माता वैष्णो देवी के दरबार में भक्तों का सैलाब, शारदीय नवरात्र में 3.81 लाख से अधिक लोगों ने टेका मत्था शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित त्रिकूटा पहाड़ियों पर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और शुरुआती दिनों में ही लाखों भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की त्रिकूटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर भक्तों का तांता लगा हुआ है। देश के विभिन्न कोनों से आने वाले श्रद्धालु कटरा पहुंचकर माता के दरबार की तरफ बढ़ रहे हैं और 11 अक्टूबर से लेकर सोमवार दोपहर 2 बजे तक 3.81 लाख से अधिक भक्त पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक इस समय कटरा शहर का पूरा माहौल पूरी तरह से उत्सव के रंग में रंगा हुआ है। इस दौरान मौसम साफ बना हुआ है जिसकी वजह से यात्रियों को अपनी यात्रा पूरी करने में किसी तरह की बाधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। माता के भवन से लेकर पूरे यात्रा मार्ग और कटरा शहर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। ढोल-नगाड़ों और माता के जयकारों के साथ भक्त भवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं और दशहरे के पर्व पर इस संख्या में और भी अधिक बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। नवरात्र के शुरुआती आठ दिनों में ही 3.62 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में अपनी हाजिरी लगाई है। सोमवार के दिन भी सुबह से ही भक्तों के आने का सिलसिला लगातार जारी रहा और दोपहर तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु माता के भवन की ओर रवाना हो चुके थे। इन दिनों सामने आए आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो 11 अक्टूबर को 47,574 भक्तों ने दर्शन किए थे जबकि 12 अक्टूबर को यह आंकड़ा बढ़कर 48,400 तक पहुंच गया। इसके बाद 13 अक्टूबर को 46,558 और 14 अक्टूबर को 41,961 श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में आशीर्वाद प्राप्त किया। यात्रा के अगले क्रम में 15 अक्टूबर को 39,951 भक्तों ने पूजा-अर्चना की और 16 अक्टूबर को 41,750 श्रद्धालु माता के भवन पहुंचे। इसके बाद 17 अक्टूबर को 48,500 भक्तों ने माथा टेका जबकि 18 अक्टूबर को 47,700 श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए अपना पंजीकरण कराया। इस पूरे पावन पर्व के दौरान माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर के भीतर लगातार धार्मिक आयोजनों का दौर भी चल रहा है। यहां की यज्ञशाला में विशेष प्रार्थनाओं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है और सोमवार को इस महायज्ञ का नौवां दिन था। मंदिर के आसपास के सभी इलाकों को खूबसूरती से सजाया गया है जिससे वहां एक बेहद आध्यात्मिक और भव्य वातावरण बन गया है। भक्तजन न केवल दर्शन कर रहे हैं बल्कि इन सभी धार्मिक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी निभा रहे हैं। लाखों की इस भारी भीड़ को देखते हुए यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता प्रबंध किए गए हैं ताकि हर किसी की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की गई है जिनमें मुफ्त घोड़ा सेवा, बैटरी चालित वाहनों की सुविधा, प्राथमिकता के आधार पर दर्शन और सहायता केंद्र प्रमुख हैं। इसके अलावा पूरे रास्ते में पीने के पानी की उचित व्यवस्था, साफ-सफाई और मेडिकल सहायता के कैंप भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी जरूरत के समय तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। वैष्णो देवी के अलावा जम्मू के प्रसिद्ध बावे वाली माता मंदिर यानी माता काली मंदिर में भी श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा है। अधिकारियों के अनुसार सोमवार के दिन दो लाख से ज्यादा भक्तों ने इस मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा के साथ-साथ प्रसिद्ध पंजाबी अभिनेत्री प्रीति सप्रू ने भी मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन किए। इन सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उमड़ रही भारी भीड़ की वजह से पूरे क्षेत्र में एक शानदार उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। इसका आप पर असर शारदीय नवरात्र के इस सीजन में माता वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय कारोबारियों के लिए यात्रा व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं। • भारत में: देश भर से कटरा आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्राथमिकता दर्शन और मुफ्त परिवहन सेवाओं का लाभ मिल रहा है। प्रशासन की तरफ से भीड़भाड़ वाले मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और आपातकालीन चिकित्सा सहायता टीमें तैनात की गई हैं। • जम्मू-कश्मीर में: कटरा और जम्मू क्षेत्र के स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों को इस भारी भीड़ के चलते पर्यटन कारोबार में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। नवरात्र और आगामी दशहरे के आयोजनों के कारण स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और परिवहन सेवाओं में तेजी आई है। ऐसा क्यों हुआ माता वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ने वाली इस भारी भीड़ के पीछे कई धार्मिक और मौसमी कारण मुख्य रूप से जिम्मेदार रहे हैं। • शारदीय नवरात्र का महत्व: नौ दिनों तक चलने वाले इस पवित्र हिंदू पर्व के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करने का विशेष विधान है जिसके कारण देश भर से लाखों भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। • अनुकूल मौसम की स्थिति: इस वर्ष नवरात्र के दौरान मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है जिससे पर्वतारोहण और लंबी पैदल यात्रा करना श्रद्धालुओं के लिए काफी सुगम हो गया है। • विशेष प्रबंध और प्रशासन: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए शुरू की गई विशेष बैटरी वाहनों और घोड़े की मुफ्त सेवाओं ने अधिक लोगों को यात्रा करने के लिए प्रेरित किया है। सवाल-जवाब 1. माता वैष्णो देवी के दरबार में 11 अक्टूबर से कितने श्रद्धालुओं ने दर्शन किए? 11 अक्टूबर से सोमवार दोपहर 2 बजे तक 3.81 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। 2. शारदीय नवरात्र के पहले आठ दिनों में कितने भक्तों ने यात्रा पूरी की? शारदीय नवरात्र के पहले आठ दिनों के भीतर कुल 3.62 लाख श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए हैं। 3. दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए श्राइन बोर्ड द्वारा क्या विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं? श्राइन बोर्ड की तरफ से मुफ्त घोड़ा सेवा, बैटरी से चलने वाले वाहनों की सुविधा और प्राथमिकता के आधार पर दर्शन की व्यवस्था की गई है। 4. सोमवार के दिन जम्मू के बावे वाली माता मंदिर में कितने श्रद्धालुओं ने दर्शन किए? अधिकारियों के अनुसार सोमवार को दो लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बावे वाली माता मंदिर में दर्शन किए हैं। 5. माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर में कौन सा बड़ा धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है? मंदिर परिसर की यज्ञशाला में नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। 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