18 राज्यों में तबाही मचाने को तैयार है मानसून, आईएमडी ने गुजरात और महाराष्ट्र के लिए जारी की सबसे बड़ी चेतावनी आईएमडी ने मानसून के उग्र रूप को देखते हुए देश के 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिसमें गुजरात और महाराष्ट्र के लिए सबसे गंभीर रेड अलर्ट शामिल है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है क्योंकि मानसूनी हवाओं ने पूरे देश में एक बार फिर से जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 23 जुलाई यानी गुरुवार को देश के 18 अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक रहने वाला है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि देश का पश्चिमी और मध्य हिस्सा इस मौसमी बदलाव के सीधे निशाने पर है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और आम लोग दोनों ही आने वाले कुछ दिनों में जलभराव, रास्तों के बंद होने और अन्य ढांचागत समस्याओं से निपटने की तैयारी में जुट गए हैं। पश्चिमी तटों पर मंडरा रहा सबसे बड़ा खतरा इस समय मौसम के नजरिए से सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति भारत के पश्चिमी तटीय इलाकों में बनी हुई है। मौसम की निगरानी करने वाली इस सरकारी एजेंसी ने गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के लिए सबसे ऊंचे स्तर की चेतावनी, यानी रेड अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट का सीधा मतलब है कि इन इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है, जो स्थानीय जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह से ठप कर सकती है। लगातार होने वाली इस बारिश की वजह से नदियों और छोटे-बड़े नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का डर है, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। खतरे की इस गंभीरता को देखते हुए, मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जब तक बहुत जरूरी न हो, सफर करने से बचें और प्रशासन की तरफ से जारी किए गए सभी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें。 उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अलर्ट रेड अलर्ट वाले इलाकों के अलावा, देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस समय मौसम की मार झेलने को मजबूर है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, कोंकण-गोवा क्षेत्र और उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगर हम खास तौर पर देखें, तो पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादलों के जमकर बरसने की तैयारी है। इन इलाकों में लगातार गिरता पानी भूस्खलन का कारण बन सकता है और मुख्य सड़कों के कटने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग का यह भी कहना है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले तीन से चार दिनों तक मानसून पूरी तरह से मेहरबान रहेगा, जिसकी वजह से राज्य सरकारों को लगातार मुस्तैद रहना होगा। दिल्ली-एनसीआर: उमस से राहत और यातायात की आफत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह मौसम राहत और परेशानी दोनों लेकर आ रहा है। गुरुवार के दिन आसमान में बादलों का मजबूत डेरा पूरे समय बने रहने का अनुमान है। राजधानी के कई इलाकों में हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ खास जगहों पर तेज बौछारें पड़ने की भी उम्मीद है। बारिश के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इस बदले हुए मौसम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि तापमान में अच्छी खासी गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को पिछले कई दिनों से सता रही उमस भरी चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन इस राहत की एक कीमत भी चुकानी होगी; दफ्तर जाने और आने के समय सड़कों पर पानी भरने की वजह से भयंकर यातायात जाम लग सकता है, जिससे आम नौकरीपेशा लोगों का सफर काफी मुश्किल होने वाला है। यूपी का बदलता मिजाज और उत्तराखंड में पहाड़ों का डर उत्तर प्रदेश के मौसम में 23 जुलाई को एक साफ बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य के पश्चिमी हिस्सों में जहां छुटपुट बारिश होने की संभावना है, वहीं पूर्वी जिलों में बादलों की लुकाछिपी के बीच तेज गरज और चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। मौसम के जानकारों का मानना है कि 26 जुलाई के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का यह सिलसिला और भी तेज हो सकता है। फिलहाल, पूरे राज्य में तापमान सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है। वहीं दूसरी तरफ, देवभूमि उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बादलों के बरसने का दौर थमने वाला नहीं है। पहाड़ी जिलों में लगातार पानी गिरने से भूस्खलन, पहाड़ों से अचानक पत्थर गिरने और मुख्य रास्तों के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। जो श्रद्धालु इस समय चारधाम यात्रा पर हैं, उन्हें साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि