बोकारो में दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन सख्त, अवैध कोयला खदानों पर बुलडोजर कार्रवाई झारखंड के बोकारो जिले में कोयला खदान धंसने से तीन महिलाओं की जान जाने के बाद जिला प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। कथारा और दनिया क्षेत्रों में कई अवैध खदानों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया है। झारखंड के बोकारो जिले में हाल ही में एक कोयला खदान के धंस जाने के कारण तीन महिलाओं की मौत की दुखद घटना सामने आई थी। इस गंभीर हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने अवैध खनन के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। इस दिशा में केंद्रीय कोयला कंपनी सीसीएल के कथारा इलाके के कोल स्टॉक नंबर-5 के आसपास के क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि चोरी-छिपे होने वाले खनन को रोका जा सके। इसी अभियान के तहत जिला उपायुक्त के स्पष्ट निर्देशों के आधार पर जगेश्वर विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दनिया इलाके में एक बड़ा और विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया है। इस कार्रवाई के दौरान वन क्षेत्र के भीतर अवैध तरीके से संचालित की जा रही कई कोयला खदानों का पर्दाफाश हुआ, जिन्हें प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। घने जंगलों के बीच चल रहा था अवैध उत्खनन का खेल प्रशासनिक अधिकारियों और जांच टीमों को दनिया क्षेत्र की गहन छानबीन के दौरान कई अवैध रेट होल माइंस मिले हैं। ये अत्यंत संकरे और छोटे रास्ते बनाए गए थे जिनके जरिए जमीन के भीतर से गुप्त रूप से कोयला निकाला जा रहा था। स्थानीय जानकारियों के मुताबिक घने जंगलों की आड़ का फायदा उठाकर इस इलाके में पिछले काफी समय से बड़े पैमाने पर अवैध खनन का अवैध कारोबार संचालित हो रहा था। छापेमारी दल ने मौके पर पहुंचकर इन अवैध खदानों को बंद कराने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की। भारी-भरकम जेसीबी मशीनों का उपयोग करके इन खदानों के मु मुहानों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया ताकि भविष्य में वहां से दोबारा किसी भी प्रकार का अवैध कोयला निकालना संभव न हो सके। वन और खान विभाग के साथ पुलिस बल ने की संयुक्त कार्रवाई यह पूरी प्रशासनिक कार्रवाई जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत एक संयुक्त दल द्वारा अंजाम दी गई है। इस विशेष अभियान में खान विभाग तथा वन विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों की मौजूदगी रही और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। संयुक्त टीम ने पूरे इलाके में अवैध खनन से जुड़े तमाम ठिकानों और अड्डों की बारीकी से जांच की और अनधिकृत रूप से चल रही खदानों को बंद कराया। इस मामले में प्रशासन की तरफ से अवैध कारोबार में संलिप्त अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जगेश्वर विहार थाने में आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। अब पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है और इस अवैध धंधे के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंडों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका आप पर असर बोकारो में अवैध कोयला खदान धंसने और उसके बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई का असर स्थानीय लोगों और सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा पड़ेगा। • झारखंड में: अवैध खनन वाले क्षेत्रों में प्रशासन की छापेमारी तेज होने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। इससे अनधिकृत गतिविधियों में लिप्त लोगों पर लगाम लगेगी और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा बढ़ेगी। • बोकारो में: दनिया और कथारा जैसे प्रभावित इलाकों में पुलिस और खनन विभाग की सक्रियता से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी। स्थानीय निवासियों को इस प्रकार के खतरनाक और गैरकानूनी खनन से होने वाले बड़े हादसों से राहत मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ यह प्रशासनिक कार्रवाई झारखंड के बोकारो जिले में हाल ही में घटी एक बड़ी दुर्घटना के बाद शुरू की गई है। अवैध खनन के कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही थी जिससे तीन महिलाओं की जान चली गई थी। • हादसे का कारण: घने जंगलों की आड़ में बिना किसी सुरक्षा उपकरण और सरकारी अनुमति के अवैध रेट होल माइंस चलाई जा रही थीं। • प्रशासनिक प्रतिक्रिया: तीन महिलाओं की मौत के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया और तुरंत अवैध खनन के ठिकानों को ध्वस्त करने का आदेश दिया। • कानूनी कार्रवाई: इस अवैध धंधे में संलिप्त अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की पहचान और जांच शुरू कर दी गई है। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जिले में हुई है? यह घटना झारखंड के बोकारो जिले में हुई है। 2. हादसे में कितने लोगों की जान गई? खदान धंसने के इस हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई है। 3. प्रशासन ने कौन सा नया अभियान शुरू किया है? प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ विशेष छापेमारी और खदानों को ध्वस्त करने का अभियान शुरू किया है। 4. छापेमारी मुख्य रूप से कहाँ की गई? छापेमारी मुख्य रूप से जगेश्वर विहार थाना क्षेत्र के दनिया और सीसीएल कथारा के कोल स्टॉक नंबर-5 के पास की गई। 5. अवैध खदानों को कैसे नष्ट किया गया? प्रशासनिक टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से इन अवैध खदानों के मुहानों को ध्वस्त कर दिया है। https://trendkia.com/jharkhand/bokaro-me-dardnak-hadse-ke-baad-prashasan-sakht-illegal-koyla-khadanon-par-buldozer-karwahi-57049 TrendKia — Har trend, sabse pehle.