीय क्षेत्र से लेबर पार्टी की सांसद हैं।

### 3. मुकदमे का मुख्य कानूनी आधार क्या है?
यह मुकदमा ब्रिटेन के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (जीडीपीआर) और निजता कानून के तहत दर्ज कराया गया है, जिसमें बिना सहमति के चेहरे के डेटा के दुरुपयोग का आरोप है।

### 4. ब्रिटिश सरकार ने इस विवाद के बाद क्या कदम उठाया?
सरकार ने क्राइम एंड पुलिसिंग एक्ट के तहत न्यूडिफिकेशन एप्स पर बैन लगाने और एआई चैटबॉट्स को ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के दायरे में लाने की घोषणा की।

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