# दक्षिण कश्मीर के अवनीरा में बगीचे से आईईडी बरामद, जवानों ने धमाका कर टाली बड़ी आतंकी साजिश

> शोपियां और कुलगाम की सीमा पर स्थित अवनीरा गांव के एक बगीचे में मिले विस्फोटक को बम निरोधक दस्ते ने नियंत्रित तरीके से नष्ट किया।

**Type:** article · **Category:** जम्मू-कश्मीर · **Published:** 2026-09-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jammu-kashmir/dakshina-kashmira-ke-awanneera-men-bagiche-se-ied-baramada-javanon-ne-dhamaka-kara-tali-bari-atnki-sajisha-35404 · **Language:** Hindi
**Tags:** जम्मू कश्मीर, शोपियां, कुलगाम, आईईडी, सुरक्षा बल, लश्कर ए तैयबा, अवनीरा, राजौरी

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने चौकसी दिखाते हुए एक बड़ा आतंकी मंसूबा मिट्टी में मिला दिया। दक्षिण कश्मीर के शोपियां और कुलगाम जिले की सीमा के पास स्थित एक फल के बगीचे में छिपाकर रखे गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को बरामद कर समय रहते डिफ्यूज कर दिया गया। विस्फोटक मिलने की सूचना के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई और सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अवनीरा के आसपास सख्त घेराबंदी कर दी।

## अवनीरा के बगीचे में मिला विस्फोटक, बम निरोधक दस्ते ने किया नष्ट
शोपियां और कुलगाम जिले की सीमा पर स्थित जैनापोरा क्षेत्र के अवनीरा गांव के एक बगीचे में यह विस्फोटक छिपाया गया था। सुरक्षा बलों को इलाके में संदिग्ध हलचल की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया गया था। बगीचे में संदिग्ध आईईडी नजर आते ही जवानों ने तुरंत मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया।

इलाके में मौजूद स्थानीय निवासियों को सतर्क करते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई और तुरंत बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। बम निरोधक दस्ते ने बेहद सावधानी बरतते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत इस विस्फोटक को नियंत्रित विस्फोट के जरिए सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। इस नियंत्रित प्रक्रिया में किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, जिससे आसपास रहने वाले नागरिकों ने राहत की सांस ली।

## तीन सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान और व्यापक तलाशी
इस ऑपरेशन में सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 178 बटालियन और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला था। संयुक्त दल इलाके में पहले से ही निगरानी रख रहा था और गश्त के दौरान ही यह विस्फोटक बरामद किया गया। आईईडी को निष्क्रिय करने के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया है और यह पता लगाने के लिए सघन तलाशी अभियान जारी रखा है कि बगीचे या उसके आसपास कोई अन्य विस्फोटक सामग्री तो नहीं छिपाई गई है।

## लश्कर के लॉजिस्टिक्स मॉड्यूल से जुड़े तीन मददगारों की गिरफ्तारी
इससे पहले भी सुरक्षा बलों ने सीमा पार पाकिस्तान से संचालित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक महत्वपूर्ण नेटवर्क को ध्वस्त किया था। जांच एजेंसियों ने लश्कर से जुड़े तीन सहयोगियों को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजौरी जिले के कोट चरवाल निवासी मोहम्मद आजम, जाकिर हुसैन और मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है।

ये तीनों आरोपी पिछले कई वर्षों से लगातार सक्रिय थे और आतंकी समूहों के लिए एक लॉजिस्टिक्स सपोर्ट मॉड्यूल का संचालन कर रहे थे। जांच में सामने आया कि इन्होंने जम्मू संभाग के राजौरी और रियासी जिलों से पीर पंजाल के रास्तों से होते हुए दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले तक कई आतंकी गुटों को सुरक्षित आवाजाही, पनाह और जमीनी मदद मुहैया कराई थी।

## 2023 के चसाना एनकाउंटर से जुड़े तार और हथियारों की बरामदगी
पुलिस के अनुसार इन तीनों आरोपियों ने वर्ष 2023 में रियासी जिले के चसाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान भी आतंकियों की मदद की थी, जिसमें आतंकी मारे गए थे। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर गांव से सटे जंगली इलाके से पहले एक शक्तिशाली आईईडी बरामद किया गया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को आरोपियों के गुप्त ठिकाने से एक पिस्तौल, मैगजीन, जिंदा गोला-बारूद और चीन में बने दो हथगोले भी बरामद किए गए।

