दैनिक जरूरतों से लेकर स्ट्रीट फूड तक, रांची का हरमू बाजार बना खरीदारी का बड़ा ठिकाना रांची के हरमू बाजार में 200 सब्जी विक्रेताओं, कॉस्मेटिक दुकानों, राशन और लजीज स्ट्रीट फूड के साथ पूरी घरेलू जरूरतों का सामान एक ही जगह मिल रहा है। झारखंड की राजधानी रांची का हरमू बाजार खरीदारी के शौकीनों और आम परिवारों के लिए एक ऐसा केंद्र बन चुका है, जहां कदम रखते ही घर की सारी जरूरतें एक ही जगह पूरी हो जाती हैं। करीब 500 मीटर के दायरे में फैला यह बाजार हर उस चीज की पेशकश करता है, जिसकी तलाश किसी आम खरीददार को होती है। चाहे घर की रसोई के लिए राशन जुटाना हो, ताजा हरी सब्जियां लेनी हों, महिलाओं के लिए सौंदर्य प्रसाधन खरीदने हों, गहनों की खरीदारी करनी हो या फिर शाम के वक्त लजीज जायके का लुत्फ उठाना हो, यहां हर तरह की सुविधा कतारबद्ध दुकानों में उपलब्ध है। ताजा सब्जियों का विशाल मेला और रियायती भाव इस बाजार की सबसे बड़ी पहचान यहां लगने वाला दैनिक सब्जी बाजार है। यह रांची का दूसरा सबसे बड़ा सब्जी बाजार माना जाता है, जहां एक साथ कम से कम 200 सब्जी वाले अपनी दुकानें सजाकर बैठते हैं। इतनी बड़ी संख्या में विक्रेताओं की मौजूदगी के कारण यहां प्रतिस्पर्धा बनी रहती है और ग्राहकों को शहर के अन्य हिस्सों की तुलना में सब्जियां काफी सस्ते दामों पर मिल जाती हैं। इसके साथ ही जो लोग नॉनवेज या फिर धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष पूजा सामग्री की तलाश में आते हैं, उनके लिए भी यहां कतार से दुकानें मौजूद हैं। मनिहारी का आकर्षण और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के सैकड़ों विकल्प महिलाओं और युवतियों के बीच यह बाजार खास तौर पर मनिहारी और सौंदर्य प्रसाधनों के लिए बेहद लोकप्रिय है। बाजार के एक हिस्से में तीन से चार मनिहारी की दुकानें एक साथ स्थित हैं, जहां मनचाहा मेकअप और फैशन का सामान सरलता से उपलब्ध हो जाता है। एक मनिहारी दुकान के संचालक विमल का कहना है कि ग्राहक बड़े-बड़े बाजारों को छोड़कर उनके पास खिंचे चले आते हैं, क्योंकि यहां केवल एक लिपस्टिक के ही 100 शेड तक मिल जाते हैं। इसके साथ ही ब्यूटी पार्लर और ज्वेलरी की कई दुकानें भी यहां संचालित होती हैं, जिससे शादियों या त्योहारों की तैयारी करने वालों को भटकना नहीं पड़ता। स्ट्रीट फूड का क्रेज और 8 बजे खत्म होने वाला समोसा चाट खरीदारी के साथ-साथ हरमू का यह बाजार स्ट्रीट फूड प्रेमियों का भी पसंदीदा ठिकाना है। शाम ढलते ही लोग यहां छोले, चाऊमीन, चिली, मोमोज और गोलगप्पे की ढेरों किस्मों का स्वाद लेने पहुंचते हैं। इस बाजार की सबसे खास पहचान यहां का गरमा-गरम समोसा चाट है। इस चाट की लोकप्रियता का आलम यह है कि रात 8:00 बजे के बाद इसका स्टॉक पूरी तरह खत्म हो जाता है और देर से आने वाले ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। इसके अलावा सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह इलाका बेहद खास है, क्योंकि सब्जी बाजार के ठीक पास में ही रांची का सबसे बड़ा दुर्गा पूजा पंडाल भी