पूंछ-राजौरी में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 11 हुई, ओमर अब्दुल्ला ने बुलाई आपात बैठक जम्मू-कश्मीर के पूंछ-राजौरी इलाके में भारी बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 11 पहुंच गई है और कई लोग लापता हैं, वहीं मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने राहत कार्यों का भरोसा दिया है। जम्मू-कश्मीर के पूंछ और राजौरी जिलों में भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। शुरुआत में इसमें कम से कम सात लोगों की मौत की खबर आई थी, लेकिन बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा बढ़ता चला गया और मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने प्रभावितों को राहत का भरोसा दिलाया है। मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ा पहले पूंछ जिले में अचानक आई बाढ़ से सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। इसके बाद जैसे-जैसे बचाव दल पूरे पूंछ-राजौरी इलाके में पहुंचे, मरने वालों की संख्या 11 तक पहुंच गई और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। ओमर अब्दुल्ला ने बुलाई आपात बैठक राजौरी और पूंछ में बाढ़ से मची तबाही के बीच मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और प्रभावित लोगों को राहत मुहैया कराने का भरोसा दिलाया। राजौरी में एक और घटना इसके अलावा राजौरी जिले में ही भारी बारिश से आई एक अलग फ्लैश फ्लड में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति लापता है। जम्मू-कश्मीर के बाहर भी बारिश का कहर उसी दिन उत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश से आए भूस्खलन और बाढ़ में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ चित्कुल-दुमती को जोड़ने वाला पुल बहा ले गई, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ को संपर्क बहाल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री धामी ने भारी बारिश को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। नागालैंड में भी लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन की आशंका के मद्देनजर प्रशासन को चौकस रहने को कहा गया है। नागालैंड के मोन जिले में भूस्खलन नागालैंड में यह सतर्कता राज्य के मोन जिले में हुए एक अलग और जानलेवा भूस्खलन के बाद बरती जा रही है, जिसमें 8 लोगों की मौत हुई थी और 12 लोग घायल हुए थे। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत उपायों का ऐलान किया है और मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के लिए अनुग्रह राशि यानी एक्स-ग्रेशिया देने की घोषणा की है। इसका आप पर असर • भारत में: मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और नागालैंड जैसे पहाड़ी राज्यों में यात्रा या तीर्थयात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को निकलने से पहले मौसम चेतावनी और सड़क बंद होने की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए। • जम्मू-कश्मीर में: पूंछ-राजौरी इलाके में राहत और बचाव अभियान जारी है, प्रभावित परिवार प्रशासन से संपर्क कर राहत सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक कितने लोगों की मौत हुई है? पूंछ-राजौरी इलाके में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है, जबकि पहले पूंछ में सात मौतों की खबर आई थी; उसी दिन पूरे उत्तर और पूर्वी भारत में यह आंकड़ा कम से कम 16 था। 2. मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने क्या कदम उठाए? उन्होंने राजौरी और पूंछ में बाढ़ को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और प्रभावितों को राहत का भरोसा दिलाया। 3. क्या राजौरी में कोई और घटना हुई? हां, राजौरी में एक अलग फ्लैश फ्लड में एक व्यक्ति की मौत हुई और एक अन्य व्यक्ति लापता है। 4. हिमाचल प्रदेश में क्या हुआ? किन्नौर जिले में अचानक आई बाढ़ चित्कुल-दुमती को जोड़ने वाला पुल बहा ले गई, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ और बीआरओ को संपर्क बहाल करने का काम सौंपा गया है। 5. उत्तराखंड में प्रशासन ने क्या किया? मुख्यमंत्री धामी ने भारी बारिश को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। 6. नागालैंड में क्या हुआ था? मोन जिले में भूस्खलन से 8 लोगों की मौत हुई और 12 घायल हुए थे; राज्य सरकार ने राहत उपायों का ऐलान किया और मुख्यमंत्री ने अनुग्रह राशि की घोषणा की, अब प्रशासन को फिर से सतर्क रहने को कहा गया है। https://trendkia.com/jammu-kashmir/poonch-rajouri-men-barha-aura-bhuskhalana-se-marane-valon-ki-snkhya-11-hui-omar-abdullah-ne-bulai-apata-baithaka-8777 TrendKia — Har trend, sabse pehle.