# सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की विद्या सारथी योजना से झारखंड के 400 मेधावी छात्रों को मिलेगी दो साल तक मुफ्त नीट और जेईई कोचिंग

> सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड अपने सीएसआर अभियान के तहत झारखंड के कमांड एरिया के 400 विद्यार्थियों को दो साल तक नि:शुल्क जेईई और नीट की कोचिंग मुहैया करा रहा है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/central-coalfields-limited-ki-vidya-sarathi-yojana-se-jharkhand-ke-400-medhavi-chhatron-ko-milegi-do-sala-taka-muphta-neet-aura-je-40056 · **Language:** Hindi
**Tags:** सीसीएल विद्या सारथी, मुफ्त नीट कोचिंग, मुफ्त जेईई कोचिंग, झारखंड शिक्षा, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, सीएसआर योजना

इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की भारी-भरकम फीस के कारण अक्सर होनहार छात्र अपने डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लक्ष्य से वंचित रह जाते हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी सीएसआर के तहत एक खास शैक्षणिक पहल चला रहा है। इस कल्याणकारी कार्यक्रम का नाम सीसीएल विद्या सारथी योजना है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य निजी कोचिंग संस्थानों के खर्च उठाने में असमर्थ मेधावी विद्यार्थियों को दो साल तक बिना किसी शुल्क के जेईई और नीट की व्यवस्थित तैयारी उपलब्ध कराना है।

## सालाना 400 छात्र होंगे लाभान्वित और सप्ताहांत पर लगेंगी विशेष कक्षाएं
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 400 छात्र-छात्राओं का चयन करके उन्हें उच्च स्तरीय कोचिंग प्रदान की जाती है। चयनित अभ्यर्थियों को अध्ययन सामग्री के लिए अपनी जेब से कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ता, क्योंकि योजना में मुफ्त स्टडी मैटेरियल और डिजिटल लर्निंग सपोर्ट पहले से शामिल है। इसके अलावा छात्रों की वास्तविक परीक्षा क्षमता को आंकने के लिए नियमित अंतराल पर मूल्यांकन टेस्ट और मॉक टेस्ट आयोजित किए जाते हैं। स्कूली शिक्षा में किसी भी प्रकार का व्यवधान न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए कोचिंग कक्षाओं का संचालन मुख्य रूप से शनिवार और रविवार को निर्धारित किया गया है।

## पात्रता के जरूरी नियम और प्रवेश प्रक्रिया
विद्या सारथी योजना में शामिल होने के लिए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने स्पष्ट नियम तय किए हैं। आवेदन करने वाले छात्र के 10वीं कक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने अनिवार्य हैं। इसके साथ ही छात्र के परिवार की कुल वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होनी चाहिए। भौगोलिक दायरे की बात करें तो आवेदक का निवास स्थान सीसीएल के किसी भी प्रतिष्ठान या ऑपरेशनल एरिया से 25 किलोमीटर की परिधि के अंदर स्थित होना आवश्यक है। योग्य उम्मीदवारों का अंतिम चयन एक समर्पित प्रवेश परीक्षा में हासिल अंकों और मेरिट के आधार पर किया जाता है।

## झारखंड के 10 केंद्रों पर व्यापक शैक्षणिक सहयोग
यह योजना विशेष रूप से झारखंड स्थित सीसीएल कमांड एरिया के निवासियों के लिए ही संचालित है, इसलिए इसका दायरा दूसरे राज्यों में विस्तृत नहीं है। छात्रों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए झारखंड के 10 प्रमुख स्थानों पर स्टडी सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में कुजू, बरकाकाना, ढोरी, गिरिडीह, रजरप्पा, कथारा, रांची, अरगड़ा, हजारीबाग और पिपरवार शामिल हैं। दो साल के इस सघन प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयार किया जाता है और उनकी कमजोरियों को दूर करके उन्हें राष्ट्रीय स्तर की इन कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने का प्रयास किया जाता है।

## इसका आप पर असर
यह योजना झारखंड के खनन क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए बिना किसी आर्थिक दबाव के मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी का रास्ता खोलती है।

