# आरएस पुरा सेक्टर में संदिग्ध कबूतर मिलने से हड़कंप, पैर की रिंग पर दर्ज दिखा पाकिस्तानी नंबर

> जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में सुरक्षाबलों ने एक संदिग्ध कबूतर को पकड़ा है, जिसके पैर में पाकिस्तान के कंट्री कोड वाला फोन नंबर छपा छल्ला मिला है।

**Type:** article · **Category:** जम्मू-कश्मीर · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jammu-kashmir/rs-pura-sektara-men-sndigdha-kabutara-milane-se-haraknpa-paira-ki-ringa-para-darja-dikha-pakistani-nnbara-37276 · **Language:** Hindi
**Tags:** आरएस पुरा, जम्मू कश्मीर, पाकिस्तानी कबूतर, सुरक्षा एजेंसियां, पुंछ ड्रोन, नियंत्रण रेखा

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती आरएस पुरा सेक्टर में एक संदिग्ध कबूतर बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। पक्षी के पैर में एक खास रिंग बंधी हुई पाई गई है, जिस पर +92 03065920… नंबर अंकित है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर +92 पाकिस्तान का आधिकारिक कॉलिंग कोड है, जिससे इस बात को लेकर सतर्कता बढ़ गई है कि पक्षी सीमा पार से ही भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ है। सुरक्षाकर्मियों ने कबूतर को तत्काल प्रभाव से अपनी निगरानी में ले लिया है और पैर में लगे छल्ले पर छपे इस फोन नंबर की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है। जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि परिंदे को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार भेजने के पीछे असल मकसद क्या था।

## संदिग्ध कबूतर और रिंग पर दर्ज नंबर की छानबीन
शुरुआती आकलन के दौरान इस आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है कि यह कबूतर सीमा पार पाकिस्तानी इलाके से उड़ान भरकर भारतीय सीमा में आया है। हालांकि, जांच प्रक्रिया के इस पड़ाव पर आधिकारिक रूप से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पक्षी सचमुच सीधे पाकिस्तान से ही उड़कर पहुंचा है या फिर उसके पैर में यह रिंग किसने और किस इरादे से पहनाई थी। सुरक्षा तंत्र हर संभावित पहलू की तकनीकी पड़ताल कर रहा है। मुख्य रूप से उस मोबाइल नंबर के विवरण जुटाए जा रहे हैं जो छल्ले पर लिखा मिला है। अधिकारी यह जानकारी तलाश रहे हैं कि यह नंबर किस व्यक्ति या नेटवर्क से जुड़ा है और कबूतर के पंजे में इसे बांधने के पीछे क्या कोई जासूसी साजिश या गुप्त संदेश पहुंचाने की योजना थी।

## सीमा पर निगरानी और हालिया ड्रोन गतिविधि
सीमांत क्षेत्रों में सामने आ रहे घटनाक्रमों को देखते हुए जांच एजेंसियां जासूसी के कोण पर भी बारीक नजर रख रही हैं। कुछ ही दिन पहले पुंछ जिले के बेहरूती गांव के आसमान में भी एक पाकिस्तानी ड्रोन उड़ता हुआ पाया गया था। वह ड्रोन पाकिस्तानी सीमा की दिशा से ही भारतीय क्षेत्र के अंदर आया था। भारतीय हवाई सीमा में प्रवेश करने के बाद वह मंगलनार-दाबरोटे की तरफ आगे बढ़ा और फिर वापस पाकिस्तानी इलाके की ओर लौट गया।

ड्रोन की इस संदिग्ध हलचल के फौरन बाद सेना ने शनिवार सुबह संबंधित इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया था। इस सर्च ऑपरेशन का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ड्रोन के जरिए किसी तरह का संदिग्ध सामान, हथियार या आपत्तिजनक सामग्री तो जमीन पर नहीं गिराई गई थी। हालांकि छानबीन के दौरान मौके से कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद नियंत्रण रेखा पर चौकसी को काफी कड़ा कर दिया गया है और सीमा पर तैनात सभी सुरक्षाबलों को लगातार हाई अलर्ट पर रखा गया है।

## इसका आप पर असर
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संदिग्ध परिंदे और ड्रोन गतिविधियों के चलते सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़े कर दिए गए हैं।

