# छत्तीसगढ़ में पत्नी सविता सांगा को मारकर नदी में फेंका, त्रिपुरा राइफल्स का जवान सुकरा लोहरा गिरफ्तार

> रांची की सविता सांगा की हत्या के मामले में उनके पति सुकरा लोहरा को गिरफ्तार किया गया है, जिसने विवाद के बाद शव को छत्तीसगढ़ की नदी में फेंक दिया था।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/chhattisgarh-men-patni-savita-sanga-ko-marakara-nadi-men-phenka-tripura-rifles-ka-javana-sukra-lohra-giraphtara-38421 · **Language:** Hindi
**Tags:** सविता सांगा, सुकरा लोहरा, त्रिपुरा राइफल्स, रांची समाचार, बरियातू पुलिस, छत्तीसगढ़ क्राइम, जेएसएलपीएस, झारखंड अपराध

झारखंड की राजधानी रांची के चिरौंदी इलाके में रहने वाली सविता सांगा की गुमशुदगी के मामले में पुलिस जांच के बाद एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। लगभग चार महीने से लापता चल रही सविता की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उनके पति सुकरा लोहरा ने ही कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के मकसद से छत्तीसगढ़ की एक नदी में बहा दिया था। बरियातू थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में लिया और गहन पूछताछ के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।

सविता सांगा बरियातू थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिरौंदी में निवास करती थीं। वह लाटुग ब्लॉक में जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) के तहत बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। दूसरी तरफ, उनका पति सुकरा लोहरा त्रिपुरा राइफल्स में एक सक्रिय जवान है और घटना के समय उसकी तैनाती छत्तीसगढ़ में थी।

## चार महीने तक संपर्क टूटने से गहराया परिजनों का शक
सविता के परिजनों का उनसे पिछले करीब चार महीनों से कोई सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा था। फोन न लगने और कोई खोज खबर न मिलने की वजह से परिवार वाले बेहद परेशान थे। उन्होंने अपने स्तर पर हर संभावित जगह सविता की खोजबीन शुरू की। इस दौरान परिजनों ने लगातार सुकरा लोहरा से भी संपर्क साधने का प्रयास किया, लेकिन वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर बात को टालता रहा और स्थिति को सामान्य दिखाने का ढोंग करता रहा।

पति के इस टालमटोल वाले रवैये से परिजनों का संदेह लगातार गहराता चला गया। अनहोनी की आशंका को देखते हुए सविता की बहन ने अंततः रांची के बरियातू थाने का रुख किया और वहां एक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायत मिलने के फौरन बाद पुलिस सक्रिय हुई और मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया। तकनीकी साक्ष्यों और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ में तैनात सुकरा लोहरा को हिरासत में ले लिया। जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तब जाकर उसने पूरा सच कबूल किया और हत्या की बात उजागर हुई।

## मकान खाली कर पति से मिलने गई थीं छत्तीसगढ़
पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, मई के महीने में सविता ने चिरौंदी स्थित अपना किराये का कमरा खाली कर दिया था। इसके बाद वह सीधे अपने पति सुकरा से मिलने छत्तीसगढ़ चली गईं। उस दौरान सुकरा वहीं अपनी ड्यूटी पर तैनात था। परिजनों को इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि सविता रांची छोड़कर छत्तीसगढ़ जा चुकी हैं।

खोजबीन के क्रम में जब परिजन चिरौंदी स्थित उनके मकान पर पहुंचे, तब मकान मालिक से बातचीत के दौरान यह अहम जानकारी मिली कि सविता मई में ही घर खाली करके छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हुई थीं। इस सूचना ने परिवार के डर को सच में बदल दिया और उन्हें पक्का यकीन हो गया कि सविता के साथ कुछ बहुत गलत हुआ है।

## 15 मई को हुआ था झगड़ा, फिर नदी में बहाया शव
छत्तीसगढ़ पहुंचने के बाद दोनों पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, 15 मई को यह विवाद इतना बढ़ गया कि सुकरा ने सविता के साथ हिंसक तरीके से मारपीट शुरू कर दी। इस बेरहम पिटाई के दौरान सविता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पत्नी की जान जाने के बाद सुकरा बुरी तरह घबरा गया और कानूनी शिकंजे से बचने के लिए उसने अपराध के सबूत मिटाने की योजना बनाई। उसने सविता के शव को चुपचाप उठाकर छत्तीसगढ़ की एक स्थानीय नदी में फेंक दिया। वारदात के बाद वह पूरी तरह सामान्य दिखने की कोशिश करता रहा और उसने ससुराल वालों से यह बात पूरी तरह छिपाकर रखी कि सविता उसके पास आई भी थीं।

## डेढ़ साल पहले देवड़ी मंदिर में हुई थी शादी
पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सविता सांगा और सुकरा लोहरा का विवाह लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रसिद्ध देवड़ी मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के शुरुआती दिनों में दोनों साथ ही रह रहे थे। हालांकि, कुछ समय पश्चात सुकरा का तबादला छत्तीसगढ़ हो गया, जिसके चलते उसे वहां जाना पड़ा और वह वहीं रहने लगा।

