# गोलमुरी में केनरा बैंक पर पांच हथियारबंद बदमाशों का धावा, 42 लाख नकदी और 33 करोड़ का सोना लूटा

> जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में पांच नकाबपोश अपराधियों ने कर्मचारियों को बंधक बनाकर 42 लाख रुपये कैश और 24 किलो सोना लूट लिया, जिसकी जांच के लिए 25 सदस्यीय एसआईटी चार राज्यों में दबिश दे रही है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/golmuri-men-canara-bank-para-pancha-hathiyarabnda-badamashon-ka-dhava-42-lakha-nakadi-aura-33-karora-ka-sona-luta-38510 · **Language:** Hindi
**Tags:** जमशेदपुर बैंक डकैती, केनरा बैंक लूट, गोलमुरी थाना, झारखंड क्राइम, सोना लूट कांड, एसआईटी जांच, मगेश रामनाथन

झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज बैंक डकैती की वारदात सामने आई है। गोलमुरी थाना इलाके में स्थित केनरा बैंक की शाखा में हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर पूरे तंत्र को हिला कर रख दिया। दोपहर के व्यस्त समय में पांच नकाबपोश लुटेरे बैंक परिसर में दाखिल हुए और कर्मचारियों को हथियारों के बल पर अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद लुटेरों ने बैंक के कैश काउंटर और लॉकर से भारी मात्रा में नकदी और आभूषण समेटे। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, बदमाश करीब 42 लाख रुपये नकद और लॉकर में रखा लगभग 24 किलोग्राम सोना लूटकर मौके से फरार हो गए, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 33 करोड़ रुपये आंकी गई है।

## हथियारों के दम पर बंधक बनाए गए कर्मचारी
वारदात के संबंध में केनरा बैंक के एजीएम मगेश रामनाथन ने नुकसान का आधिकारिक ब्योरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लुटेरे पूरी तैयारी के साथ आधुनिक हथियार लहराते हुए बैंक के अंदर पहुंचे थे। शाखा में घुसते ही उन्होंने वहां मौजूद बैंककर्मियों पर पिस्तौल तान दी और सभी को एक कोने में बंधक बना लिया। इसके बाद अपराधियों ने सुरक्षित लॉकर और कैश रूम को अपने कब्जे में लिया। लॉकर से करीब 24 किलोग्राम वजनी सोने के जेवरात और नकदी बैगों में भर ली गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद पांचों अपराधी शांति से बैंक से बाहर निकल आए।

## कपड़े बदलकर अलग रास्तों से भागे अपराधी
बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से पता चला है कि अपराधियों ने इस डकैती की बेहद सोची-समझी योजना बनाई थी। बैंक से बाहर निकलने के फौरन बाद आरोपियों ने पहचान छुपाने के लिए अपने कपड़े बदले। इसके बाद वे सभी एक साथ जाने के बजाय अलग-अलग दिशाओं और रास्तों से फरार हो गए। पुलिस प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाल रहा है ताकि लुटेरों के हुलिए, उनके आने-जाने के रास्तों और उनकी गतिविधियों का सुराग लगाया जा सके।

## चार राज्यों में छापेमारी, 25 सदस्यीय एसआईटी गठित
डकैती की इस भीषण घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस को अब तक कोई ठोस कामयाबी नहीं मिल सकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की छानबीन के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस एसआईटी में करीब 25 सदस्यों को शामिल किया गया है। पुलिस दल केवल झारखंड तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अपराधियों के संभावित ठिकानों को तलाशने के लिए पड़ोसी राज्यों बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी लगातार छापे मार रहे हैं। इसके साथ ही जमशेदपुर से सटे सभी सीमावर्ती जिलों में भी विशेष जांच टीमें भेजी गई हैं।

## रांची से पहुंची फॉरेंसिक टीम, बैंक परिसर बंद
सुरक्षा कारणों और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया के चलते शुक्रवार को बैंक शाखा को आम ग्राहकों के लिए पूरी तरह बंद रखा गया। रांची से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की विशेषज्ञ टीम सीधे जमशेदपुर पहुंची। एफएसएल के विशेषज्ञों ने बैंक के लॉकर रूम, कैश काउंटर और मुख्य द्वार से फिंगरप्रिंट और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि तकनीकी निगरानी और फुटेज की मदद से पूरे मामले का जल्द पर्दाफाश कर दिया जाएगा। हालांकि, शहर के इतने भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा चाक-चौबंद होने के दावों पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

