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  "type": "article",
  "title": "कनाडा से अमेरिका तक वांटेड गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की कहानी, पुलिस अफसर पिता जेल में और मां गायब",
  "summary": "अमेरिका की एफबीआई द्वारा 10 सबसे वांछित भगोड़ों में शामिल किए गए गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के पंजाब स्थित गांव और घर का माहौल बेहद तनावपूर्ण है। उसके पिता जेल में बंद हैं, मां लापता हैं और परिवार पूरी तरह बिखर चुका है।",
  "content": "28 सितंबर 2026 को अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को अपने 10 सबसे वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल कर दिया। एफबीआई ने उसकी गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी देने वाले के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 9.4 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है। भारतीय प्रशासन पहले ही गोल्डी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुका है और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत उसे आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त कनाडा के 25 सबसे वांछित अपराधियों की सूची में भी उसका नाम दर्ज है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतने बड़े इनाम और सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बीच पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब स्थित उसके घर और पैतृक गांव बुर्ज हरीका में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय निवासियों और रिश्तेदारों के अनुसार कभी होनहार छात्र रहा गोल्डी आज अपने ही परिवार के लिए एक दुखद अतीत बन चुका है।\n\nमुक्तसर का 5000 वर्ग फुट का वीरान मकान और सीसीटीवी कैमरों का पहरा\nपंजाब के श्री मुक्तसर साहिब स्थित आदेश नगर में गोल्डी बराड़ का बचपन बीता था। यहां 5,000 वर्ग फुट के भूखंड पर बना दो मंजिला मकान आज पूरी तरह वीरान पड़ा है। मुख्य द्वार पर ताला भले ही न लटका हो, लेकिन जम चुकी धूल की परतें साफ बताती हैं कि लंबे समय से यहां कोई नहीं आया है। इस इलाके में गोल्डी के घर और आसपास की इमारतों पर कई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। प्रत्येक घर के बाहर चार से पांच कैमरे स्थापित हैं।\n\nस्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले यहां रहने वाले अधिकतर लोगों को गोल्डी बराड़ के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उस चर्चित हत्याकांड के बाद ही लोगों को पता चला कि गोल्डी का परिवार इस मोहल्ले में रहता है। उस घटनाक्रम के बाद से इस इलाके में बाहरी लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है। एक समय था जब पंजाब पुलिस के जवान इस घर के बाहर दिन-रात तैनात रहते थे, लेकिन अब केवल समय-समय पर गश्त करने वाली टीमें ही यहां आती हैं।\n\nपढ़ाई और खेलों में आगे रहने वाले छात्र का जरायम की दुनिया में प्रवेश\nगोल्डी बराड़ की शुरुआती जिंदगी अपराध से बिल्कुल अलग थी। उसने श्री मुक्तसर साहिब के पास स्थित भाई मस्ताना सिंह स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा हासिल की थी। वह पढ़ाई में काफी अच्छा था और दसवीं की परीक्षा में उसने बेहतरीन अंक प्राप्त किए थे। पढ़ाई के साथ-साथ उसकी रुचि खेलों में भी थी और वह कबड्डी तथा हॉकी का अच्छा खिलाड़ी माना जाता था।\n\nदसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद गोल्डी आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया। चंडीगढ़ की आबोहवा में पहुंचते ही उसकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया। कॉलेज के दिनों में छोटे-मोटे झगड़ों से शुरुआत करते हुए वह छात्र राजनीति में सक्रिय हो गया। इसी दौरान उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई से हुआ और वह अपराध की दुनिया के करीब आता चला गया।