जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ा एक्शन, 1711 किलो नशीले पदार्थ जब्त और 1941 गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर में मादक पदार्थों और साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ चले एक बड़े अभियान में पुलिस ने 1711 किलोग्राम ड्रग्स बरामद की है और 1941 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति और अवैध बैंक खाते भी फ्रीज किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ एक व्यापक और कड़ा अभियान चलाया है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और जब्ती की कार्रवाई की गई है। इस बड़े पैमाने पर चले एंटी-ड्रग्स ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने कुल 1,711 किलोग्राम नशीले पदार्थों को अपनी गिरफ्त में लिया है। पुलिस प्रशासन की ओर से इस पूरे अभियान की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए घाटी के विभिन्न इलाकों में सुनियोजित तरीके से छापे मारे गए और तलाशी अभियान संचालित किए गए। अवैध संपत्तियों और वित्तीय नेटवर्क पर करारा प्रहार ड्रग्स के अवैध कारोबार से खड़ी की गई काली कमाई पर भी पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। इस ऑपरेशन के सिलसिले में 1.10 करोड़ रुपये की नकदी सीधे तौर पर बरामद की गई है। इसके अलावा, गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े कुल 567 बैंक खातों को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया गया है, जिनमें 1.71 करोड़ रुपये की राशि जमा थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मादक पदार्थों की इस अवैध बिक्री से आने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकी नेटवर्क के भूमिगत कार्यकर्ताओं यानी अंडरग्राउंड वर्कर्स की फंडिंग के लिए किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना, चाहे वे स्थानीय स्तर पर सक्रिय हों या फिर सीमा पार से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे हों, इस गंदे मुनाफे का इस्तेमाल समाज विरोधी ताकतों को पोषित करने में करते थे। फसलों का विनाश और संपत्ति जब्ती कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए कश्मीर घाटी के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 2,116 स्थानों पर उगाई जा रही अवैध फसलों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लगभग 2,111 कनाल भूमि पर फैली नशीली फसलों को पूरी तरह से नष्ट किया गया है। मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क को तोड़ने के इस अभियान के तहत कुल 1,941 लोगों को पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया है। साथ ही, अपराधियों द्वारा गैरकानूनी तरीके से अर्जित की गई 154 करोड़ रुपये की भारी-भरकम संपत्ति को भी जब्त किया गया है। इस सिलसिले में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 1,500 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इससे पहले श्रीनगर शहर में भी मादक पदार्थों के एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया गया था, जिसमें कुल 8 लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली थी। साइबर धोखाधड़ी पर कड़ा प्रहार मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही मुहिम के साथ-साथ पुलिस ने साइबर अपराधों के मामलों में भी एक बड़ी सफलता हासिल की है। हाल के महीनों में साइबर ठगी से जुड़ी अनगिनत शिकायतों की गहन जांच के बाद 54 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी का पता लगाया गया है। इस रडार पर आए मामलों में से लगभग 13 से 14 प्रतिशत रकम को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया है, जिसमें से 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे तौर पर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों के खातों में वापस लौटाई जा चुकी है। इस सिलसिले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अब तक 93 एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए गए संदिग्ध खाते भी शामिल हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी अक्सर स्थानीय युवाओं और विदेशी संपर्कों का जाल बुनकर बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों को अपना आसान निशाना बना रहे हैं। सार्वजनिक अपील और सुरक्षा का भरोसा प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नशीले पदार्थों और साइबर अपराध के इस दलदल से मुकाबला करने के लिए आम नागरिकों और विशेषकर युवाओं को आगे आना होगा। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि गुप्त सूचना देने वाले मुखबिरों की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का खतरा न हो। जो भी व्यक्ति इस समस्या से निपटने में मदद करना चाहता है, वह बिना किसी संकोच के पुलिस स्टेशन या नजदीकी रिहैबिलिटेशन सेंटर से संपर्क कर सकता है, जहां उनकी गोपनीयता और सुरक्षा की पूरी गारंटी दी जाएगी। इसके अलावा, जो लोग पहले से ही नशे की लत के शिकार हैं, उन्हें यह सलाह दी गई है कि वे चुपचाप अपनी तकलीफ सहने के बजाय चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता केंद्र की मदद लें क्योंकि युवा ही समाज का भविष्य तय करते हैं। साथ ही, युवाओं को 'म्यूल बैंक अकाउंट' जैसे वित्तीय जाल बिछाने वाले संगठित गिरोहों का हिस्सा बनने से भी आगाह किया गया है। इसका आप पर असर यह बड़ा अभियान उन सभी नागरिकों के लिए सीधा प्रभाव रखता है जो जम्मू-कश्मीर में शांति, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता की उम्मीद करते हैं। • भारत में: देश भर के नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय घोटालों के बढ़ते खतरों के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि सुरक्षा एजेंसियां अवैध वित्तीय नेटवर्क और हवाला कारोबार पर कितनी सख्ती से नजर रख रही हैं। • जम्मू-कश्मीर में: स्थानीय निवासियों और युवाओं के लिए यह अभियान ड्रग्स के अवैध कारोबार और अंडरग्राउंड फंडिंग के खात्मा के रूप में राहत लेकर आया है। अभिभावक अपने बच्चों को साइबर ठगों के म्यूल खातों और संदिग्ध ऑनलाइन योजनाओं से बचाकर सुरक्षित रख सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह व्यापक अभियान सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मादक पदार्थों के तस्करों और साइबर अपराधियों के बढ़ते गठजोड़ को तोड़ने के लिए एक सुनियोजित रणनीति के तहत चलाया गया है। • वित्तीय स्रोत: मादक पदार्थों की अवैध बिक्री से मिलने वाले धन का उपयोग असामाजिक तत्वों और भूमिगत कार्यकर्ताओं को पोषित करने के लिए किया जा रहा था। • साइबर अपराध में वृद्धि: स्थानीय युवाओं और विदेशी संपर्कों के जरिए बुजुर्गों और कमजोर वर्ग को निशाना बनाने वाले संगठित गिरोहों के सक्रिय होने के कारण पुलिस को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। • व्यापक रणनीतिक कार्रवाई: हाल के महीनों में लगातार मिल रही शिकायतों और खुफिया इनपुट के आधार पर प्रशासन ने एक साथ कई मोर्चों पर यह संयुक्त अभियान शुरू किया। सवाल-जवाब 1. जम्मू-कश्मीर में पुलिस ने कुल कितने किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए हैं? सुरक्षाबलों ने अभियान के दौरान कुल 1,711 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। 2. ड्रग्स के खिलाफ इस कार्रवाई में कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है? इस व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने कुल 1,941 लोगों को गिरफ्तार किया है। 3. नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़ी कितनी संपत्ति जब्त की गई है? अधिकारियों ने तस्करों की 154 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। 4. साइबर धोखाधड़ी के मामलों में कुल कितने करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है? साइबर अपराध की शिकायतों के आधार पर 54 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का पता चला है। 5. साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को कितनी रकम वापस लौटाई गई है? पुलिस ने 7 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस लौटा दी है। 6. मुखबिरों की पहचान के बारे में पुलिस ने क्या भरोसा दिया है? पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मुखबिरों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। https://trendkia.com/jammu-kashmir/jammu-aur-kashmir-mein-drugs-ke-khilaf-bada-action-1711-kilo-nshile-padarth-japt-aur-1941-giraftar-57375 TrendKia — Har trend, sabse pehle.