## इसका आप पर असर
दक्षिण कश्मीर में समय रहते आईईडी को निष्क्रिय करने से एक बड़ा आतंकी हमला टल गया है और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

- **भारत में:** सीमा पार से चलने वाले आतंकी नेटवर्क और उनके मददगारों पर सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करती है। इससे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और सतर्कता को उच्च स्तर पर बनाए रखने में मदद मिलती है।
- **जम्मू-कश्मीर में:** शोपियां और कुलगाम की सीमा से जुड़े इलाकों में आवाजाही के दौरान अतिरिक्त जांच और नाकाबंदी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय किसानों और बागवानों को अपने खेतों या बगीचों में कोई भी लावारिस या संदिग्ध वस्तु दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने की हिदायत दी गई है।
- **यात्रा और दैनिक आवागमन:** जैनापोरा और अवनीरा बेल्ट के आसपास मुख्य मार्गों पर सुरक्षा गश्त बढ़ा दी गई है। यात्रियों और वाहन चालकों को सुरक्षा जांच के कारण संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह है।
- **सुरक्षा प्रोटोकॉल:** नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए घेराबंदी वाले क्षेत्रों और तलाशी अभियानों के दौरान नियमों का पालन करें। किसी भी अनजान पैकेट या धातु के डिब्बे से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना दक्षिण कश्मीर के ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाने की साजिश तथा आतंकवादियों के नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई का परिणाम है।

- **सीधे तौर पर क्या हुआ:** सुरक्षा एजेंसियों को अवनीरा के एक बगीचे में संदिग्ध गतिविधियों और विस्फोटक रखे होने की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर 44 राष्ट्रीय राइफल्स, 178 सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर आईईडी का पता लगाया।
- **सहायक नेटवर्क की भूमिका:** हाल ही में पकड़े गए तीन स्थानीय मददगार राजौरी और रियासी से पीर पंजाल के दुर्गम पहाड़ी रास्तों के जरिए कश्मीर घाटी तक आतंकियों को रसद, हथियार और पनाह दे रहे थे। इस प्रकार के मॉड्यूल विस्फोटकों और हथियारों को ठिकाने लगाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।
- **पूर्व की घटनाएं:** इन गिरफ्तार सहयोगियों के तार वर्ष 2023 में रियासी के चसाना में हुई मुठभेड़ से भी जुड़े पाए गए थे, जहां सुरक्षा बलों ने आतंकियों को मार गिराया था। उनके ठिकानों से लगातार आईईडी, पिस्तौल और चीनी ग्रेनेड बरामद होना दर्शाता है कि यह नेटवर्क काफी समय से घाटी में हथियारों का जखीरा जमा करने में लगा था।

## सवाल-जवाब

### 1. विस्फोटक उपकरण किस स्थान से बरामद किया गया?
यह आईईडी शोपियां और कुलगाम जिले की सीमा के पास जैनापोरा क्षेत्र के अवनीरा गांव में स्थित एक बगीचे से बरामद किया गया।

### 2. आईईडी को निष्क्रिय करने में कौन से सुरक्षा बल शामिल थे?
इस ऑपरेशन में सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ की 178 बटालियन और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों के साथ बम निरोधक दस्ता शामिल था।

### 3. क्या नियंत्रित विस्फोट के दौरान कोई नुकसान हुआ?
अधिकारियों के अनुसार बम निरोधक दस्ते द्वारा किए गए नियंत्रित विस्फोट में किसी भी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

### 4. लश्कर-ए-तैयबा के किन तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया था?
सुरक्षा बलों ने 14 सितंबर को राजौरी के कोट चरवाल निवासी मोहम्मद आजम, जाकिर हुसैन और मोहम्मद मुश्ताक को गिरफ्तार किया था।

### 5. गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों से क्या-क्या बरामद हुआ था?
उनकी निशानदेही पर जंगल से एक शक्तिशाली आईईडी बरामद हुई, जबकि ठिकाने से एक पिस्तौल, मैगजीन, कारतूस और चीन निर्मित दो ग्रेनेड मिले।

### 6. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी किस प्रकार की गतिविधियों में शामिल थे?
ये आरोपी आतंकी गुटों को लॉजिस्टिक्स सहायता, पनाह और राजौरी-रियासी से पीर पंजाल होते हुए शोपियां तक आवाजाही में मदद मुहैया कराते थे।

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