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  "type": "article",
  "title": "सांबा में विकास के दावों की खुली पोल, सड़क न होने पर पालकी पर मरीज को ले जाने को मजबूर हुए लोग",
  "summary": "जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को एक बीमार महिला को पालकी पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा।",
  "content": "जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यहां सुम्ब ब्लॉक के तहत आने वाले कारड़ पंचायत के पयौर और बनाब गांवों में आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। स्थिति इतनी दयनीय है कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान मरीजों को एंबुलेंस तक मयस्सर नहीं होती है और लोगों को पारंपरिक तरीकों का सहारा लेना पड़ता है।\n\nहाल ही की एक घटना में जब एक स्थानीय महिला की स्वास्थ्य स्थिति अचानक बहुत बिगड़ गई, तो उसे तत्काल चिकित्सीय सहायता दिलाने के लिए ग्रामीणों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। सड़क मार्ग न होने के कारण एंबुलेंस गांव तक पहुंच ही नहीं सकती थी। ऐसे में परिजनों और पड़ोसियों ने मिलकर एक अस्थायी पालकी तैयार की और मरीज को उस पर बैठाकर कई किलोमीटर का पैदल सफर तय किया। इस तरह लंबी और कठिन यात्रा के बाद महिला को सुम्ब अस्पताल पहुंचाया गया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण महिला को पालकी पर उठाकर ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं।\n\nक्षेत्रीय निवासियों का दर्द है कि एक तरफ देश भर में डिजिटल क्रांति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के ढोल पीटे जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इन दूरदराज बस्तियों के लोग सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी तरस रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आवागमन के साधन न होने के कारण सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों को करना पड़ता है। छोटी-सी बीमारी भी समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है क्योंकि आपातकाल में वाहन का गांव तक पहुंचना असंभव होता है।\n\nइस अमानवीय परिस्थिति से आहत होकर ग्रामीणों ने अब स्थानीय प्रशासन और सरकार के समक्ष कड़ी नाराजगी जताई है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। जनता की मुख्य मांग है कि कारड़ पंचायत के पयौर और बनाब गांवों को मुख्य सड़क मार्ग से शीघ्र जोड़ा जाए ताकि भविष्य में किसी भी बीमार व्यक्ति को पालकी के सहारे अस्पताल ले जाने की विवशता का सामना न करना पड़े। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ अभी भी देश के अंतिम छोर तक पूरी तरह से नहीं पहुंच पाया है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: यह घटना देश के सुदूर ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सड़क ढांचे की कमी और चिकित्सा आपातकाल के दौरान आने वाली बाधाओं को उजागर करती है।\n\nसांबा में: कारड़ पंचायत के पयौर और बनाब गांवों के निवासियों के लिए यह सीधे तौर पर सड़क निर्माण और त्वरित एंबुलेंस सेवा की मांग को मजबूती देता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह घटना किस जिले की है?\nयह घटना जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के सुम्ब ब्लॉक की है।\n\n2. ग्रामीणों को मरीज को पालकी पर क्यों ले जाना पड़ा?\nपयौर और बनाब गांवों में पक्की सड़क न होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकती थी, इसलिए महिला को पालकी पर ले जाना पड़ा।\n\n3. बीमार महिला को कहां ले जाया गया?\nबीमार महिला को इलाज के लिए सुम्ब अस्पताल ले जाया गया।\n\n4. ग्रामीणों की प्रशासन से क्या मांग है?\nग्रामीणों ने कारड़ पंचायत के इन गांवों को जल्द से जल्द बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की मांग की है।",
  "url": "https://trendkia.com/jammu-kashmir/samba-medical-emergency-exposes-road-deficit-as-villagers-carry-patient-on-palanquin-15590",
  "category": "जम्मू-कश्मीर",
  "publishedAt": "2026-08-10",
  "tags": [
    "सांबा",
    "जम्मू-कश्मीर",
    "सड़क सुविधा",
    "स्वास्थ्य सेवाएं",
    "सुम्ब ब्लॉक",
    "ग्रामीण विकास"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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