# डोडा मेडिकल कॉलेज में हिजाब विवाद पर भड़का छात्राओं का गुस्सा, अस्पताल परिसर में पुलिस अधिकारी से तीखी बहस

> जम्मू और कश्मीर के डोडा सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रही छात्राओं और पुलिस अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

**Type:** article · **Category:** जम्मू-कश्मीर · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jammu-kashmir/doda-medical-college-men-hijab-vivada-para-bharaka-chhatraon-ka-gussa-aspatala-parisara-men-pulisa-adhikari-se-tikhi-bahasa-41476 · **Language:** Hindi
**Tags:** डोडा, जम्मू कश्मीर, हिजाब विवाद, मेडिकल कॉलेज, डॉ मधु छिब, विरोध प्रदर्शन

जम्मू और कश्मीर के डोडा स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 1 अक्टूबर को हिजाब पहनने के मुद्दे पर छात्राओं का तीव्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने अस्पताल परिसर में जमा होकर एक प्रोफेसर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन की वजह से अस्पताल में तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद मौके पर कानून व्यवस्था संभालने पहुंची पुलिस और छात्राओं के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी और आंदोलनकारी छात्राओं के बीच हुए संवाद का दृश्य इंटरनेट पर तेजी से फैल गया।

## स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप
विरोध कर रही छात्राओं का आरोप है कि स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. मधु छिब उन्हें हिजाब पहनने की वजह से लंबे समय से प्रताड़ित कर रही हैं। छात्राओं ने बताया कि उन्हें पिछले कई वर्षों से लगातार इस बात के लिए परेशान किया जाता रहा है और उन पर हिजाब न पहनने का दबाव बनाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि संबंधित डॉक्टर ने कथित तौर पर उसका हिजाब खींच दिया था। छात्रा के मुताबिक, डॉक्टर ने सख्त हिदायत दी थी कि वह भविष्य में कभी भी हिजाब पहनकर उनके सामने न आए, जिसके बाद छात्राओं का धैर्य टूट गया और वे अस्पताल में प्रदर्शन करने उतर आईं।

## अस्पताल परिसर में नारेबाजी पर पुलिस अधिकारी की सख्त आपत्ति
प्रदर्शन के दौरान जब छात्राएं अस्पताल में धार्मिक नारे लगाने लगीं, तब हालात संभालने पहुंचे एसएचओ ने उन्हें तुरंत रोकने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारी ने छात्राओं को समझाते हुए दो टूक कहा कि यह एक अस्पताल है और यह किसी एक वर्ग या समुदाय के लिए नहीं बना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज इलाज के लिए आते हैं और ऐसी जगह पर नारा लगाने की हरकत बिल्कुल गलत है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कोई इस्लामिक अस्पताल नहीं है, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र है जहां हर नागरिक को आने का हक है।

## कानून व्यवस्था और नियमों के पालन की दी गई नसीहत
थाना प्रभारी ने आंदोलनकारी छात्राओं से शांति बनाए रखने और मामले को अलग तरीके से सुलझाने का आग्रह किया। उन्होंने छात्राओं से कहा कि यदि कोई उन्हें हिजाब पहनने से नाजायज तरीके से रोकता है तो वे मदद के लिए मौजूद हैं, लेकिन इस स्थिति की आड़ में अस्पताल की व्यवस्था को बिगाड़ना या गलत काम करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारी ने छात्राओं से अपनी बात शांति से रखने और अस्पताल के नियमों का सम्मान करने की अपील की। इसके बावजूद, अस्पताल परिसर में हुए इस पूरे विवाद और पुलिस अधिकारी के बयानों ने इलाके में भारी प्रशासनिक और जन चर्चा छेड़ दी है।

## इसका आप पर असर
अस्पताल परिसर में हुए इस हंगामे से स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक माहौल पर सीधा असर पड़ा है।

- **भारत में:** शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में ड्रेस कोड और धार्मिक पहचान को लेकर चल रही बहसों को इससे फिर से चर्चा मिलेगी। इससे अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी आंतरिक दिशा-निर्देशों और आचार संहिता की समीक्षा तेज हो सकती है।
- **जम्मू और कश्मीर में:** डोडा अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को हंगामे के चलते असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर फैकल्टी और विद्यार्थियों के बीच आपसी तालमेल बहाल करने का भारी दबाव रहेगा।
- **विद्यार्थियों के लिए:** कॉलेज में पढ़ रही छात्राओं की कक्षाओं और क्लीनिकल पोस्टिंग के दौरान तनाव बढ़ सकता है। शिकायतों के निपटारे के लिए प्रशासनिक जांच पूरी होने तक सामान्य माहौल प्रभावित रह सकता है।
- **अस्पताल व्यवस्था पर:** चिकित्सा परिसरों में विरोध प्रदर्शन रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को टालने के लिए अस्पताल प्रबंधन सख्त नियम बना सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद डोडा मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में एक प्रोफेसर के व्यवहार और छात्राओं के वर्षों पुराने असंतोष के बाद भड़का।

- **सीधा कारण:** एक छात्रा का आरोप है कि स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर ने कथित तौर पर उसका हिजाब खींच दिया और उसे हिजाब पहनकर सामने न आने की सख्त चेतावनी दी। इस घटना के तुरंत बाद छात्राओं ने संगठित होकर अस्पताल में धरना शुरू कर दिया।
- **लंबे समय से चला आ रहा तनाव:** प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना है कि उन्हें पिछले कई वर्षों से लगातार हिजाब पहनने को लेकर टोका और परेशान किया जा रहा था। बार-बार मना किए जाने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा।
- **अस्पताल में टकराव की वजह:** जब छात्राओं ने अस्पताल के गलियारों में नारे लगाने शुरू किए, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा की गरिमा और मरीजों की सुविधा का हवाला देकर उन्हें रोक दिया। अधिकारी के कड़े बयानों के बाद बहस बढ़ गई और इसका वीडियो प्रसारित हो गया।

## सवाल-जवाब

### 1. डोडा मेडिकल कॉलेज में छात्राएं क्यों प्रदर्शन कर रही थीं?
छात्राएं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर पर हिजाब पहनने को लेकर लंबे समय से प्रताड़ित करने और एक छात्रा का हिजाब खींचने का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रही थीं।

### 2. यह घटना किस तारीख और कहां पर हुई?
यह घटना 1 अक्टूबर को जम्मू और कश्मीर के डोडा स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई।

### 3. छात्राओं ने किस डॉक्टर के खिलाफ आरोप लगाए हैं?
छात्राओं ने स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. मधु छिब पर हिजाब पहनने को लेकर बार-बार परेशान करने का आरोप लगाया है।

### 4. पुलिस अधिकारी ने प्रदर्शनकारी छात्राओं से क्या कहा?
एसएचओ ने छात्राओं से कहा कि यह एक सार्वजनिक अस्पताल है न कि कोई इस्लामिक संस्थान, इसलिए यहां धार्मिक नारे लगाना गलत है।

### 5. पुलिस अधिकारी ने छात्राओं की शिकायत पर क्या आश्वासन दिया?
अधिकारी ने कहा कि यदि कोई उन्हें अनुचित तरीके से रोकता है तो वह मदद के लिए तैयार हैं, लेकिन अस्पताल की व्यवस्था का गलत फायदा नहीं उठाया जाना चाहिए।

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