बंगाल की खाड़ी में बने दबाव से झारखंड में बदलेगा मौसम, 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश तथा वज्रपात का अलर्ट जारी झारखंड के सभी 24 जिलों में बादलों का डेरा जमा हुआ है और 13 से 14 अगस्त के दौरान कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। झारखंड में मानसून का मिजाज एक बार फिर से बेहद सक्रिय होने जा रहा है। बुधवार, 12 अगस्त को राज्य भर के आसमान में घने बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की जा रही है। मौसम की यह गतिविधियां आने वाले दिनों में और अधिक तेज होने वाली हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर निर्मित हो रहे निम्न दबाव के क्षेत्र का व्यापक असर राज्य के मौसम पर दिखाई देगा। इस नए मौसमी तंत्र के प्रभाव से 13 और 14 अगस्त को झारखंड के दक्षिणी तथा मध्यवर्ती भागों में भारी बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की गंभीर स्थिति बनने की प्रबल संभावना है। 12 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में बादलों की मौजूदगी और छिटपुट वर्षा को लेकर सतर्कता व्यक्त की गई है। 13 और 14 अगस्त को किन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश बंगाल की खाड़ी में बन रही नई मौसमी प्रणाली के चलते 13 अगस्त से वर्षा का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ेंगे। 13 अगस्त को मुख्य रूप से दक्षिणी झारखंड के क्षेत्रों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। इनमें सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले शामिल हैं, जहां तेज बौछारों का दौर देखने को मिल सकता है। इसके पश्चात 14 अगस्त को मानसूनी बारिश का यह फैलाव और अधिक व्यापक हो जाएगा। 14 अगस्त को राज्य की राजधानी रांची के साथ-साथ खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ ही आकाशीय बिजली चमकने और गिरने का खतरा भी बना रहेगा। 12 से 17 अगस्त तक मानसूनी हलचल का दौर और क्षेत्रीय असर संपूर्ण राज्य में 12 अगस्त से 17 अगस्त के बीच मानसून पूरी तरह से मेहरबान और सक्रिय रहेगा। इस पूरी अवधि के दौरान 13 अगस्त से लेकर 15 अगस्त के मध्य बारिश की गतिविधियां अपने चरम पर होंगी, जबकि इसके बाद भी विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की और मध्यम वर्षा का सिलसिला लगातार जारी रहने के आसार हैं। केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि समूचे पूर्वी भारत के भौगोलिक क्षेत्रों में 11 अगस्त से 16 अगस्त के दौरान मानसून की यह सक्रियता प्रभावी बनी रहने की उम्मीद है। 12 अगस्त के दिन पूरे झारखंड में बादलों का जमावड़ा बना हुआ है और कई स्थानों पर बौछारें गिर सकती हैं। हालांकि, अत्यंत भारी बारिश की मुख्य चेतावनी 13 और 14 अगस्त की तारीखों के लिए केंद्रित की गई है। इसके अलावा दक्षिणी और मध्य झारखंड के इलाकों में स्थानीय स्तर पर तेज आंधी, बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली गिरने की परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में सुहावना मौसम और रांची का ताजा तापमान बारिश की निरंतर गतिविधियों के कारण झारखंड के उच्च ऊंचाई वाले और प्राकृतिक हरियाली से आच्छादित जिलों में मौसम बेहद खुशनुमा बना हुआ है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा और बादलों के आवरण से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज होने से दिन और रात के समय वातावरण में ठंडक घुली हुई है। हालिया प्रामाणिक आंकड़ों के अनुसार, रांची में तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि हवा में नमी अर्थात आर्द्रता का स्तर 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह उच्च आर्द्रता और कम तापमान का मिला-जुला प्रभाव राज्य वासियों को सुकून का अहसास करा रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान जिलों में दर्ज की गई वर्षा के आंकड़े मंगलवार, 11 अगस्त को भी झारखंड के कई जिलों में मानसूनी फुहारें और मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते दिन हजारीबाग जिले में सबसे अधिक 17 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा जमशेदपुर में 8 मिलीमीटर, बोकारो में 5 मिलीमीटर, रांची में 3 मिलीमीटर, चाईबासा में 3 मिलीमीटर और लातेहार जिले में 2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बादल लगातार बरस रहे हैं और जमीन की नमी को बढ़ा रहे हैं। 48 घंटों के लिए वज्रपात की चेतावनी और वायु गुणवत्ता में सुधार मौसम के बदलते स्वरूप को देखते हुए अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिणी झारखंड के सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बहुत अधिक बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, मौसम वैज्ञानिकों ने कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की है। तेज हवाओं और वर्षा के संयुक्त प्रभाव से राज्य के अधिकांश शहरों की वायु गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। वर्षा की बूंदें हवा में मौजूद प्रदूषणकारी कणों को धोकर जमीन पर बिठा देती हैं, जिससे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर अधिकांश शहरों में संतोषजनक से लेकर मध्यम श्रेणी में बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वज्रपात के समय खुले मैदानों, बड़े वृक्षों और बिजली के खंभों से दूर रहकर सुरक्षित स्थानों पर ही शरण लें। इसका आप पर असर यह मौसमी बदलाव झारखंड के निवासियों के दैनिक जीवन को निम्नलिखित तरीकों से प्रभावित करेगा: • भारत में: पूर्वी भारत में 11 से 16 अगस्त के दौरान मानसूनी सक्रियता से कृषि कार्यों में तेजी आएगी और तापमान नियंत्रित रहेगा। • झारखंड में: 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश तथा 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाओं के कारण यातायात में व्यवधान और जलजमाव की समस्या हो सकती है। • सुरक्षा अलर्ट: सिमडेगा, सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों के निवासी आकाशीय बिजली और तूफान के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। सवाल-जवाब 1. झारखंड में भारी बारिश का मुख्य अलर्ट किन तारीखों के लिए जारी किया गया है? झारखंड में भारी बारिश और वज्रपात का मुख्य अलर्ट 13 और 14 अगस्त के लिए जारी किया गया है। 2. 13 और 14 अगस्त को किन जिलों में सबसे अधिक बारिश होने की संभावना है? 13 अगस्त को सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां तथा 14 अगस्त को रांची, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला सहित दक्षिणी और मध्य जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। 3. हालिया अवलोकन के अनुसार रांची का तापमान और आर्द्रता कितनी दर्ज की गई? रांची में तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस और हवा में आर्द्रता का स्तर 94 प्रतिशत दर्ज किया गया है। 4. बीते 24 घंटों में झारखंड के किस जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई? बीते 24 घंटों के दौरान हजारीबाग जिले में सबसे अधिक 17 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। 5. वज्रपात और आंधी के दौरान मौसम विशेषज्ञों की क्या सलाह है? लोगों को सलाह दी गई है कि आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटे की हवाओं के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों। https://trendkia.com/jharkhand/bay-of-bengal-men-bane-dabava-se-jharkhand-men-badalega-mausama-13-aura-14-august-ko-bhari-barisha-tatha-vajrapata-ka-alarta-jari-15924 TrendKia — Har trend, sabse pehle.