# श्रीनगर में उमर अब्दुल्ला मंत्रिमंडल का विस्तार, चार नए विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

> जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है, जिसमें चार नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। हालांकि, कांग्रेस ने पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग को लेकर सरकार से बाहर रहने का फैसला किया है।

**Type:** article · **Category:** जम्मू-कश्मीर · **Published:** 2026-10-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jammu-kashmir/srinagar-me-omar-abdullah-mantrimandal-ka-vistar-char-naye-vidhayakon-ne-li-mantri-pad-ki-shapath-52756 · **Language:** Hindi
**Tags:** उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल, नेशनल कॉन्फ्रेंस, श्रीनगर लोक भवन, मनोज सिन्हा, कांग्रेस

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ते हुए श्रीनगर के लोक भवन में मंत्रिमंडल का आधिकारिक विस्तार किया गया। इस शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की, जहां चार नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस विस्तार के साथ ही उमर अब्दुल्ला सरकार का प्रशासनिक दायरा और अधिक व्यापक हो गया है, हालांकि गठबंधन के समीकरणों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

## कौन-कौन बने नए मंत्री
श्रीनगर राजभवन में आयोजित इस समारोह में नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार प्रमुख नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वाले नए चेहरों में खानयार से विधायक अली मोहम्मद सागर, पहलगाम से विधायक अल्ताफ अहमद कालू, हब्बा कदल से विधायक शमीमा फिरदौस और कुपवाड़ा के त्रेहगाम से विधायक मीर सैफुल्ला शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार इन सभी नए मंत्रियों को नेशनल कॉन्फ्रेंस लीडरशिप की ओर से देर रात फोन पर सूचना दी गई थी। कुपवाड़ा से चार बार के विधायक रहे सैफुल्लाह ने मंत्रिमंडल में जगह मिलने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया है।

## मंत्रिमंडल की मौजूदा स्थिति और आंकड़े
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं और 2019 के पुनर्निर्माण एक्ट के प्रावधानों के अनुसार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही मंत्रिपरिषद का हिस्सा बन सकता है। इसके तहत मुख्यमंत्री को छोड़कर सरकार में अधिकतम 8 मंत्री ही शामिल किए जा सकते हैं। इस नए विस्तार से पहले मंत्रिमंडल में केवल 6 मंत्री ही अपनी सेवाएं दे रहे थे, जबकि केंद्र शासित प्रदेश अधिनियम के नियमों के अनुसार मंत्रिमंडल में कुल 9 मंत्री हो सकते हैं।

## कांग्रेस का रुख और सरकार से दूरी
इस पूरे मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस पार्टी की अनुपस्थिति सबसे बड़ा राजनीतिक बिंदु बनी हुई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के लिए मंत्रिमंडल में 3 सीटें सुरक्षित रखी थीं। शपथ ग्रहण से एक दिन पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा से बातचीत कर उन्हें कैबिनेट में शामिल होने का औपचारिक प्रस्ताव दिया था। हालांकि, कांग्रेस ने यह साफ कर दिया कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस नहीं मिल जाता, तब तक वे सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे। इसके बावजूद कांग्रेस ने सरकार को अपना बाहरी समर्थन पूरी तरह से जारी रखने की बात दोहराई है।

## उमर अब्दुल्ला सरकार का वर्तमान स्वरूप
चार नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद अब उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल की संरचना में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, मंत्री जावेद डार, मंत्री जावेद राणा और मंत्री सकीना इटू के साथ-साथ अब अली मोहम्मद सागर, अल्ताफ कालू, शमीमा फिरदौस और मीर सैफुल्ला भी शामिल हो चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विस्तार के बाद पार्टी के भीतर संतुलन साधने की कोशिश की गई है, लेकिन कांग्रेस के बाहर रहने से भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है।

## इसका आप पर असर
जम्मू-कश्मीर में हुए इस मंत्रिमंडल विस्तार का सीधा असर स्थानीय शासन, प्रशासनिक गतिशीलता और क्षेत्रीय राजनीतिक संतुलन पर पड़ेगा।

- **भारत में:** केंद्र शासित प्रदेश में मंत्रियों की संख्या बढ़ने से नीतिगत फैसले और विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद है। यह बदलाव क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
- **श्रीनगर में:** स्थानीय निवासियों और विधायकों के प्रतिनिधित्व से क्षेत्र के विकास संबंधी मुद्दों का समाधान तेजी से होने की संभावना है। इस विस्तार से श्रीनगर और आसपास के इलाकों में प्रशासनिक पहुंच और सीधी सुनवाई बेहतर होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
जम्मू-कश्मीर में मंत्रिमंडल का यह विस्तार लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने और सरकार के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए किया गया है।

- **संवैधानिक प्रावधान:** पुनर्गठन अधिनियम 2019 के नियमों के तहत विधानसभा की कुल संख्या का 10 प्रतिशत हिस्सा मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है, जिसके तहत अधिकतम 8 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
- **गठबंधन समीकरण:** नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने सहयोगी दल कांग्रेस के लिए सीटें आरक्षित रखी थीं, लेकिन पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग पर अड़े रहने के कारण कांग्रेस ने फिलहाल सरकार से बाहर रहने का विकल्प चुना।
- **प्रशासनिक आवश्यकता:** वर्तमान में मंत्रिमंडल में केवल 6 मंत्री थे, जिससे कामकाज के भारी दबाव को बांटने के लिए नए चेहरों को शामिल करना जरूरी हो गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. श्रीनगर में मंत्रिमंडल विस्तार का शपथ ग्रहण समारोह कहां आयोजित हुआ?
यह शपथ ग्रहण समारोह श्रीनगर के लोक भवन में आयोजित किया गया।

### 2. शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता किसने की?
इस समारोह की अध्यक्षता उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की।

### 3. कितने नए मंत्रियों ने शपथ ली?
इस बार चार नए मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।

### 4. कांग्रेस पार्टी ने सरकार में शामिल होने से क्यों मना किया?
कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा न मिलने के कारण सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया।

### 5. पुनर्निर्माण एक्ट 2019 के अनुसार मंत्रिमंडल में अधिकतम कितने मंत्री हो सकते हैं?
मुख्यमंत्री को छोड़कर सरकार में अधिकतम 8 मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।

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