भारी तबाही के बीच जम्मू लौटे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, बाढ़ और भूस्खलन से 12 की मौत के बाद राहत बचाव तेज जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण 12 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपना दिल्ली दौरा छोड़कर जम्मू लौट आए हैं, जहां उन्होंने प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की। मूसलाधार बारिश के बाद जम्मू-कश्मीर में हालात गंभीर हो गए हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 12 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला रविवार को अपना दिल्ली दौरा बीच में ही छोड़कर वापस जम्मू लौट आए। केंद्र शासित प्रदेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह से मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश होने की आशंका जताई है, जिससे चिंताएं बढ़ गई हैं। प्रशासनिक अमले के साथ मुख्यमंत्री की आपात बैठक मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने की मांग को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के दौरे पर थे। लेकिन पुंछ और राजौरी सहित विभिन्न जिलों में भारी बारिश से पैदा हुई आपातकालीन स्थिति के कारण उन्होंने अपना कार्यक्रम संक्षिप्त किया और रविवार दोपहर को ही जम्मू पहुंच गए। कार्यभार संभालते ही उन्होंने शाम छह बजे जम्मू के सिविल सचिवालय में एक आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई। लगभग डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चली इस उच्च-स्तरीय बैठक में सुरक्षा और नागरिक प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों के संभागीय आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी हकीकत, जलभराव की स्थिति और राहत कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उमर अब्दुल्ला ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करें। राहत सामग्री और बुनियादी सेवाओं की बहाली पर जोर बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों में भोजन, आवश्यक दवाओं और पीने के साफ पानी की उपलब्धता की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संवेदनशील और कम ऊंचाई वाले इलाकों पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखी जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, उमर अब्दुल्ला ने विभिन्न सरकारी विभागों के बीच मजबूत तालमेल बनाने और राहत सामग्री को बिना किसी देरी के प्रभावित परिवारों तक पहुंचाने पर जोर दिया। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण कई मुख्य मार्ग और संपर्क सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके साथ ही कई इलाकों में बिजली के खंभे गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सेवाएं बाधित हुई हैं, उन्हें युद्धस्तर पर काम करके जल्द से जल्द बहाल किया जाए। पुंछ और राजौरी में प्राकृतिक आपदा का कहर बीती रात हुई भीषण बारिश ने जम्मू संभाग के पुंछ और राजौरी जिलों में भारी तबाही मचाई है। अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की वजह से 12 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मलबे और तेज बहाव में बहे कई अन्य लोगों की तलाश अभी भी जारी है। राजौरी शहर के निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर जाने के कारण बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रभावित क्षेत्रों से सैकड़ों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इस भयावह त्रासदी पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार स्थिति पर बहुत बारीक नजर रख रही है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि प्रभावित इलाकों में बचाव, राहत और पुनर्वास के कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जमीनी हालात पर मुख्यमंत्री की सीधी नजर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे जमीनी हालात की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजौरी शहर और उसके आस-पास के इलाकों में मूसलाधार बारिश से उत्पन्न स्थितियों को लेकर वे स्थानीय विधायकों के निरंतर संपर्क में हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों के जीवन की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित निकालना है। जिन लोगों की संपत्ति को बाढ़ से नुकसान पहुंचा है, सरकार उन्हें नियमानुसार पूरी सहायता प्रदान करेगी। इस आपदा के बीच मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस का राजनीतिक कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही चलेगा। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर 20 जुलाई को दिल्ली में होने वाला विरोध प्रदर्शन पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा। वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा पर मौसम का असर मौसम के इस बिगड़े मिजाज का असर केंद्र शासित प्रदेश की प्रसिद्ध धार्मिक यात्राओं पर भी पड़ा है। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सलामती को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को 19 जुलाई से अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। श्रद्धालुओं को फिलहाल बेस कैंप से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके साथ ही, लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए माता वैष्णो देवी की यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक अपनी यात्रा टाल दें और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मौसम विभाग ने पूरे जम्मू-कश्मीर में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है, जिससे आने वाले दो-तीन दिन बेहद संवेदनशील बने रहेंगे। इसका आप पर असर • जम्मू-कश्मीर में: भारी बारिश और भूस्खलन के कारण स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है और बिजली-सड़क जैसी आवश्यक सेवाएं बाधित होने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। • श्रद्धालुओं के लिए: अमरनाथ और माता वैष्णो देवी की यात्रा करने की योजना बना रहे देश भर के श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा स्थगित करनी होगी, क्योंकि मौसम खराब होने के कारण इन दोनों तीर्थ यात्राओं को रोक दिया गया है। सवाल-जवाब 1. जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ के कारण कितने लोगों की मौत हुई है? प्राकृतिक आपदा, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जम्मू-कश्मीर में कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। 2. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपना दिल्ली दौरा छोड़कर वापस क्यों लौटे? प्रदेश के पुंछ और राजौरी सहित कई हिस्सों में भारी बारिश से आई बाढ़ और गंभीर स्थिति की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री अपना दिल्ली दौरा बीच में ही समाप्त कर जम्मू लौट आए। 3. जम्मू-कश्मीर में कब तक भारी बारिश होने का अनुमान है? मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों में 23 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। 4. क्या मौसम खराब होने के कारण अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है? यस, खराब मौसम और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को 19 जुलाई से और वैष्णो देवी यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। 5. नेशनल कॉन्फ्रेंस का दिल्ली में होने वाला विरोध प्रदर्शन कब निर्धारित है? जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन 20 जुलाई को तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। https://trendkia.com/jammu-kashmir/bhari-tabahi-ke-bicha-jammu-laute-mukhyamntri-omar-abdullah-barha-aura-bhuskhalana-se-12-ki-mauta-ke-bada-rahata-bachava-teja-8794 TrendKia — Har trend, sabse pehle.