- **झारखंड में:** सीसीएल कमांड एरिया के 10 केंद्रों पर हर साल 400 योग्य छात्रों को दो साल की मुफ्त कोचिंग मिलेगी। 10वीं में 50 प्रतिशत अंक पाने वाले और आठ लाख रुपये से कम पारिवारिक आय वाले छात्र प्रवेश परीक्षा देकर इसका लाभ ले सकते हैं।
- **आर्थिक बचत:** चयनित छात्रों को महंगी निजी कोचिंग की लाखों रुपये की फीस से पूरी राहत मिलेगी। मुफ्त अध्ययन सामग्री और डिजिटल सपोर्ट मिलने से परिवारों पर पढ़ाई का अतिरिक्त खर्च नहीं पड़ेगा।
- **पढ़ाई का संतुलन:** कोचिंग की कक्षाएं केवल शनिवार और रविवार को आयोजित की जाएंगी। इससे नियमित स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की सामान्य स्कूली पढ़ाई पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।
- **स्थानिक सुविधा:** कुजू, बरकाकाना, गिरिडीह और रांची समेत 10 केंद्रों पर कक्षाएं चलने से लंबी दूरी की यात्रा से बचाव होगा। सीसीएल प्रतिष्ठानों से 25 किमी के दायरे में रहने वाले छात्र अपने घर के पास रहकर तैयारी कर सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग की बढ़ती फीस के कारण गरीब परिवारों के होनहार छात्र इन क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ पा रहे थे।

- **निजी कोचिंग का भारी खर्च:** व्यावसायिक कोचिंग संस्थानों की अत्यधिक फीस कमजोर आय वर्ग के विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर या इंजीनियर बनने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन चुकी थी। सीसीएल ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड के जरिए इस सामाजिक अंतर को पाटने के लिए यह योजना शुरू की।
- **कमांड क्षेत्र में विकास का दायित्व:** खनन उद्योग से जुड़े प्रतिष्ठानों की यह सामाजिक जिम्मेदारी होती है कि वे आसपास के स्थानीय समुदायों को सीधे लाभ पहुंचाएं। 25 किमी की सीमा तय करके स्थानीय खनन क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने पर फोकस किया गया है।
- **गुणवत्तापूर्ण संसाधनों की कमी:** छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी डिजिटल सपोर्ट और अनुभवी मार्गदर्शन आसानी से नहीं मिलता। सप्ताहांत कक्षाओं और मॉक टेस्ट के जरिए छात्रों को आधुनिक परीक्षा पैटर्न के अनुरूप ढालने की व्यवस्था बनाई गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. सीसीएल विद्या सारथी योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के कमांड एरिया में रहने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को दो साल तक मुफ्त नीट और जेईई कोचिंग देना है।

### 2. इस योजना के तहत हर साल कितने छात्रों को कोचिंग मिलती है?
इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 400 मेधावी विद्यार्थियों का चयन मुफ्त कोचिंग के लिए किया जाता है।

### 3. विद्या सारथी योजना में आवेदन के लिए शैक्षणिक और आर्थिक योग्यता क्या है?
आवेदक के 10वीं कक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

### 4. निवास स्थान को लेकर क्या शर्त रखी गई है?
आवेदक का घर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के किसी भी प्रतिष्ठान या ऑपरेशनल एरिया से 25 किलोमीटर की सीमा के भीतर होना चाहिए।

### 5. छात्रों का चयन किस प्रक्रिया के तहत किया जाता है?
पात्र उम्मीदवारों का चयन एक औपचारिक प्रवेश परीक्षा में उनके प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर होता है।

### 6. कोचिंग की कक्षाएं किन दिनों में आयोजित की जाती हैं?
स्कूली पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए कोचिंग क्लासेज मुख्य रूप से शनिवार और रविवार को चलाई जाती हैं।

### 7. झारखंड में किन स्थानों पर इस योजना के स्टडी सेंटर बनाए गए हैं?
कुजू, बरकाकाना, ढोरी, गिरिडीह, रजरप्पा, कथारा, रांची, अरगड़ा, हजारीबाग और पिपरवार सहित 10 स्थानों पर स्टडी सेंटर स्थापित हैं।

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