# NIA की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, श्रीनगर में गिरफ्तारियों के खौफ में उमर उन नबी ने लाल किले के बाहर कार में किया था आत्मघाती ब्लास्ट

> राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट (RC-21/2025/NIA/DLI) से खुलासा हुआ है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के बाहर हुआ धमाका एक आत्मघाती हमला था, जिसे मुख्य आरोपी उमर उन नबी ने श्रीनगर रेड के बाद घबराहट में अंजाम दिया था।

**Type:** article · **Category:** जम्मू-कश्मीर · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jammu-kashmir/nia-ki-charjashita-men-bara-khulasa-srinagar-men-giraphtariyon-ke-khaupha-men-umar-un-nabi-ne-red-fort-ke-bahara-kara-men-kiya-tha-30316 · **Language:** Hindi
**Tags:** लाल किला ब्लास्ट, एनआईए चार्जशीट, उमर उन नबी, दिल्ली समाचार, आतंकी साजिश, अंसार गजवात उल हिंद

राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा दाखिल की गई विस्तृत चार्जशीट संख्या RC-21/2025/NIA/DLI ने 10 नवंबर 2025 को लाल किले के बाहर हुए बम धमाके की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार यह कोई साधारण आईईडी ब्लास्ट नहीं था, बल्कि अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) मॉड्यूल द्वारा रची गई एक सोची-समझी आत्मघाती हमला योजना थी। मुख्य आरोपी उमर उन नबी (A-1) ने लाल किले के बाहर खड़ी गाड़ी के भीतर बैठकर स्वयं कमांड मैकेनिज्म का इस्तेमाल किया और आईईडी को ट्रिगर कर दिया। इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजहों, आतंकियों की ट्रेनिंग और उनके मंसूबों का पूरा ब्योरा जांच एजेंसी की चार्जशीट में दर्ज है।

## श्रीनगर में छापेमारी और पकड़े जाने का भयानक खौफ
चार्जशीट के प्राथमिक विवरणों से स्पष्ट होता है कि आतंकी संगठन का शुरुआती प्लान काफी लंबा और चरणबद्ध था। मुख्य आरोपी उमर उन नबी अपने साथियों के साथ मिलकर इस षड्यंत्र को अंजाम देने की तैयारी में लगा हुआ था। हालांकि, 10 नवंबर 2025 की तारीख हमले के लिए पहले से निर्धारित नहीं की गई थी। वारदात से ठीक पहले श्रीनगर में सुरक्षा बलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए उमर के कई प्रमुख साथियों को गिरफ्तार कर लिया था।

अपने करीबी साथियों की धरपकड़ की खबर मिलते ही मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नबी भीषण घबराहट और पैनिक मोड में आ गया। उसे इस बात का गहरा डर सताने लगा कि पुलिस और जांच एजेंसियां किसी भी वक्त उस तक पहुंच सकती हैं। गिरफ्तारी से बचने और अपनी योजना को नाकाम होने से बचाने के खौफ में उसने आनन-फानन में लाल किले के पास जाने का फैसला किया। उसने ऐतिहासिक इमारत के बाहर खड़ी कार में बैठकर खुद ही धमाका कर दिया, जिसमें आसपास का इलाका दहल उठा।

## डार्क वेब कंटेंट और अल-कायदा मैनुअल से ली गई ट्रेनिंग
राष्ट्रीय जांच एजेंसी की छानबीन में सबसे चौंकाने वाला तथ्य आतंकियों के रेडिकलाइजेशन और तकनीकी प्रशिक्षण का जरिया सामने आया है। आरोपी किसी भौतिक प्रशिक्षण शिविर के बजाय ऑनलाइन डार्क कंटेंट और अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला (AQAP) से जुड़े डिजिटल लिटरेचर का सहारा ले रहे थे। आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही मुख्य किताब का शीर्षक 'Lone Mujahid Pocket Book/How to Become an Assassin' पाया गया।

इस डिजिटल गाइडबुक में केवल नफरत फैलाने वाली बातें ही दर्ज नहीं थीं, बल्कि इसमें हथियार चलाने, विस्फोटक सामग्री तैयार करने और विशेष रूप से TATP जैसे खतरनाक केमिकल एक्सप्लोसिव्स के इस्तेमाल का पूरा तरीका समझाया गया था। इसके अतिरिक्त रिमोट-कंट्रोल डेटोनेटर बनाने की चरणबद्ध ट्रेनिंग भी दी गई थी। जांच से पता चला है कि आरोपी पुलिस और खुफिया एजेंसियों से बचने के लिए इसी मैनुअल की मदद से फर्जी पहचान पत्र तैयार करने, चोरी-छिपे आने-जाने और अकेले हमला करने यानी लोन-वुल्फ अटैक की रणनीतियां सीख रहे थे।

## दिसंबर 2023 से चल रही थी रेकी और अल-फलाह ठिकाने से सबूत
जांच एजेंसी की चार्जशीट में यह खुलासा भी हुआ है कि आतंकियों ने लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था को समझने के लिए लगभग दो सालों तक रेकी की थी। मुख्य आरोपी उमर उन नबी ने दिसंबर 2023 से ही अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लाल किले के आसपास के क्षेत्रों का दौरा करना शुरू कर दिया था। वे लगातार इस इलाके की निगरानी कर रहे थे ताकि हमले के लिए सबसे उपयुक्त स्थान और समय का चुनाव किया जा सके।

