कश्मीर घाटी में सुबह-सुबह भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.6 मापी गई तीव्रता शुक्रवार सुबह कश्मीर के कुलगाम जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 दर्ज की गई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। शुक्रवार की सुबह कश्मीर घाटी के कुलगाम जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया। सुबह-सुबह अचानक धरती डोलने पर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 मापी गई। गनीमत यह रही कि इस हल्के झटके के बाद किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है, लेकिन अचानक आए इस झटके से लोग सहम गए। हाल के दिनों में क्षेत्र में आए भूकंप क्षेत्र में लगातार भूकंप की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में भी एक शाम को 3.2 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया था, जिसके झटके घाटी के कई अन्य हिस्सों में भी महसूस किए गए थे। उस घटना के दौरान भी रिक्टर स्केल पर तीव्रता कम रहने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई थी, हालांकि लोगों में भय का माहौल जरूर बन गया था। समय-समय पर इस तरह के झटकों से पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग हमेशा सतर्क रहते हैं। गहराई और केंद्र से जुड़ी जानकारी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस तरह के भूकंपीय झटके अक्सर धरती के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण आते हैं। हालांकि ताजा मामलों में रिक्टर स्केल पर तीव्रता कम रहने से बड़ा खतरा टल गया, लेकिन स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सुबह-सुबह अचानक आए इस झटके ने एक बार फिर लोगों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि कश्मीर घाटी भूकंपीय जोन के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जाती है और यहां पहले भी कई बार तेज झटके महसूस किए जा चुके हैं। इसका आप पर असर भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं के दौरान सुरक्षा सावधानियों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। • जम्मू-कश्मीर में: कुलगाम और आसपास के जिलों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और झटके महसूस होने पर तुरंत खुली जगहों पर निकल जाएं। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सुरक्षित रहता है। • भारत में: संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अपने घरों में आपातकालीन तैयारी पूरी रखनी चाहिए। किसी भी अफवाह से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करें। ऐसा क्यों हुआ धरती के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों में अचानक होने वाली हलचल के कारण भूकंप आते हैं। • प्लेट विवर्तनिकी: कश्मीर घाटी हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने से लगातार भू-गर्भीय दबाव बनता रहता है। • ऊर्जा का रिलीज: जब यह अत्यधिक दबाव चट्टानों के बीच अचानक टूटता है, तो संचित ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है, जिससे धरती कांप उठती है। • गहराई का प्रभाव: भूकंप का केंद्र सतह से कम गहराई पर होने के कारण इसके हल्के झटके सतह पर महसूस किए गए। सवाल-जवाब 1. कश्मीर में भूकंप कब आया? शुक्रवार की सुबह कश्मीर के कुलगाम जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। 2. भूकंप की तीव्रता कितनी थी? राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई। 3. क्या इस भूकंप से कोई नुकसान हुआ? इस हल्के झटके के कारण किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। 4. इससे पहले किस जिले में भूकंप आया था? इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था। https://trendkia.com/jammu-kashmir/kashmir-valley-me-subah-subah-bhukamp-ke-jhatke-53347 TrendKia — Har trend, sabse pehle.