चतरा जिले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाकर भीड़ ने मो. एमरोज को बेरहमी से पीटा, इलाज के दौरान मौत झारखंड के चतरा जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में भीड़ ने 25 वर्षीय मो. एमरोज की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है। झारखंड के चतरा जिले में स्थित टंडवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में मंगलवार को भीड़ की हिंसा का एक भयावह मामला सामने आया है। यहां 25 वर्षीय युवक मो. एमरोज की भीड़ द्वारा बेरहमी से की गई पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद से ही पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया लगातार जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अपहरण और दुष्कर्म के आरोपों के बाद भड़का ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत रविवार रात लगभग 10 बजे हुई थी। आरोप है कि 25 वर्षीय मो. एमरोज ने क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। इसके बाद वह नाबालिग छात्रा को दो दिनों तक अपने घर में छिपाकर रखा और उसके साथ लगातार दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। दूसरी ओर, जब नाबालिग लड़की अपने घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। पीड़िता के परिवार वालों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई अतापता नहीं चला। इस दौरान परिजनों ने संदिग्ध आरोपी मो. एमरोज के घर जाकर उसके परिजनों से भी पूछताछ की थी, परंतु उस समय उसके परिवार के सदस्यों ने नाबालिग छात्रा के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया था। दो दिनों तक गायब रहने के बाद मंगलवार की सुबह लगभग 2 बजे पीड़िता अचानक अपने घर पहुंची। बदहवास हालत में घर लौटने के बाद उसने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई और पूरी घटना का ब्योरा दिया। जैसे ही पीड़िता के परिजनों और आसपास के लोगों को इस घटना की भनक लगी, ग्रामीणों के बीच आक्रोश की लहर दौड़ गई। मंगलवार की अलसुबह ही भारी संख्या में लाठी-डंडों से लैस ग्रामीण आरोपी मो. एमरोज के घर के बाहर एकत्र हो गए। उग्र भीड़ ने आरोपी को जबरन उसके घर से खींचकर बाहर निकाला और सड़क पर लाकर लाठी-डंडों, पत्थरों तथा भारी वस्तुओं से उस पर हमला कर दिया। भीड़ ने उसे तब तक बेरहमी से पीटा जब तक वह अधमरा नहीं हो गया। बचाने आए परिजनों के साथ भी मारपीट, पुलिस के सामने भी हुआ हंगामा घटना के संबंध में मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जैसे ही गांव में एक कथित घटना की अफवाह फैली, सैकड़ों की संख्या में लोग उनके घर पर आ धमके। उग्र भीड़ ने घर में घुसकर मो. एमरोज को घसीटते हुए बाहर निकाला और सड़क पर ले जाकर पत्थरों और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। मृतक के परिवार के सदस्यों ने जब उसे भीड़ के चंगुल से बचाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की और उन्हें भी चोटिल कर दिया। परिजनों का यह भी संगीन आरोप है कि जब पुलिस की टीम सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची, तब भी भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ था और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद मारपीट की घटना जारी रही। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों की प्राथमिकता के आधार पर गहन जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही टंडवा थाने की पुलिस टीम भारी बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद गंभीर रूप से घायल मो. एमरोज को उग्र भीड़ के कब्जे से छुड़ाया और तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए उच्च केंद्र में रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान घावों के कारण युवक ने दम तोड़ दिया। कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं: पुलिस प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विस्तृत बयान जारी किया है। एक वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म की खबर फैलने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और देखते ही देखते स्थिति अत्यंत हिंसक हो गई। पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, तुरंत टीम को मौके पर भेजा गया और युवक को भीड़ से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामले में आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पीड़िता की मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और पूरे घटनाक्रम की गहनता से तफ्तीश की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि मृतक मो. एमरोज के खिलाफ पूर्व में भी पॉक्सो अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज था। हालांकि, पुलिस ने कड़े शब्दों में यह साफ कर दिया कि किसी भी व्यक्ति का पुराना आपराधिक इतिहास होने का मतलब यह कतई नहीं है कि जनता या भीड़ कानून को अपने हाथ में ले ले। उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को सजा देने का संवैधानिक अधिकार केवल देश की न्यायपालिका और अदालत के पास है, न कि किसी उग्र भीड़ के पास। साक्ष्यों के आधार पर हो रही पहचान, इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात पुलिस प्रशासन ने बताया कि घटना में शामिल उपद्रवियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। अब तक इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों से मिले वीडियो फुटेज, चश्मदीद गवाहों के बयानों तथा अन्य तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। टंडवा थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि पहचान पूरी होते ही सभी नामजद और अज्ञात दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस हिंसक घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा सोशल मीडिया या गांव में फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की जा रही है तथा हिंसा में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अतिरिक्त, बिहार के बेगूसराय जिले से भी पंचायत में एक महिला के साथ अमानवीय व्यवहार और कान पकड़वाकर थूक चटवाने की घटना सामने आई थी, जिस पर प्रशासन कड़ी नजर बनाए हुए है। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होती है और किसी भी स्थिति में मॉब लिंचिंग अपराध है। • चतरा (झारखंड) में: क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सवाल-जवाब 1. चतरा के टंडवा में क्या घटना हुई? टंडवा में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप के बाद भीड़ ने 25 वर्षीय मो. एमरोज को बेरहमी से पीटा, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 2. इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है? पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। 3. पीड़ित परिवार का क्या आरोप है? परिवार का आरोप है कि भीड़ ने घर में घुसकर युवक को बाहर निकाला और मारपीट की, तथा बचाने आए परिजनों के साथ भी मारपीट की गई। 4. क्या मृतक का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड था? पुलिस के अनुसार मृतक के खिलाफ पूर्व में पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज था, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि इससे भीड़ को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं मिलता। https://trendkia.com/jharkhand/chatra-jile-men-nabaliga-ke-satha-dushkarma-ka-aropa-lagakara-bhira-ne-md-emroz-ko-berahami-se-pita-ilaja-ke-daurana-mauta-13802 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