धनबाद के आम महोत्सव में मियाजाकी ने मचाई धूम, 3 लाख रुपये किलो कीमत सुनकर हैरान रह गए लोग झारखंड के धनबाद में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित आम महोत्सव में दुनिया का सबसे महंगा मियाजाकी आम आकर्षण का केंद्र बना, जिसकी कीमत करीब 3 लाख रुपये प्रति किलो है. इस पहल से किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का मौका मिला. भीड़ का केंद्र बना एक खास आम झारखंड के धनबाद में हुए आम महोत्सव में इस बार सबकी निगाहें एक ऐसे आम पर टिकी रहीं, जिसकी कीमत सुनकर लोग दंग रह गए. यह था मियाजाकी आम, जिसकी कीमत करीब 3 लाख रुपये प्रति किलो बताई गई. इसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, कई लोगों ने इसकी तस्वीरें खींचीं और इसके बारे में जानकारी हासिल की. आमतौर पर बाजार में मिलने वाले आमों की तुलना में इसकी कीमत इतनी अधिक थी कि हर कोई हैरान रह गया. धनबाद में आम महोत्सव का आयोजन जिला प्रशासन की ओर से यह आम महोत्सव बैंक मोड़ स्थित डीएमसी मॉल परिसर में आयोजित किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य था किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़ना और उन्हें अपनी उपज के लिए एक बेहतर बाजार उपलब्ध कराना. महोत्सव में दर्जनों किस्मों के आमों की प्रदर्शनी और बिक्री हुई, लेकिन पूरे आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा मियाजाकी आम की ही रही. क्या है मियाजाकी आम और क्यों है इतना महंगा मियाजाकी दरअसल जापान के एक शहर का नाम है, जहां इस खास किस्म के आम की पैदावार बड़े पैमाने पर होती है. इस आम की बागवानी करने वाले कृषि विशेषज्ञ रवि कुमार निषाद ने बताया कि इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बहुत अधिक है और कीमत भी आम किस्मों से कई गुना ज्यादा होती है. खेती के साथ पर्यावरण के लिए भी काम कर रहे हैं रवि कुमार निषाद रवि कुमार निषाद सिर्फ मियाजाकी आम की खेती ही नहीं करते, वे जय धरती मां फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं. इस फाउंडेशन के जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य तय किया है और अब तक तीन लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं. रवि कुमार निषाद का यह भी मानना है कि किसानों को नई और उन्नत किस्मों की खेती के प्रति जागरूक करना जरूरी है, ताकि उनकी आमदनी में असली बढ़ोतरी हो सके. किसानों को मिला सीधे बाजार का फायदा महोत्सव में शामिल किसानों ने जिला प्रशासन की इस पहल की भरपूर सराहना की. उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों में अपनी उपज सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का मौका मिलता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हो जाती है और बेहतर दाम मिलता है. किसानों ने बताया कि महोत्सव के दौरान उनकी बिक्री भी काफी अच्छी रही. उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी ने किया उद्घाटन इस आम महोत्सव का उद्घाटन उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी ने फीता काटकर किया. उपायुक्त ने कहा कि महोत्सव का सबसे बड़ा मकसद किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़ना है. उन्होंने यह भी बताया कि बैंक मोड़ जैसे व्यस्त इलाके में यह आयोजन करने से किसानों को अपने उत्पाद बेचने का बेहतरीन अवसर मिला. इसके अलावा ऑर्गेनिक तरीके से तैयार उत्पादों को भी लोगों की तरफ से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. मियाजाकी के साथ दर्जनों किस्में रहीं आकर्षण का केंद्र हालांकि मियाजाकी आम की कीमत इतनी अधिक है कि आम जनता के लिए इसे खरीदना मुश्किल है, लेकिन इसे देखने और इसके बारे में जानने वालों की भीड़ लगातार बनी रही. वहीं महोत्सव में लंगड़ा, आम्रपाली, सिंदूरी, मालदा, भागलपुरी और दशहरी समेत दर्जनों किस्मों के आम भी प्रदर्शनी और बिक्री के लिए रखे गए थे. अपने बेहतरीन स्वाद, खुशबू और गुणवत्ता के कारण इन सभी किस्मों ने भी लोगों को खूब लुभाया. आम प्रेमियों के लिए यह एक ही जगह पर इतनी विविधता देखने और खरीदने का खास मौका था. इसका आप पर असर • भारत में: मियाजाकी जैसी दुर्लभ और महंगी विदेशी किस्मों की खेती भारत में भी संभव है, जो किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच और कई गुना अधिक आमदनी का रास्ता खोल सकती है. • धनबाद में: स्थानीय किसानों को इस महोत्सव के जरिए सीधे ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिला, जिससे बिचौलियों की भूमिका घटी और बिक्री बेहतर हुई. सवाल-जवाब 1. मियाजाकी आम की कीमत इतनी ज्यादा क्यों है? मियाजाकी आम जापान के मियाजाकी शहर में उगाई जाने वाली दुर्लभ किस्म है जिसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बहुत अधिक है और इसकी कीमत करीब 3 लाख रुपये प्रति किलो बताई गई है. 2. धनबाद का आम महोत्सव कहां आयोजित हुआ? यह महोत्सव बैंक मोड़ स्थित डीएमसी मॉल परिसर, धनबाद में आयोजित किया गया. 3. इस महोत्सव का उद्घाटन किसने किया? महोत्सव का उद्घाटन उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी ने फीता काटकर किया. 4. रवि कुमार निषाद कौन हैं और उनका पर्यावरण से जुड़ा काम क्या है? रवि कुमार निषाद मियाजाकी आम की बागवानी करने वाले कृषि विशेषज्ञ हैं और जय धरती मां फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं, जिनका लक्ष्य एक करोड़ पेड़ लगाना है और अब तक तीन लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं. 5. महोत्सव में और कौन-कौन सी आम की किस्में थीं? मियाजाकी के अलावा लंगड़ा, आम्रपाली, सिंदूरी, मालदा, भागलपुरी और दशहरी समेत दर्जनों किस्मों की प्रदर्शनी और बिक्री हुई. 6. किसानों को इस महोत्सव से क्या फायदा मिला? किसानों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिला जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई, बेहतर दाम मिला और महोत्सव के दौरान बिक्री भी अच्छी रही. 7. जिला प्रशासन ने यह महोत्सव बैंक मोड़ पर क्यों रखा? उपायुक्त के अनुसार बैंक मोड़ जैसे व्यस्त इलाके में आयोजन करने से किसानों को अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचने और अपनी उपज बेचने का बेहतरीन अवसर मिला. https://trendkia.com/jharkhand/dhanbad-ke-ama-mahotsava-men-miyazaki-ne-machai-dhuma-3-lakha-rupaye-kilo-kimata-sunakara-hairana-raha-gae-loga-2169 TrendKia — Har trend, sabse pehle.