इधर सविता रांची में रहकर जेएसएलपीएस में अपनी नौकरी जारी रखे हुए थीं। मई में दोनों के बीच की दूरियां मिटाने के मकसद से वह पति के पास गई थीं, लेकिन वहां यह दर्दनाक वाकया घट गया। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है। शव को नदी में फेंके जाने के खुलासे के बाद घटनास्थल का सत्यापन किया जा रहा है और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

## इसका आप पर असर
यह घटना महिलाओं की सुरक्षा, वैवाहिक विवादों और लापता व्यक्तियों के मामलों में त्वरित कानूनी कदम उठाने के महत्व को दर्शाती है।

- **भारत में:** यदि परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से अचानक संपर्क से बाहर हो जाए, तो टालमटोल का इंतजार किए बिना तुरंत नजदीकी थाने में गुमशुदगी या जीरो प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए। नियोक्ता और कार्यस्थल पर भी ऐसे मामलों में आधिकारिक अनुपस्थिति की सूचना से जांच एजेंसियों को अहम सुराग समय रहते मिल सकते हैं।
- **रांची और झारखंड में:** सरकारी अथवा अर्ध-सरकारी संस्थानों जैसे जेएसएलपीएस में कार्यरत कर्मियों के अचानक ड्यूटी से गायब रहने पर विभाग को परिजनों और स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित करना चाहिए। इससे किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या आपराधिक वारदात का खुलासा महीनों तक लटके रहने के बजाय शुरुआत में ही हो सकता है।
- **ससुराल और रिश्तेदारों के लिए:** जब दांपत्य जीवन में लंबे समय से संवाद बंद हो या जीवनसाथी सवालों से बच रहा हो, तो स्थानीय पड़ोसियों और मकान मालिक से जानकारी जुटाना बेहद अहम साबित होता है। इस मामले में भी मकान मालिक की गवाही ने ही जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी।
- **कानूनी कार्रवाई:** अंतरराज्यीय अपराधों में जब घटना किसी दूसरे राज्य में घटित हो, तो गृह राज्य की पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर साक्ष्य जुटाने के लिए संबंधित राज्य के साथ संयुक्त जांच आगे बढ़ाती है। ऐसे मामलों में फॉरेंसिक सबूत और घटनास्थल की शिनाख्त सजा दिलाने में निर्णायक होते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रही दूरियां और छत्तीसगढ़ में मुलाकात के दौरान हुआ गंभीर विवाद इस हत्या का मुख्य कारण बना। पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पूरी घटना की वजहें स्पष्ट हुई हैं।

- **आपसी विवाद और मारपीट:** सविता जब मई में अपने पति सुकरा से मिलने छत्तीसगढ़ पहुंचीं, तो दोनों के बीच किसी बात पर तीखी बहस शुरू हो गई। 15 मई को यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जहां सुकरा द्वारा की गई गंभीर मारपीट से सविता की मृत्यु हो गई।
- **तबादले के कारण आई दूरियां:** शादी के शुरुआती समय के बाद सुकरा का तबादला त्रिपुरा राइफल्स के तहत छत्तीसगढ़ हो गया था, जबकि सविता रांची में जेएसएलपीएस में कार्यरत थीं। अलग-अलग राज्यों में रहने के कारण दोनों के बीच संवाद और तालमेल की कमी विवादों को बढ़ा रही थी।
- **सबूत छिपाने की नीयत:** पत्नी की जान चले जाने के बाद कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के खौफ से आरोपी ने शव को नदी में बहा दिया। इसके बाद उसने चार महीने तक परिजनों से सच छिपाए रखा और लगातार झूठे बहाने बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की।

## सवाल-जवाब

### 1. सविता सांगा कौन थीं और वह कहां काम करती थीं?
सविता सांगा रांची के चिरौंदी की रहने वाली थीं और लाटुग ब्लॉक में जेएसएलपीएस में बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) के पद पर कार्यरत थीं।

### 2. सविता सांगा की हत्या का आरोप किस पर है?
हत्या का आरोप उनके पति सुकरा लोहरा पर है, जो त्रिपुरा राइफल्स का जवान है और छत्तीसगढ़ में तैनात था।

### 3. हत्या की यह घटना कब और कहां हुई थी?
यह वारदात 15 मई को छत्तीसगढ़ में हुई थी, जहां सविता अपने पति से मिलने गई थीं।

### 4. आरोपी ने शव को कैसे ठिकाने लगाया?
सविता की मौत के बाद आरोपी पति ने साक्ष्य मिटाने के लिए उनके शव को छत्तीसगढ़ की एक नदी में फेंक दिया था।

### 5. मामले का खुलासा चार महीने बाद कैसे हुआ?
परिजनों ने संपर्क न होने पर मकान मालिक से पूछताछ की, जिसके बाद बहन ने बरियातू थाने में रिपोर्ट लिखवाई और पुलिस पूछताछ में पति ने अपराध स्वीकार कर लिया।

### 6. सविता और सुकरा की शादी कब हुई थी?
दोनों का विवाह लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रसिद्ध देवड़ी मंदिर में हुआ था।

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