वे मौसम से जुड़े हर अपडेट पर करीबी नजर रखें, क्योंकि पहाड़ों से बहने वाली नदियों और नालों का जलस्तर किसी भी समय खतरे के निशान को पार कर सकता है। पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर में आसमानी आफत देश के पूर्वी हिस्से भी बारिश के इस कहर से अछूते नहीं हैं। बुधवार के दिन बिहार के कई जिलों में जोरदार बारिश का अनुमान है। उत्तरी और मध्य बिहार के इलाकों में अच्छी बारिश होने के साथ-साथ कुछ जगहों पर तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है। पड़ोसी राज्य झारखंड की बात करें तो वहां भी मानसून अपना पूरा असर दिखा रहा है। राजधानी रांची के साथ-साथ बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों में तेज हवाओं (40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ भारी बारिश हो सकती है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को हिदायत दी है कि वे खुले मैदानों की तरफ न जाएं। उधर पूर्वोत्तर भारत के राज्यों—अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा—में भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। इन राज्यों में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का जोखिम काफी हद तक बढ़ गया है। दक्षिण भारत का हाल और समंदर में तेज हलचल जहां एक तरफ उत्तर और मध्य भारत मानसून के इस दौर में भीग रहे हैं, वहीं दक्षिण भारत में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिलेगी। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वहां बारिश पूरी तरह रुक जाएगी। तटीय कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में तेज बारिश का दौर आ सकता है। इसके अलावा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आने की पूरी संभावना है। जमीन के अलावा समंदर में भी हालात काफी बिगड़ रहे हैं। तेज तूफानी हवाओं की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में लहरें काफी उग्र हो गई हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अरब सागर के साथ-साथ गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के तटीय इलाकों में 45 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की भयंकर रफ्तार से हवाएं चलेंगी। समंदर के इस खतरनाक रूप को देखते हुए मछुआरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अगले 24 घंटों तक किसी भी सूरत में मछली पकड़ने के लिए गहरे पानी में न जाएं। पूरे देश के लिए सतर्कता का संदेश कुल मिलाकर देखा जाए तो 23 जुलाई का दिन भारत के एक बहुत बड़े हिस्से के लिए मानसून के कड़े इम्तिहान का दिन साबित होने वाला है। जहां पश्चिमी भारत को सबसे ज्यादा अलर्ट पर रखा गया है, वहीं उत्तर, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्य भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के खतरे का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग अपनी तरफ से लगातार अपील कर रहा है कि देश भर के लोग पूरी तरह से सतर्क रहें। सबसे अहम सलाह यही है कि उफनती नदियों, बहते नालों और पानी से भरे हुए इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखी जाए, और मौसम के बदलते हुए मिजाज से जुड़े हर छोटे-बड़े अपडेट पर लगातार नजर रखी जाए ताकि जान-माल का कोई नुकसान न हो। इसका आप पर असर • भारत में: देश भर के 18 राज्यों में भारी बारिश के कारण यातायात, ट्रेन और हवाई सेवाओं में देरी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सफर पर निकलने से पहले अतिरिक्त समय लेकर चलें। • गुजरात और महाराष्ट्र में: रेड अलर्ट के कारण निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव का गंभीर खतरा है; स्थानीय निवासियों को घरों में सुरक्षित रहने और जरूरी सामान जमा कर लेने की सलाह दी जाती है। • किसानों के लिए: खेतों में जलभराव से बचने के लिए पानी की निकासी का तुरंत इंतजाम करें, क्योंकि अत्यधिक बारिश से खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। सवाल-जवाब 1. मौसम विभाग ने किन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है? आईएमडी ने भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 2. दिल्ली-एनसीआर में मौसम कैसा रहेगा? दिल्ली और एनसीआर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे उमस से राहत मिलेगी। 3. पहाड़ी इलाकों को लेकर क्या चेतावनी दी गई है? उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बंद होने का खतरा है, इसलिए चारधाम यात्रियों को अलर्ट रहने को कहा गया है। 4. मछुआरों को क्या सलाह दी गई है? अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में 45 से 65 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के कारण मछुआरों को अगले 24 घंटे तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। https://trendkia.com/jharkhand/18-rajyon-men-tabahi-machane-ko-taiyara-hai-manasuna-imd-ne-gujarat-aura-maharashtra-ke-lie-jari-ki-sabase-bari-chetavani-9810 TrendKia — Har trend, sabse pehle.