# लद्दाख में दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मिला अनूठा तोहफा

> लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर लेह में दुनिया के सबसे ऊंचे और बड़े ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन किया। 10,600 फीट की ऊंचाई पर 40 एकड़ में फैले इन खेतों में 25 लाख से ज्यादा कीमती फूल लगाए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** जम्मू-कश्मीर · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jammu-kashmir/ladakh-men-duniya-ke-sabase-unche-twin-flower-fields-ka-udghatana-pm-modi-ke-janmadina-para-mila-anutha-tohapha-33009 · **Language:** Hindi
**Tags:** लद्दाख, पीएम मोदी, वीके सक्सेना, ट्विन फ्लावर फील्ड्स, लेह, फ्लोरीकल्चर, कृषि विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने लेह में दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड्स का आधिकारिक उद्घाटन किया। यह अनोखा प्रोजेक्ट क्षेत्र में कृषि के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों को आय के नए और बेहतर अवसर मिलेंगे।

 

## 10,600 फीट की ऊंचाई पर बने देश के सबसे बड़े फूलों के खेत
 लेह के चोगलामसर और स्कतना इलाकों में 10,600 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर इन दो शानदार फूलों के खेतों को विकसित किया गया है। दुनिया में सबसे ऊंचे होने के साथ-साथ यह देश के सबसे बड़े फूलों के खेत भी हैं। कुल 40 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इन खेतों में 25 लाख से अधिक बहुमूल्य फूल सजाए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से 24 लाख लिलियम और 1 लाख ग्लैडियोलस के पौधे शामिल हैं, जो इस ठंडे मरुस्थलीय इलाके में एक नई सुंदरता बिखेर रहे हैं।

 

## रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ चोगलामसर फ्लावर पार्क
 इतनी अधिक ऊंचाई पर इस प्रकार का यह पहला ही बड़ा प्रयोग है जिसका सफल होना लद्दाख के अन्य दूरदराज इलाकों में भी इस मॉडल को लागू करने का मार्ग प्रशस्त करता है। चोगलामसर स्थित फूलों का खेत मात्र दो महीने के रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ है। इस स्थल पर रोपण कार्य 16 जुलाई को आरंभ हुआ था और सितंबर के पहले सप्ताह में यहां पहली बार फूल खिल उठे। इसके विपरीत, स्टकना फ्लावर फील्ड में लगभग 14 लाख लिलियम के पौधों को लगाने की प्रक्रिया अगस्त के महीने में शुरू हुई थी और वहां अक्टूबर के अंत तक पहली बार फूल खिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

 

## कमर्शियल खेती से लद्दाख के किसानों का होगा सशक्तिकरण
 इन ट्विन फ्लावर फील्ड्स का मुख्य उद्देश्य लद्दाख में कमर्शियल फूलों की खेती के जरिए कृषि क्षेत्र में विविधता लाना और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। थोक बाजार में लिलियम के फूल 60 से 70 रुपये प्रति स्टिक के प्रीमियम भाव पर बिकते हैं, जबकि खुदरा बाजार में इनकी कीमत और भी अधिक मिलती है। यह पहल प्रधानमंत्री की उस सोच के अनुरूप है जिसमें ग्रामीण इलाकों में कमाई के नए साधन पैदा करने की बात कही गई थी। चोगलामसर का यह पार्क फ्लोरीकल्चर के लिए एक मॉडल और डेमो सेंटर के तौर पर काम करेगा, जहां लिली, ग्लैडियोलस, ट्यूलिप और अन्य सजावटी पौधों की खेती होगी जिनकी भारी मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बनी रहती है।

 

## सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स और कोऑपरेटिव्स को मिलेगी कमान
 शुरुआती चरण में कृषि विभाग खुद इस फूलों के खेत को तैयार करेगा और फूल खिलने की अवस्था में इसे चयनित सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स यानी एसएचजी और कोऑपरेटिव सोसायटियों को सौंप दिया जाएगा। विभाग राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में इन समूहों की पूरी सहायता करेगा ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा मुनाफा मिल सके। इसके बाद अगले साल से कोऑपरेटिव खुद ही कमर्शियल खेती, कटाई और वैल्यू एडिशन का सारा काम संभालेंगे। इसके लिए स्थानीय किसानों को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक खेती का व्यवस्थित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

 