\n\nपिता की मिन्नतें और गोल्डी का बेरुखी भरा जवाब\nगोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह पंजाब पुलिस में कार्यरत थे। वे अपने बेटे के बिगड़ते रवैये को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। शमशेर सिंह को 55 वर्ष की उम्र में पुलिस सेवा से अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी। जब गोल्डी चंडीगढ़ में छात्र राजनीति और विवादों में फंसने लगा, तो उनके पिता अक्सर पड़ोसियों के पास जाकर अपना दर्द साझा करते थे।\n\nशमशेर सिंह अपनी पत्नी के साथ चंडीगढ़ स्थानांतरित होने की योजना बना रहे थे ताकि वे अपने बेटे के साथ रह सकें और उसकी पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। पड़ोसियों के अनुसार, शमशेर सिंह ने गोल्डी से घर वापस लौटने की कई बार अपील की थी। एक प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसी ने बताया कि शमशेर सिंह ने गोल्डी से कहा था कि वह वापस आ जाए और यदि वह जेल भी जाता है तो वे उसकी जमानत करवा लेंगे, क्योंकि उनके जाने के बाद घर खाली पड़ा हुआ है। इस पर गोल्डी ने बेहद सख्त लहजे में जवाब दिया था कि इस मकान को ढा दो, मैं कभी वापस नहीं आऊंगा। इसके बाद गोल्डी कनाडा चला गया और उसने अपने माता-पिता से सभी संबंध तोड़ लिए।\n\nकजिन की हत्या और बदले की आग से शुरू हुआ अपराध का खूनी सफर\nगोल्डी के पैतृक गांव बुर्ज हरीका, जो पंजाब के फ़रीदकोट जिले में स्थित है, में उसके रिश्तेदार रहते हैं। गोल्डी के चाचा सतपाल सिंह और चाची मनजीत कौर इसी गांव में रहते हैं। मनजीत कौर पिछले 7 वर्षों से गांव की सरपंच हैं। गांव के पुश्तैनी मकान में एक पुरानी हवेलीनुमा इमारत है जहां परिवार के बुजुर्ग रहते हैं।\n\nगोल्डी के चाचा सतपाल सिंह ने बताया कि उनका भतीजा स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई करने कनाडा गया था। कनाडा जाने के लगभग छह महीने बाद चंडीगढ़ में गोल्डी के चचेरे भाई गुरलाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान का नाम सामने आया था। चचेरे भाई की मौत का बदला लेने के लिए गोल्डी ने कनाडा में रहते हुए साजिश रची और गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या करवा दी। इस घटना के बाद गोल्डी बराड़ ने पूरी तरह से जरायम की दुनिया में कदम रख दिया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।\n\nरंगदारी के मामले, पिता की गिरफ्तारी और लापता मां\nगोल्डी बराड़ के जरायम की दुनिया में जाने का खामियाजा उसके पूरे परिवार को भुगतना पड़ा है। उसके पिता शमशेर सिंह इस समय पंजाब की कपूरथला जेल में बंद हैं। मई 2026 में शमशेर सिंह को फिल्लौर के एक कारोबारी से रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।\n\nइससे पहले दिसंबर 2024 में श्री मुक्तसर साहिब के एक सरकारी शिक्षक से वॉट्सऐप के अंतरराष्ट्रीय नंबर से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन जनवरी 2026 में जांच के दौरान शमशेर सिंह और उनकी पत्नी प्रीतपाल का नाम सामने आया। 26 जनवरी 2026 को पुलिस ने शमशेर सिंह और प्रीतपाल को अमृतसर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। मार्च 2026 में अदालत ने प्रीतपाल को जमानत दे दी थी। जमानत पर बाहर आने के बाद से गोल्डी की मां प्रीतपाल का कोई सुराग नहीं है और वे पिछले दो महीनों से गांव भी नहीं आई हैं।\n\nतीन भाइयों का बिखरता कुनबा और पुश्तैनी जमीन का बंटवारा\nबुर्ज हरीका गांव में गोल्डी के परिवार की सामाजिक स्थिति काफी दुखद हो चुकी है। शमशेर सिंह अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। सबसे बड़े भाई की कुछ वर्ष पहले बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। बड़े भाई का बेटा गांव में खेतीबाड़ी करता है और उसके पास लगभग दो एकड़ जमीन बची है, जबकि उनकी दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है।