बगीचे में चार गुणा दो फीट की जगह में बनाएं जलीय कुंड, कमल और गप्पी मछलियों से रुकेंगे मच्छर घर के बगीचे में महज चार फीट लंबे और दो फीट चौड़े दायरे में खूबसूरत जलीय कुंड बनाकर हरियाली के साथ मच्छरों की रोकथाम भी की जा सकती है। घरों के खुले स्थान या बगीचे में प्राकृतिक छटा बिखेरने के लिए बहुत बड़े भूखंड की दरकार नहीं होती। महज 4 फीट लंबाई और 2 फीट चौड़ाई के छोटे से क्षेत्र में भी एक आकर्षक जलीय कुंड यानी छोटा तालाब बनाया जा सकता है। इस तरह के जलकुंड को पूरे बगीचे की बनावट और शैली के अनुरूप आसानी से ढाला जा सकता है। एक बार इसमें स्वच्छ जल भर दिया जाए, तो सतह पर कमल और लिली जैसे सुंदर जल-पुष्प रोपे जा सकते हैं। शांत जल में लहराते इन फूलों और तैरती मछलियों के संगम से बगीचे का समूचा परिवेश जीवंत और कुदरती नजर आने लगता है। जल में प्राणवायु बढ़ाने वाले उपयोगी पौधे इस कुंड में केवल दृष्टि को लुभाने वाले सजावटी पौधे ही नहीं रखे जाते, बल्कि पर्यावरण संतुलन साधने वाली वनस्पतियों का होना भी जरूरी है। हाइड्रिला और पेनिसिलेरिया जैसे जलीय पौधे सीधे पानी के भीतर स्थापित किए जा सकते हैं। इन विशिष्ट पौधों की मौजूदगी जल के भीतर घुलित ऑक्सीजन के स्तर को लगातार बढ़ाती रहती है। पानी में पर्याप्त ऑक्सीजन का यह प्रवाह जलीय जीवों, विशेषकर वहां पलने वाली मछलियों की जीवन रक्षा और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। मच्छरों के लार्वा को खत्म करेंगी छोटी मछलियां बगीचे के इस जलकुंड में छोटी प्रजाति की मछलियां पालना न सिर्फ देखने में सुखद है, बल्कि यह एक कारगर प्राकृतिक समाधान भी साबित होता है। इसके लिए मोली और गप्पी जैसी छोटी मछलियों का चयन किया जा सकता है। इन मछलियों का सबसे बड़ा गुण यह है कि वे पानी में तैरने वाले मच्छरों के लार्वा यानी उनके शुरुआती बच्चों को अपना भोजन बना लेती हैं। इस स्वाभाविक चक्र के कारण कुंड के ठहरे हुए पानी में मच्छरों के पनपने और उनकी तादाद बढ़ने की आशंका खत्म हो जाती है। इस प्रकार यह सुंदर जलकुंड सजावट के साथ-साथ मच्छरों से बचाव का भी उपयोगी उपाय बन जाता है। दस वर्षों के अनुभव से संवरा प्रयोग डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने करीब 10 साल पहले अपने बगीचे में ऐसा ही एक जलकुंड स्थापित किया था। समय बीतने के साथ उन्होंने इसमें विभिन्न प्रकार के दुर्लभ और उपयोगी जलीय पौधों का संग्रह बढ़ाया और मछलियों का नियमित पालन शुरू किया। घर के किसी छोटे से कोने का सदुपयोग करके बगीचे को एक नई प्राकृतिक पहचान दी जा सकती है, जहां कमल, लिली और तैरती मछलियों का नजारा घर को मनोरम बना देता है। इसका आप पर असर घर के छोटे से खाली हिस्से में जलीय कुंड बनाकर परिवार को मच्छरों से बचाते हुए प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया जा सकता है। • मच्छरों से प्राकृतिक बचाव: गप्पी और मोली मछलियां पानी में मच्छरों के अंडे और लार्वा नष्ट कर देती हैं। इससे घर के आसपास कीटनाशकों के छिड़काव के बिना ही डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों की तादाद घट जाती है। • कम जगह और बजट में निर्माण: इसके लिए केवल 4 गुणा 2 फीट की खाली जगह की जरूरत होती है। सीमित खर्च में साधारण खुदाई और जलरोधी शीट की मदद से कोई भी बागवानी प्रेमी इसे अपने घर में तैयार कर सकता है। • आसान रखरखाव: हाइड्रिला जैसे जलीय पौधे पानी में ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखते हैं। इसके चलते पानी को बार-बार पूरी तरह बदलने की मशक्कत नहीं करनी पड़ती। • मानसिक सुकून: खिले हुए कमल के फूल और तैरती मछलियों का दृश्य मानसिक तनाव दूर करता है। शाम के समय बगीचे में बैठने का अनुभव सुखद और ताजगी भरा हो जाता है। ऐसा क्यों हुआ घरों में जलीय कुंड बनाने का विचार सीमित जगह में बगीचे की सुंदरता बढ़ाने और रुके हुए पानी में मच्छर पनपने की समस्या का जैविक हल निकालने के उद्देश्य से सामने आया है। • प्राकृतिक संतुलन की खोज: कृत्रिम सजावट के बजाय लोग कुदरती परिवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। स्थिर पानी में मच्छर पनपने का डर रहता है, इसलिए कीट नियंत्रण और सुंदरता को एक साथ साधने के लिए यह रूपरेखा तैयार की गई। • मछलियों का लार्वा भक्षण: सामान्य स्थिर पानी में मच्छर तेजी से अंडे देते हैं। मोली और गप्पी मछलियों की स्वाभाविक खुराक मच्छरों के लार्वा होने के कारण पानी अपने आप स्वच्छ और मच्छरमुक्त बना रहता है। • ऑक्सीजन चक्र का सामंजस्य: जलीय पौधों का चयन इसलिए किया गया ताकि पानी बिना कृत्रिम फिल्टर के भी सांस लेने योग्य रहे। हाइड्रिला और पेनिसिलेरिया जैसे पौधे पानी के भीतर स्वतः ऑक्सीजन का स्तर ऊंचा रखते हैं। सवाल-जवाब 1. गार्डन में जलीय कुंड बनाने के लिए न्यूनतम कितनी जगह चाहिए? इसके लिए कम से कम 4 फीट लंबाई और 2 फीट चौड़ाई की जगह पर्याप्त होती है। 2. कुंड में मच्छरों की रोकथाम के लिए कौन सी मछलियां रखनी चाहिए? मोली और गप्पी जैसी छोटी मछलियां रखनी चाहिए क्योंकि वे मच्छरों के लार्वा को खा जाती हैं। 3. पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए कौन से पौधे लगाएं? पानी के भीतर हाइड्रिला और पेनिसिलेरिया जैसे जलीय पौधे लगाने से ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है। 4. इस कुंड की सतह पर कौन से सजावटी फूल लगाए जा सकते हैं? कुंड के पानी में कमल और लिली जैसे खूबसूरत जल-पुष्प लगाए जा सकते हैं। 5. डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने इस प्रयोग को कितने साल पहले शुरू किया था? डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने करीब 10 साल पहले अपने बगीचे में यह जलीय कुंड तैयार किया था। https://trendkia.com/jharkhand/bagiche-men-chara-guna-do-phita-ki-jagaha-men-banaen-jaliya-kunda-kamala-aura-guppy-machhaliyon-se-rukenge-machchhara-44908 TrendKia — Har trend, sabse pehle.