सांबा के बनव गांव में जान हथेली पर रखकर उफनती नदी पार करने को मजबूर स्कूली बच्चे जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में पुल का निर्माण कार्य धीमा होने के कारण बनव गांव के बच्चों को रोजाना उफनते दरिया को पार करके स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल निर्माण में तेजी लाने की मांग की है। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के अंतर्गत आने वाले सुम्ब ब्लॉक के पहाड़ी इलाके से परेशान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। कार्ड पंचायत के दूरदराज बनव गांव में एक पिता अपने मासूम बच्चे का हाथ मजबूती से थामे उफनते दरिया को पार करता नजर आ रहा है। दरिया के दूसरी तरफ बच्चे का स्कूल है, जहां पहुंचने के लिए रोजाना इस जानलेवा रास्ते को पार करना बच्चों की मजबूरी बन चुका है। उफनते दरिया के बीच जानलेवा सफर जिस उम्र में बच्चों के हाथों में केवल किताबें होनी चाहिए और उनका ध्यान पढ़ाई पर होना चाहिए, उस उम्र में उन्हें स्कूल पहुंचने से पहले नदी की तेज धाराओं से जूझना पड़ रहा है। इस पथरीले और उफनते रास्ते पर अगर जरा सा भी पैर फिसल जाए या शरीर का संतुलन बिगड़ जाए, तो यह पल भर में किसी भयावह हादसे में तब्दील हो सकता है। गांव के बच्चों को रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा हासिल करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पुल निर्माण की बेहद धीमी रफ्तार इलाके के स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस दरिया पर आवाजाही को आसान बनाने के लिए पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। लेकिन निर्माण कार्य की गति इतनी ज्यादा धीमी है कि लोगों का इंतजार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जब तक यह पुल पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक गांव के स्कूली बच्चों और अन्य स्थानीय लोगों को हर दिन इसी जोखिम भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ेगा, जहां उनका हर कदम खतरे से भरा होता है। प्रशासनिक सुस्ती और ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है और इस कठिनाई को पहले भी कई मौकों पर प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उठाया जा चुका है। लेकिन इसके बाद भी जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं और कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि पुल के निर्माण कार्य में तुरंत तेजी लाई जाए और इसे जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। शिक्षा हासिल करने का रास्ता किसी भी बच्चे की जिंदगी के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए और किताबों तक पहुंचने के लिए बचपन को रोजाना दरिया से जंग नहीं लड़नी चाहिए। इसका आप पर असर इस घटना से ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और छात्रों की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। • भारत में: पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में स्कूल पहुंचने के बुनियादी ढांचों की सुरक्षा पर ध्यान आकर्षित हुआ है। इससे देश भर के ग्रामीण इलाकों में निर्माणाधीन पुलों और सड़कों के सुरक्षा ऑडिट की मांग बढ़ सकती है। • सांबा (जम्मू-कश्मीर) में: बनव और आसपास के गांवों के छात्रों की सुरक्षा पर दैनिक प्रभाव पड़ रहा है। यदि प्रशासन पुल का निर्माण कार्य तुरंत पूरा नहीं करता है, तो मानसून के मौसम में बच्चों की पढ़ाई ठप होने या दुर्घटना का खतरा बना रहेगा। • अभिभावकों के लिए: बच्चों को अकेले स्कूल भेजना असुरक्षित हो गया है। माता-पिता को काम छोड़कर बच्चों को सुरक्षित नदी पार कराने के लिए साथ जाना पड़ रहा है। • प्रशासनिक जवाबदेही: धीमी निर्माण परियोजनाओं पर समय सीमा तय करने का दबाव बढ़ेगा। अधिकारियों को निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। सवाल-जवाब 1. सांबा के किस गांव से जानलेवा नदी पार करने की तस्वीरें सामने आई हैं? यह मामला जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सुम्ब ब्लॉक की कार्ड पंचायत के बनव गांव से सामने आया है। 2. बच्चे नदी पार करके कहां जा रहे हैं? बच्चे अपने पिता का हाथ थामकर नदी पार कर दूसरी तरफ स्थित अपने स्कूल जा रहे हैं। 3. ग्रामीणों के अनुसार नदी पार करने का सुरक्षित रास्ता क्यों नहीं बन सका है? ग्रामीणों के अनुसार वहां पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन काम की रफ्तार बहुत धीमी होने के कारण पुल अधूरा पड़ा है। 4. ग्रामीणों की प्रशासन से क्या मांग है? ग्रामीणों की मांग है कि पुल के निर्माण कार्य में तुरंत तेजी लाई जाए और इसे जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। https://trendkia.com/jammu-kashmir/samba-ke-banav-ganva-men-jana-hatheli-para-rakhakara-uphanati-nadi-para-karane-ko-majabura-skuli-bachche-26421 TrendKia — Har trend, sabse pehle.