ऑपरेशन गंगा: जब एक भारतीय विमान को हाईजैक कर लाहौर में जला दिया गया और भारत सरकार मुस्कुराई 1971 में कश्मीर के दो युवाओं ने भारतीय विमान 'गंगा' का अपहरण कर उसे पाकिस्तान के लाहौर ले जाकर जला दिया था। हैरान करने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद दिल्ली में इंदिरा गांधी और RAW के प्रमुख खुश थे, जिसकी पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है। 30 जनवरी 1971 की सुबह श्रीनगर में कड़ाके की ठंड थी। डल झील के किनारे बर्फ जमी थी, लेकिन श्रीनगर हवाई अड्डे के बाहर खड़े हाशिम कुरैशी और अशरफ कुरैशी के चेहरों पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं। कश्मीरी मूल के ये चचेरे भाई महंगे ओवरकोट पहने हुए थे। वे वहां एक खास उड़ान का इंतजार कर रहे थे। उनका इरादा उस विमान को हाईजैक करना था जिसके पायलट उस समय इंडियन एयरलाइंस में कार्यरत राजीव गांधी होने वाले थे। हालांकि, किस्मत से राजीव गांधी का शेड्यूल बदल चुका था और उस विमान की कमान किसी और के हाथ में थी। विमान में सनसनीखेज अपहरण हाशिम और अशरफ ने बिना देरी किए आखिरी दो सीटों के टिकट लिए और विमान 'गंगा' (Fokker F-27) में सवार हो गए। विमान में कुल 28 यात्री और चार क्रू सदस्य थे। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, जब विमान जम्मू की ओर बढ़ रहा था, दोनों युवक अपनी सीटों से उठे। हाशिम ने पिस्तौल निकाली और अशरफ ने हैंड ग्रेनेड दिखाते हुए विमान पर नियंत्रण होने का ऐलान कर दिया। हाशिम ने कॉकपिट का दरवाजा लात मारकर खोला और पायलट को बंदूक की नोक पर विमान का रास्ता बदलकर रावलपिंडी ले जाने का निर्देश दिया। लाहौर में लैंडिंग और पाकिस्तान की भूमिका पायलट ने ईंधन कम होने का हवाला देकर रावलपिंडी जाने से इनकार किया, जिसके बाद हाशिम ने विमान को लाहौर की ओर मोड़ने का आदेश दिया। अमृतसर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के सतर्क होने के बावजूद, अंततः विमान को लाहौर हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति मिली। पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल याह्या खान ने विमान को उतरने देने का आदेश दिया, क्योंकि वे भारत को वैश्विक स्तर पर शर्मिंदा करने का यह अवसर नहीं गंवाना चाहते थे। 1:30 बजे 'गंगा' लाहौर की जमीन पर उतरा। मांगें और ड्रामा हाशिम ने मांग की कि जब तक भारत उनकी जेलों में बंद 36 कश्मीरी कमांडो को रिहा नहीं करता, तब तक यात्री बंधक रहेंगे। दिल्ली में स्थिति गंभीर थी। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और RAW प्रमुख आर. एन. काओ ने स्पष्ट कर दिया कि भारत किसी भी हाल में आतंकवादियों के आगे नहीं झुकेगा। इस बीच, पाकिस्तान में जुल्फिकार अली भुट्टो ने हाशिम और अशरफ को 'शेर' कहकर संबोधित किया और उनका उत्साह बढ़ाया। 1 फरवरी को यात्रियों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया, लेकिन विमान को लाहौर में ही रोक लिया गया। विमान को आग के हवाले करना 2 फरवरी 1971 की शाम को हाशिम और अशरफ ने पेट्रोल डालकर 'गंगा' विमान को आग के हवाले कर दिया। विमान के जलते ही लाहौर में जश्न का माहौल था। दिल्ली में जब आर. एन. काओ ने इंदिरा गांधी को सूचना दी कि विमान नष्ट हो गया है, तो उनकी प्रतिक्रिया अप्रत्याशित थी। प्रधानमंत्री ने इस खबर पर बधाई देते हुए कहा कि अब उनका असली मिशन शुरू होता है। इसका आप पर असर भारत में: यह घटना विमानन सुरक्षा नियमों में बड़े बदलावों और कूटनीतिक रणनीतियों का आधार बनी। सवाल-जवाब 1. ऑपरेशन गंगा के दौरान विमान का क्या हुआ? 2 फरवरी 1971 को विमान 'गंगा' को लाहौर हवाई अड्डे पर अपहरणकर्ताओं द्वारा पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। 2. विमान में सवार यात्रियों का क्या हुआ? 1 फरवरी 1971 को सभी यात्रियों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया और उन्हें बस द्वारा हुसैनीवाला सीमा के माध्यम से भारत भेज दिया गया। 3. इंदिरा गांधी इस घटना से क्यों खुश थीं? इस घटना ने भारत सरकार को पाकिस्तान की मंशा उजागर करने और अपनी अगली रणनीतिक चाल चलने का मौका दिया था। 4. हाशिम कुरैशी की क्या मांग थी? उसने मांग की थी कि भारत सरकार जेल में बंद उनके 36 साथियों को रिहा करे, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया था। https://trendkia.com/investigations/operation-ganga-jaba-eka-bharatiya-vimana-ko-haijaika-kara-lahore-men-jala-diya-gaya-aura-bharata-sarakara-muskurai-6729 TrendKia — Har trend, sabse pehle.