जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों का बड़ा एक्शन, 18 घंटों के भीतर 10 आतंकी मददगार दबोचे सुरक्षा बलों ने कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में पिछले 18 घंटों के दौरान 10 मददगारों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए पिछले 18 घंटों के भीतर कुल 10 संदिग्ध मददगारों को दबोच लिया है। घाटी के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए इन अभियानों के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है, जिससे आतंकवादियों की साजो-सामान सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है। शोपियां में हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े तीन संदिग्ध गिरफ्तार शोपियां जिले में सोमवार को सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए आतंकवादियों के तीन संदिग्ध मददगारों को मोटरसाइकिल समेत हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो हथगोले और प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री हाथ लगी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जुनैद अहमद डार, आमिर यूसुफ और जुनैद मुजफ्फर के रूप में की गई है, जो विभिन्न वारदातों में आतंकियों की रसद और हथगोले पहुंचाने का काम कर रहे थे। सोपोर में लावारिस मकान से एके-47 और कारतूस बरामद एक अन्य अभियान के तहत बारामूला जिले के सोपोर इलाके में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की। यहां एक कश्मीरी पंडित के परित्यक्त मकान में आतंकवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा मिला। इस जब्ती में एक एके असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन, 72 जिंदा कारतूस और चार हथगोले शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए किया जाना था। पुलवामा के यारवान जंगल में संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान उधर, पुलवामा जिले के राजपोरा क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों ने दो संदिग्धों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सीबी नाथ के यारवान जंगल में सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 183 बटालियन द्वारा चलाए गए एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई। खुफिया इनपुट के आधार पर इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया था, जिसके दौरान जंगल से दो संदिग्ध व्यक्तियों को गांव की तरफ आते देखा गया और चौकस जवानों ने उन्हें तुरंत दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पिस्तौल और ग्रेनेड बरामद पुलवामा में पकड़े गए संदिग्धों की पहचान लस्सी डबन निवासी गुलाम मोहम्मद दीदाद के बेटे लतीफ अहमद दीदाद और बुन खा बमणू निवासी नजीर अहमद बाजाद के बेटे एजाज अहमद बाजाद के तौर पर हुई है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक पिस्तौल, उसके 12 राउंड और एक हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है। इन गिरफ्तारियों और बरामदगियों से स्पष्ट होता है कि सुरक्षा बल घाटी में सक्रिय आतंक के गुप्त नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए लगातार दबिश दे रहे हैं। इसका आप पर असर भारत में: यह कार्रवाई देश के संवेदनशील इलाकों में आतंकवाद के रसद तंत्र और भूमिगत मददगारों पर नकेल कसने के लिहाज से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करती है। जम्मू-कश्मीर में: स्थानीय नागरिकों और संवेदनशील जिलों जैसे शोपियां, पुलवामा और बारामूला के निवासियों के लिए यह सुरक्षा व्यवस्था और शांति की बहाली की दिशा में एक अहम कदम है। सवाल-जवाब 1. पिछले कितने घंटों में आतंकवाद के कितने मददगारों को गिरफ्तार किया गया है? पिछले 18 घंटों के भीतर कुल 10 आतंकवादी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। 2. शोपियां में पकड़े गए संदिग्ध किस आतंकी संगठन से जुड़े थे? शोपियां में पकड़े गए संदिग्ध हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन से जुड़े हुए थे। 3. सोपोर में हथियार कहाँ से बरामद किए गए? सोपोर इलाके में कश्मीरी पंडित के एक परित्यक्त मकान से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। 4. पुलवामा के राजपोरा में कौन से सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाया? यह अभियान 44 राष्ट्रीय राइफल्स सेना और सीआरपीएफ की 183 बटालियन द्वारा चलाया गया था। 5. पुलवामा के यारवान जंगल से क्या सामग्री बरामद हुई है? वहाँ से एक पिस्तौल, पिस्तौल के 12 राउंड और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया है। https://trendkia.com/jammu-kashmir/security-forces-crack-down-in-kashmir-10-terrorist-associates-arrested-within-18-hours-21808 TrendKia — Har trend, sabse pehle.