## आम जनता और पर्यटकों के लिए 18 सितंबर से खुलेगा गार्डन
 यह खूबसूरत फ्लावर गार्डन आगामी 18 सितंबर, 2026 से आम जनता और पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दिया जाएगा। इस उद्यान के सुचारू रखरखाव और देखभाल के वास्ते वयस्कों के लिए 25 रुपये तथा बच्चों के लिए 10 रुपये की मामूली प्रवेश फीस तय की गई है। टिकटों से प्राप्त होने वाली इस राशि का उपयोग सीधे तौर पर गार्डन के रखरखाव में किया जाएगा।

## इसका आप पर असर
लद्दाख में शुरू किए गए इस अनोखे कृषि प्रोजेक्ट से स्थानीय किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा बढ़ावा मिलेगा।

- **भारत में:** देश के अन्य उच्च ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों को भी इस मॉडल से प्रेरणा मिलेगी कि कैसे कठिन जलवायु में कमर्शियल फ्लोरीकल्चर अपनाया जा सकता है। इससे घरेलू बाजार में प्रीमियम फूलों की उपलब्धता और किसानों की आमदनी में सुधार होगा।

- **लद्दाख में:** स्थानीय किसानों, सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स और कोऑपरेटिव सोसायटियों को लिलियम जैसे कीमती फूलों की खेती के जरिए आय का एक नया और टिकाऊ जरिया मिलेगा। थोक बाजार में 60 से 70 रुपये प्रति स्टिक बिकने वाले इन फूलों से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

- **पर्यटन को बढ़ावा:** लेह में बने ये नए फ्लावर फील्ड्स पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेंगे, जिससे पर्यटन क्षेत्र को भी अतिरिक्त लाभ पहुंचेगा।

- **रोजगार के अवसर:** वैज्ञानिक खेती, कटाई और वैल्यू एडिशन के कामों से स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार तथा एंटरप्रेन्योरशिप के नए रास्ते खुलेंगे।

- **प्रशिक्षण सुविधा:** यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए एक डेमो सेंटर के रूप में काम करेगा, जिससे उन्हें खेत स्तर पर आधुनिक कृषि तकनीकों का सीधा ज्ञान मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
लद्दाख में इस उच्च ऊंचाई वाले फ्लावर प्रोजेक्ट को शुरू करने के पीछे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और आर्थिक संभावनाओं का दोहन करना मुख्य कारण रहा है।

- **जलवायु का सदुपयोग:** लद्दाख के अनोखे मौसम और ठंडी जलवायु का फायदा उठाकर कीमती फूलों की खेती करना इस योजना का आधार बना है।

- **पारंपरिक खेती से विकल्प:** पारंपरिक फसलों के मुकाबले फूलों की खेती से अधिक आर्थिक लाभ मिलता है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है।

- **बढ़ती बाजार मांग:** राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रीमियम फूलों खासकर लिलियम की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह पहल की गई है।

- **प्रधानमंत्री की परिकल्पना:** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को सशक्त बनाने और कृषि में विविधता लाने के दृष्टिकोण को जमीनी रूप देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. लद्दाख में इन ट्विन फ्लावर फील्ड्स का उद्घाटन किसने किया है?
इन फूलों के खेतों का उद्घाटन लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने किया है।

### 2. ये फ्लावर फील्ड्स कितनी ऊंचाई पर स्थित हैं?
यह प्रोजेक्ट लेह के चोगलामसर और स्कतना में 10,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

### 3. इस प्रोजेक्ट के तहत कुल कितने फूल लगाए गए हैं?
इस प्रोजेक्ट के तहत 40 एकड़ क्षेत्र में 25 लाख से ज्यादा कीमती फूल लगाए गए हैं।

### 4. चोगलामसर का फूलों का खेत कितने समय में तैयार हुआ है?
चोगलामसर में फूलों का खेत सिर्फ दो महीने के रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है।

### 5. आम जनता के लिए यह गार्डन कब खुलेगा और एंट्री फीस क्या है?
यह गार्डन 18 सितंबर, 2026 से खुलेगा, जिसके लिए बड़ों की फीस 25 रुपये और बच्चों की 10 रुपये है।

## प्रेरणा और सबक
लद्दाख के इस कृषि प्रोजेक्ट से कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण सबक मिलते हैं।

- **नवाचार अपनाएं:** भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद नए और अनूठे प्रयोग करने से खेती को अत्यधिक लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है।

- **सामूहिक प्रयास:** सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स और कोऑपरेटिव सोसायटियों के जरिए जुड़कर काम करने से उत्पादन और विपणन दोनों आसान हो जाते हैं।

- **वैज्ञानिक दृष्टिकोण:** आधुनिक तकनीकों और व्यवस्थित प्रशिक्षण को अपनाकर पारंपरिक आय के साधनों को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।

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