\n\nमझले भाई सतपाल सिंह के पास लगभग पांच एकड़ जमीन है। उनकी बेटी की शादी हो चुकी है और उनकी पत्नी मनजीत कौर गांव की सरपंच हैं। तीनों भाइयों के पास पहले पांच-पांच एकड़ पुश्तैनी जमीन थी, लेकिन सबसे बड़े और सबसे छोटे भाई (शमशेर सिंह) ने अपनी तीन-तीन एकड़ जमीन बेच दी। शमशेर सिंह ने अपनी जमीन बेचकर ही मुक्तसर साहिब में मकान बनाया था। आज यह पूरा परिवार बिखर चुका है। सतपाल सिंह का स्वास्थ्य खराब रहता है और गांव में अक्सर पंजाब पुलिस तथा दिल्ली पुलिस की विशेष टीमें गोल्डी के नेटवर्क का सुराग तलाशने आती रहती हैं।\n\nइसका आप पर असर\nअंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गैंगस्टरों पर बढ़ाई गई सख्ती से सुरक्षा तंत्र मजबूत होता है, लेकिन संगठित अपराध से जुड़े परिवारों की सामाजिक और कानूनी स्थिति पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है।\n\n• पंजाब में: श्री मुक्तसर साहिब और फ़रीदकोट के स्थानीय इलाकों में पुलिस गश्त और सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है, जिससे आसपास के निवासियों में सतर्कता का माहौल है।\n• भारत में: एफबीआई और पंजाब पुलिस के बीच बढ़ते समन्वय से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पार छिपे भगोड़ों पर शिकंजा कसना आसान हो जाएगा।\n• परिवारों पर असर: जरायम की दुनिया चुनने वाले युवाओं के माता-पिता को कानूनी मुकदमों और सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है।\n• कानूनी कार्रवाई: रंगदारी और आपराधिक मामलों में शामिल सहयोगियों और परिजनों की संपत्तियों की जांच तेज हो गई है।\n\nऐसा क्यों हुआ\n28 सितंबर 2026 को अमेरिकी एजेंसी एफबीआई द्वारा गोल्डी बराड़ पर 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित करने और 10 सबसे वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल करने के बाद उसके अतीत और पारिवारिक पृष्ठभूमि की पड़ताल जरूरी हो गई थी।\n\n• चंडीगढ़ में छात्र राजनीति: भाई मस्ताना सिंह स्कूल से पढ़ाई के बाद चंडीगढ़ जाने पर गोल्डी छात्र राजनीति और आपराधिक गिरोहों के संपर्क में आया।\n• चचेरे भाई की हत्या का बदला: कनाडा जाने के छह महीने बाद चचेरे भाई गुरलाल की हत्या हुई, जिसके बदले में की गई हत्या ने उसे जरायम की दुनिया में धकेल दिया।\n• माता-पिता पर कानूनी मामले: मई 2026 में फिल्लौर में रंगदारी के मामले में शमशेर सिंह की गिरफ्तारी और दिसंबर 2024 में 50 लाख की रंगदारी केस ने परिवार को पूरी तरह कानूनी संकट में डाल दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. एफबीआई ने गोल्डी बराड़ पर कितना इनाम रखा है?\nएफबीआई ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी देने पर 10 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 9.4 करोड़ रुपये) का इनाम रखा है।\n\n2. गोल्डी बराड़ का पैतृक गांव कौन सा है?\nगोल्डी बराड़ का पैतृक गांव बुर्ज हरीका है, जो पंजाब के फ़रीदकोट जिले में स्थित है।\n\n3. गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह किस जेल में बंद हैं?\nरंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किए गए शमशेर सिंह पंजाब की कपूरथला जेल में बंद हैं।\n\n4. गोल्डी बराड़ अपराध की दुनिया में कैसे आया?\nचंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान छात्र राजनीति में शामिल होने और कनाडा जाने के बाद अपने चचेरे भाई गुरलाल की हत्या का बदला लेने के लिए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा।",
  "url": "https://trendkia.com/investigations/canada-aur-america-mein-wanted-gangster-goldy-brar-ki-ankani-dastan-police-officer-pita-jail-mein-aur-bikhra-parivar-50840",
  "category": "पड़ताल",
  "publishedAt": "2026-10-23",
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    "एफबीआई वांटेड",
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