जांच के दौरान अल-फलाह स्थित आतंकियों के ठिकाने से कई संदिग्ध दस्तावेज और हाथ से लिखे नोट्स बरामद किए गए हैं। एनआईए के अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए इन नोट्स में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक व्यवस्था को पूरी तरह से खारिज करने की बात लिखी गई थी। इन हस्तलिखित दस्तावेजों में भारत में शरिया कानून लागू करने के हिंसक एजेंडे का स्पष्ट उल्लेख था।

## भारतीय लोकतंत्र के प्रतीक को निशाना बनाने की साजिश
एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, आतंकियों ने दिल्ली के लाल किले को निशाना बनाने का फैसला बेहद सोच-समझकर किया था। अल-फलाह से मिले दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों से पता चलता है कि लाल किले को भारतीय राज्य और देश की लोकतांत्रिक सत्ता का सबसे बड़ा प्रतीक माना गया था। आतंकी संगठन का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थल पर भीषण तबाही मचाकर व्यापक नुकसान पहुंचाना और आम जनता के बीच खौफ का माहौल पैदा करना था।

अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़े इस मॉड्यूल ने पूरे देश को हिला देने की मंशा से इस साजिश का ताना-बाना बुना था। हालांकि, श्रीनगर में हुई त्वरित गिरफ्तारियों और पुलिस दबाव के कारण मुख्य आरोपी पैनिक में आ गया और उसने योजना को समय से पहले अंजाम दे दिया। एनआईए द्वारा अदालत में पेश की गई चार्जशीट (RC-21/2025/NIA/DLI) ने आतंकी नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उनके डिजिटल ट्रेनिंग मॉडल की पूरी सच्चाई सामने रख दी है।

## इसका आप पर असर
**मुख्य प्रभाव:** लाल किला और देश के प्रमुख ऐतिहासिक परिसरों में सुरक्षा ऑडिट के बाद जांच प्रक्रिया को अधिक सख्त कर दिया गया है, जिसका असर पर्यटकों और दैनिक यात्रियों की आवाजाही पर पड़ रहा है।

- **भारत में:** राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट के बाद देशभर के संवेदनशील स्मारकों और सरकारी परिसरों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले पर्यटकों को सघन जांच और मेटल डिटेक्टर पास से गुजरना होगा।
- **दिल्ली में:** पुरानी दिल्ली और लाल किले के आसपास पार्किंग तथा वाहन चेकिंग व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। क्षेत्र में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और पुलिस पिकेट तैनात किए गए हैं।
- **श्रीनगर में:** आतंकी मॉड्यूल्स के खिलाफ चल रहे सर्च ऑपरेशन के कारण संवेदनशील इलाकों में नाकेबंदी बढ़ाई गई है। नागरिकों से किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत देने की अपील की गई है।
- **डिजिटल सुरक्षा:** इंटरनेट और डार्क वेब पर मौजूद आपत्तिजनक आतंकी सामग्रियों पर साइबर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी तेज हो गई है। संदिग्ध डिजिटल फाइलें शेयर या डाउनलोड करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह वारदात आतंकी मॉड्यूल द्वारा दो साल से रची जा रही साजिश और श्रीनगर में हुई अचानक गिरफ्तारियों के बाद उत्पन्न हुई घबराहट का नतीजा थी। मुख्य साजिशकर्ता ने पकड़े जाने के खौफ में पूर्व-निर्धारित समय से पहले ही कार के अंदर आईईडी ट्रिगर कर दिया।

- **श्रीनगर में गिरफ्तारियां:** सुरक्षा बलों द्वारा श्रीनगर में आतंकी साथियों को पकड़े जाने के बाद मुख्य आरोपी उमर उन नबी पैनिक में आ गया और उसने तुरंत धमाका करने का निर्णय लिया।
- **अल-कायदा मैनुअल से ट्रेनिंग:** आरोपी 'Lone Mujahid Pocket Book' नामक डिजिटल गाइड की मदद से आईईडी बनाने, TATP एक्सप्लोसिव के इस्तेमाल और लोन-वुल्फ अटैक तकनीक का प्रशिक्षण ले रहे थे।
- **प्रतीकात्मक स्थल का चयन:** अल-फलाह ठिकाने से मिले नोट्स के अनुसार, भारत के संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढांचे के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में लाल किले को निशाना बनाया गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. 10 नवंबर 2025 को लाल किले के बाहर क्या घटना हुई थी?
लाल किले के बाहर खड़ी एक कार के अंदर आईईडी ब्लास्ट हुआ था, जिसे एनआईए की जांच में आत्मघाती हमला पाया गया है।

### 2. एनआईए की चार्जशीट में किस मुख्य आरोपी का नाम शामिल है?
चार्जशीट में मुख्य आरोपी के रूप में उमर उन नबी (A-1) का नाम दर्ज है, जिसने कार के अंदर से धमाका ट्रिगर किया था।

### 3. आतंकियों ने हथियार और आईईडी बनाने की ट्रेनिंग कहां से हासिल की थी?
आरोपियों ने अल-कायदा से जुड़ी डिजिटल पुस्तक 'Lone Mujahid Pocket Book/How to Become an Assassin' से ऑनलाइन प्रशिक्षण लिया था।

### 4. मुख्य आरोपी ने 10 नवंबर को ही हमला क्यों कर दिया?
श्रीनगर में अपने साथी आतंकियों की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद आरोपी पकड़े जाने के डर से घबरा गया और उसने हड़बड़ी में धमाका कर दिया।

### 5. आतंकी लाल किले की रेकी कब से कर रहे थे?
एनआईए के अनुसार आरोपी दिसंबर 2023 से यानी लगभग दो सालों से लाल किला क्षेत्र की रेकी कर रहे थे।

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