स्थापित किया जाता है। इसका आप पर असर इस बाजार की विविधता से स्थानीय खरीदारों को एक ही स्थान पर सभी घरेलू उत्पाद उचित मूल्य पर मिल जाते हैं। • भारत में: देश के उभरते शहरों में ऐसे सघन सामुदायिक बाजार स्थानीय खुदरा कारोबार और असंगठित विक्रेताओं को मजबूत आधार देते हैं। यह ढांचा उपभोक्ताओं को बड़े मॉल पर निर्भर हुए बिना किफायती खरीदारी का व्यावहारिक विकल्प देता है। • रांची में: हरमू और आसपास के निवासियों को ताजी सब्जियों से लेकर ब्यूटी उत्पादों तक के लिए शहर के अलग-अलग कोनों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ती। यदि आप यहां की प्रसिद्ध समोसा चाट का स्वाद लेना चाहते हैं, तो रात 8:00 बजे से पहले पहुंचना अनिवार्य है। ऐसा क्यों हुआ यह बाजार एक सुनियोजित आवासीय और व्यावसायिक संपर्क मार्ग पर स्थित होने तथा विक्रेताओं की बड़ी संख्या के कारण एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। • विक्रेताओं का सघन जमावड़ा: यहां कम से कम 200 सब्जी विक्रेताओं का एक साथ बैठना और कई मनिहारी दुकानों का पास-पास होना ग्राहकों को विविधता और सस्ते भाव का भरोसा देता है। इस प्रतिस्पर्धा के चलते लोग शहर के अन्य बड़े बाजारों के बजाय यहीं आना चुनते हैं। • स्ट्रीट फूड की लोकप्रियता: आसपास के रिहायशी इलाकों के लोग शाम की सैर और खान-पान के लिए यहां आते हैं, जिससे यह शाम होते ही व्यस्त फूड हब में बदल जाता है। सीमित तैयारी और भारी मांग के कारण रात 8:00 बजे तक मुख्य स्ट्रीट फूड आइटम समाप्त हो जाते हैं। • सांस्कृतिक महत्व: सब्जी मंडी के निकट रांची का सबसे बड़ा दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित होने के कारण इस इलाके में साल भर लोगों की भारी आवाजाही बनी रहती है। यह निरंतर फुटफॉल स्थानीय व्यापारियों के कारोबार को गति प्रदान करता है। सवाल-जवाब 1. हरमू बाजार में कितने सब्जी विक्रेता बैठते हैं? इस बाजार में एक साथ कम से कम 200 सब्जी विक्रेता बैठते हैं, जिससे यह रांची का दूसरा सबसे बड़ा सब्जी बाजार बन जाता है। 2. यहां की मनिहारी दुकानों की क्या खासियत है? मनिहारी दुकानों पर सौंदर्य प्रसाधनों की व्यापक रेंज है, जहां अकेले लिपस्टिक के ही 100 शेड तक ग्राहकों को मिल जाते हैं। 3. हरमू बाजार का प्रसिद्ध समोसा चाट कब तक मिलता है? इस बाजार का लोकप्रिय गरमा-गरम समोसा चाट भारी मांग के चलते रात 8:00 बजे के बाद आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है। 4. क्या इस बाजार में पूजा और मांसाहारी सामान भी मिलता है? हां, यहां लाइन से नॉनवेज की दुकानें और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पूजा सामग्री की दुकानें दोनों उपलब्ध हैं। 5. बाजार के पास कौन सा बड़ा धार्मिक आयोजन होता है? सब्जी मंडी के ठीक बगल में रांची का सबसे बड़ा दुर्गा पूजा पंडाल आयोजित किया जाता है। https://trendkia.com/jharkhand/dainika-jaruraton-se-lekara-strita-phuda-taka-ranchi-ka-harmu-bajara-bana-kharidari-ka-bara-thikana-41619 TrendKia — Har trend, sabse pehle.