## लॉकर में जमा जेवरात को लेकर ग्राहकों में हड़कंप
डकैती की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में केनरा बैंक के खाताधारक शाखा के बाहर जमा होने लगे। कई ग्राहकों ने अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई और पुश्तैनी जेवरात बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखे थे। परेशान ग्राहकों का कहना था कि घरों में चोरी के डर से उन्होंने लॉकर की सुविधा ली थी, लेकिन अब बैंक के अंदर ही इतनी बड़ी डकैती होने से वे गहरे सदमे में हैं। शाखा के बाहर जुटे ग्राहक अपने लॉकर की स्थिति के बारे में बैंक कर्मियों से स्पष्ट जानकारी मांग रहे हैं। बैंक प्रबंधन की ओर से स्थिति स्पष्ट न किए जाने के कारण ग्राहकों की चिंता और रोष लगातार बढ़ रहा है।

## इसका आप पर असर
दिनदहाड़े हुई इस डकैती का सीधा असर बैंक सुरक्षा व्यवस्था और उन ग्राहकों पर पड़ा है जिनकी जमा पूंजी और आभूषण शाखा में मौजूद थे।

- **जमशेदपुर में:** गोलमुरी शाखा के खाताधारकों को अपनी लॉकर सामग्री की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक जांच और ऑडिट पूरा होने तक इंतजार करना होगा। इस दौरान बैंक में सामान्य कामकाज अस्थायी रूप से प्रभावित रहेगा और ग्राहकों को अन्य शाखाओं पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
- **भारत में:** देश भर के बैंक ग्राहकों के लिए यह घटना लॉकर सुरक्षा और बैंक लॉकर बीमा नियमों की समीक्षा करने की चेतावनी है। खाताधारकों को अपने बैंक लॉकर में रखे सामान का सटीक रिकॉर्ड और पर्याप्त स्वतंत्र बीमा कवर रखने पर विचार करना चाहिए।
- **सुरक्षा प्रोटोकॉल:** वाणिज्यिक बैंकों में हथियारबंद गार्ड, पैनिक बटन और प्रवेश निगरानी की व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। आने वाले दिनों में बैंक शाखाओं में ग्राहकों की एंट्री और पहचान जांच के नियम कड़े हो सकते हैं।
- **पुलिस गश्त:** वित्तीय संस्थानों के आसपास स्थानीय पुलिस द्वारा औचक गश्त और निगरानी बढ़ाई जाएगी। बैंक शाखाओं के पास बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर सीधी नजर रखी जाएगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई एक संगठित डकैती है, जिसमें अपराधियों ने व्यस्त बाजार क्षेत्र और बैंक सुरक्षा की कमजोर कड़ियों का फायदा उठाया।

- **पूर्व नियोजित साजिश:** पांच हथियारबंद अपराधियों ने बैंक के अंदर के रास्तों और निकास बिंदुओं की पहले से रेकी की थी। उन्होंने हथियारों का इस्तेमाल कर कर्मचारियों को तुरंत बेअसर किया ताकि कोई अलार्म न बजा सके।
- **पहचान छुपाने की रणनीति:** सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि लुटेरों ने अपराध को अंजाम देने के बाद तुरंत कपड़े बदले और अलग-अलग रास्तों से भागे। इस रणनीति का मकसद पुलिस की शुरुआती नाकेबंदी और पीछा करने के प्रयासों को भ्रमित करना था।
- **सुरक्षा खामियां:** व्यस्त बाजार में स्थित होने के बावजूद बैंक में पर्याप्त तात्कालिक प्रतिरोध तंत्र नहीं था, जिससे लुटेरे आसानी से लॉकर तक पहुंच गए। इलाके में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने स्थानीय पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
- **जांच की वर्तमान स्थिति:** घटना के 24 घंटे बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिसके कारण 25 सदस्यीय एसआईटी अब चार राज्यों में छापेमारी कर रही है। फॉरेंसिक टीम और तकनीकी सेल द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर गिरोह का पता लगाया जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. जमशेदपुर में किस बैंक में डकैती हुई?
यह डकैती जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में स्थित केनरा बैंक की शाखा में हुई।

### 2. अपराधी बैंक से कितनी नकदी और सोना लूटकर ले गए?
अपराधी करीब 42 लाख रुपये नकद और लगभग 24 किलोग्राम सोना लूटकर ले गए, जिसकी कुल कीमत करीब 33 करोड़ रुपये बताई गई है।

### 3. वारदात में कितने अपराधी शामिल थे?
वारदात को पांच हथियारबंद अपराधियों ने अंजाम दिया, जो कर्मचारियों को बंधक बनाकर फरार हो गए।

### 4. सीसीटीवी फुटेज में अपराधियों की क्या हरकत दर्ज हुई?
फुटेज में दिखा कि अपराधियों ने बैंक से बाहर निकलते ही अपने कपड़े बदले और फिर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए।

### 5. मामले की जांच के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने करीब 25 सदस्यों वाली एसआईटी का गठन किया है, जो झारखंड के अलावा बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में छापेमारी कर रही है।

### 6. फॉरेंसिक जांच के लिए टीम कहां से बुलाई गई?
घटनास्थल से वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य एकत्र करने के लिए रांची से एफएसएल की टीम बुलाई गई।

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