# बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से झारखंड में मौसम बदला, पांच जिलों में अत्यधिक वर्षा और बिजली गिरने की चेतावनी

> बंगाल की खाड़ी में विकसित हुए कम दबाव के क्षेत्र के चलते झारखंड के पांच दक्षिणी व मध्य जिलों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/bay-of-bengal-low-pressure-triggers-torrential-rains-in-jharkhand-orange-alert-in-five-districts-37459 · **Language:** Hindi
**Tags:** झारखंड मौसम, रांची बारिश, ऑरेंज अलर्ट, वज्रपात चेतावनी, मौसम विभाग, बंगाल की खाड़ी

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव वाले मौसमी तंत्र का सीधा असर झारखंड के मौसमी मिजाज पर साफ दिखने लगा है। राजधानी रांची समेत राज्य के विस्तृत भूभाग में रुक-रुक कर हो रही तेज बौछारों के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार 24 सितंबर को दक्षिणी और मध्य हिस्सों में तीव्र बारिश के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर जोखिम बना हुआ है। पिछले दिनों हुई मानसूनी गतिविधियों के बाद नए बने इस सिस्टम ने राज्य भर में मानसूनी सक्रियता को फिर से तेज कर दिया है, जिसके प्रभाव से आने वाले कई दिनों तक वातावरण में नमी और बादलों का जमावड़ा बना रहेगा।

## पांच प्रमुख जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के ताजा बुलेटिन के तहत 24 सितंबर के लिए सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, गुमला, खूंटी और रांची जिलों में अत्यधिक वर्षा की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी पानी गिरने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके समानांतर पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा और बोकारो में भी मध्यम से भारी दर्जे की बारिश का अनुमान जताया गया है। राजधानी रांची और इसके उपनगरीय इलाकों में हालिया वर्षा की वजह से निचले रिहायशी मोहल्लों में जलभराव की स्थिति पहले ही देखी जा चुकी है, जबकि जिले के विख्यात प्राकृतिक जलप्रपातों में पानी का प्रवाह काफी तीव्र हो चुका है। ऐसे में संबंधित जिला प्रशासनों को जलमग्न इलाकों और उफनते जलस्रोतों के पास सतर्कता बढ़ाने का सुझाव है।

## तेज हवा के झोंके और आकाशीय बिजली का खतरा
वर्षा के अलावा वायुमंडल में अस्थिरता के कारण बादलों की तेज गर्जना और वज्रपात का दोहरा संकट बना हुआ है। बीते दिन 23 सितंबर को कई इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई थी, जिसके चलते खुले क्षेत्रों में पेड़ों और कच्ची संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का अंदेशा बना रहा। 24 सितंबर को भी वैसी ही तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़ा होना बेहद खतरनाक हो सकता है। यह मौसमी उथल-पुथल केवल आज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि 26 से 29 सितंबर के दौरान भी समूचे राज्य में वज्रपात की निरंतर घटनाएं दर्ज हो सकती हैं।

## तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट
लगातार छाए घने बादलों और पुरवैया हवा के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में व्यापक फेरबदल हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के आकलन के अनुसार वायुमंडलीय तंत्र के असर से पारे में लगभग 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की संभावना है। दिन के समय धूप न निकलने और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिली है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे क्षेत्रों में वातावरण काफी ठंडा हो गया है। मौसम सुहाना होने के बावजूद भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की प्रबल आशंका को देखते हुए नागरिकों को सैर-सपाटे, पिकनिक स्पॉट या जलप्रपातों की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि फिसलन और जलस्तर की अचानक बढ़ोतरी दुर्घटनाओं का सबब बन सकती है।

## 25 सितंबर और आगामी दिनों का मौसमी पूर्वानुमान
बारिश का दायरा 25 सितंबर को उत्तर-पश्चिमी झारखंड की तरफ स्थानांतरित होने की संभावना है। उस दिन पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह जिलों में मूसलाधार बारिश का केंद्र रहने का अंदेशा है। इस दौरान तेज झोंके वाली हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का सिलसिला भी जारी रहेगा। 26 सितंबर से 29 सितंबर तक भले ही वर्षा की सघनता में आंशिक कमी आए, लेकिन गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं राज्य भर में देखने को मिलेंगी। इसके अलावा 30 सितंबर को भी राज्य के कुछ भागों में तेज हवा, आंधी और बौछारों का दौर लौटने की संभावना जताई गई है।

## बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज वर्षा की स्थिति
राज्य के कई हिस्सों में 23 सितंबर को भी सक्रिय मानसूनी बादलों ने जमकर पानी बरसाया। जिन जिलों में पूर्व अनुमान के अनुसार वर्षा दर्ज की गई, उनमें रांची के अलावा खूंटी, गुमला, लोहरदगा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा शामिल रहे। कई क्षेत्रों में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ शुरू हुई बौछारों ने सड़कों पर पानी भर दिया। 24 से 27 सितंबर तक पूरे राज्य में इस निम्न दबाव प्रणाली का गहरा असर बना रहेगा। आज के दिन विशेष रूप से रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के निवासियों को आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली से सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की आवश्यकता है।

## इसका आप पर असर
झारखंड में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी से आम नागरिकों के दैनिक आवागमन, सुरक्षा और स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

- **झारखंड में:** पांच जिलों में अत्यधिक बारिश और जलभराव के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहना होगा। जलप्रपातों और उफनती नदियों के पास पर्यटन पूरी तरह असुरक्षित है, इसलिए जलस्रोतों के नजदीक जाने से बचें।
- **यात्रियों और वाहन चालकों के लिए:** 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और सड़कों पर फिसलन से दृश्यता प्रभावित हो सकती है। यात्रा के दौरान पेड़-पौधों और बिजली के खंभों के नीचे वाहन खड़ा करने से पूरी तरह परहेज करें।
- **ग्रामीणों और किसानों के लिए:** 26 से 29 सितंबर तक लगातार गरज और वज्रपात की आशंका बनी हुई है। मौसम खराब होने पर खुले खेतों में काम करने से बचें और पक्के ढांचों में ही शरण लें।
- **तापमान और स्वास्थ्य:** दिन के तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट से मौसम ठंडा हो गया है। अचानक मौसम बदलने से सर्दी-जुकाम और मौसमी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें।

## ऐसा क्यों हुआ
झारखंड में मौसम में यह व्यापक बदलाव समुद्री निम्न दबाव क्षेत्र और मानसूनी धाराओं के सक्रिय होने के कारण उत्पन्न हुआ है।

- **निम्न दबाव प्रणाली:** बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक प्रभावी निम्न दबाव के क्षेत्र ने झारखंड की तरफ पर्याप्त मात्रा में समुद्री नमी खींची है। इसी वायुमंडलीय प्रणाली के चलते मानसूनी बादल राज्य के दक्षिणी और मध्य भागों में अत्यधिक घनीभूत हो गए हैं।
- **हवाओं की गतिशीलता:** पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा से आ रही नम हवाओं के स्थानीय पर्वतीय भूभाग से टकराने से घने कपासी-वर्षी बादलों का निर्माण हुआ है। इसके कारण तेज आंधी, भारी बारिश और बादलों के बीच विद्युत घर्षण से आकाशीय बिजली पैदा हो रही है।
- **मौसम का उत्तर-पश्चिम की ओर खिसकना:** निम्न दबाव प्रणाली धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है, जिसके चलते 25 सितंबर तक इसका केंद्र पलामू, चतरा और गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों की तरफ स्थानांतरित हो जाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. 24 सितंबर को झारखंड के किन पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट है?
मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

### 2. बारिश के कारण झारखंड के तापमान में कितनी गिरावट का अनुमान है?
इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से झारखंड के अधिकतम तापमान में करीब 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

### 3. झारखंड में 25 सितंबर को मौसम कैसा रहने का अनुमान है?
25 सितंबर को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह समेत उत्तर-पश्चिमी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

### 4. राज्य में गरज और वज्रपात की स्थिति कब तक बनी रहेगी?
मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 से 29 सितंबर तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का दौर जारी रह सकता है।

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