- **भारत में:** सीमा पार से लगातार हो रही निगरानी की कोशिशों के मद्देनजर देश की सीमाओं पर तैनात बलों का रक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क रहता है। यह सुनिश्चित करता है कि सुरक्षा एजेंसियां हवा और जमीन दोनों रास्तों से होने वाली किसी भी घुसपैठ या जासूसी के प्रयास को समय रहते विफल कर सकें।
- **जम्मू-कश्मीर में:** आरएस पुरा और पुंछ जैसे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों को किसी भी संदिग्ध वस्तु या अज्ञात हलचल की तत्काल सूचना देने के लिए कहा जाता है। ऐसे अलर्ट के दौरान सीमा से सटे गांवों के आसपास सर्च ऑपरेशन और पेट्रोलिंग बढ़ जाने से सुरक्षा घेरा और मजबूत होता है।
- **खुफिया और जांच के स्तर पर:** रिंग पर लिखे विदेशी मोबाइल नंबर की पड़ताल से यह स्पष्ट होगा कि सीमा पार कौन सा नेटवर्क सक्रिय है। इससे सीमा सुरक्षा में लगी इकाइयों को संभावित नई तकनीकों या पारंपरिक जासूसी तौर-तरीकों के खिलाफ रणनीति तैयार करने में मदद मिलती है।
- **स्थानीय सुरक्षा के लिए:** ड्रोन और पक्षियों के जरिए सामान गिराने की आशंकाओं के बीच सर्च ऑपरेशन लगातार जारी रहते हैं। इससे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में हथियार या नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई पर तुरंत रोक लगाने में सहायता मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना सीमा पार से लगातार जारी संदिग्ध गतिविधियों और सूचनाएं जुटाने की कोशिशों के संदर्भ में सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस बात की जांच शुरू की है कि कबूतर का इस्तेमाल किसी संगठित मकसद से किया गया था या नहीं।

- **संदिग्ध फोन नंबर का पाया जाना:** पक्षी के पंजे में बंधी रिंग पर पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय कोड +92 और मोबाइल नंबर 03065920… दर्ज मिला है। इस तरह के छल्लों का इस्तेमाल आमतौर पर पहचान या गुप्त संचार के लिए किए जाने की आशंका रहती है, जिसके चलते सुरक्षाबलों ने इसे तुरंत कब्जे में लिया।
- **सीमा पर हालिया ड्रोन गतिविधियां:** कुछ दिन पूर्व ही पुंछ के बेहरूती इलाके में एक पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा के अंदर देखा गया था जो मंगलनार-दाबरोटे तक घूमकर वापस लौट गया था। लगातार हो रही ऐसी टोह लेने वाली हरकतों की वजह से सीमा पर हर असामान्य गतिविधि को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
- **जांच और पड़ताल जारी:** फिलहाल यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि कबूतर को जानबूझकर किसी जासूसी अभियान के तहत भेजा गया था अथवा वह रास्ता भटक कर सीमा पार आ गया था। तकनीकी एजेंसियां फोन नंबर की लोकेशन और उसके कॉल रिकॉर्ड्स खंगालकर असल वजह का पता लगाने में जुटी हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. आरएस पुरा सेक्टर में सुरक्षाबलों को क्या मिला है?
सुरक्षाबलों ने आरएस पुरा सेक्टर से एक संदिग्ध कबूतर को पकड़ा है जिसके पैर में एक रिंग बंधी हुई है।

### 2. कबूतर के पैर में बंधी रिंग पर क्या लिखा है?
रिंग पर पाकिस्तान के कंट्री कोड वाला मोबाइल नंबर +92 03065920… अंकित मिला है।

### 3. हाल ही में पुंछ के किस इलाके में ड्रोन देखा गया था?
पुंछ जिले के बेहरूती गांव के ऊपर पाकिस्तानी ड्रोन मंडराता देखा गया था, जो बाद में मंगलनार-दाबरोटे की ओर गया और फिर वापस लौट गया।

### 4. सेना के सर्च ऑपरेशन में क्या कोई संदिग्ध वस्तु बरामद हुई?
ड्रोन दिखने के बाद शनिवार सुबह चलाए गए सेना के तलाशी अभियान में मौके से कोई भी संदिग्ध सामान नहीं मिला।

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