जमशेदपुर हिमांशु सिंह हत्याकांड: मुख्य साजिशकर्ता के करीबी राहुल दुबे ने बिष्टुपुर थाने में किया आत्मसमर्पण बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड में वांछित राहुल दुबे ने बिष्टुपुर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से वारदात के कई अनसुलझे रहस्य सामने आएंगे। जमशेदपुर में चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की दिशा में पुलिस को एक महत्वपूर्ण कामयाबी हाथ लगी है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी राहुल दुबे ने अंततः बिष्टुपुर पुलिस थाने में आकर आत्मसमर्पण कर दिया है। राहुल दुबे की तलाश में पुलिस की टीमें झारखंड के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार के विभिन्न इलाकों में लगातार दबिश दे रही थीं। जांच में तेजी आने की उम्मीद राहुल दुबे के सरेंडर करने के बाद पुलिस महकमे में इस हत्याकांड को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि राहुल दुबे इस पूरी साजिश का एक अहम हिस्सा रहा है और उससे होने वाली पूछताछ के बाद घटनाक्रम की सभी कड़ियां आपस में जुड़ जाएंगी। पुलिस उसके बयानों के आधार पर इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में छिपे अन्य रहस्यों और साजिशकर्ताओं के नामों का खुलासा करने की तैयारी में है। वारदात के समय मौके पर था राहुल पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तार आरोपियों में 3 नाबालिग भी शामिल हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि घटना के वक्त राहुल दुबे मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के साथ घटनास्थल पर ही मौजूद था। इसी वजह से उसकी भूमिका को पूरे मामले की जांच के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या हुआ था उस रात मामला 27 जून की रात का है, जब बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डबल डाउन बार के बाहर करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की नृशंस हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि शुरुआत छेड़छाड़ के एक मामले से हुई, जिसके बाद झगड़ा बढ़ा। 28 जून की देर रात हिमांशु सिंह और प्रत्यूष सिंह को एक पुलिस गश्ती वाहन से बाहर खींच लिया गया। आरोप है कि उस समय मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की आंखों के सामने ही हमलावरों ने घातक हथियारों का इस्तेमाल कर दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया। प्रशासनिक कार्रवाई और स्थिति इस हमले में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को टाटा मेन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 29 जून की रात हिमांशु सिंह ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे राज्य में रोष फैल गया था। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे, जिसके चलते बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। अब राहुल दुबे के सामने आने से इस हत्याकांड के उन पहलुओं पर से पर्दा उठने की उम्मीद है जो अब तक अनसुलझे थे। इसका आप पर असर भारत में: इस तरह की घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति जवाबदेही पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज होती है। जमशेदपुर में: स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और पुलिस से सतर्कता बरतने की उम्मीद है। सवाल-जवाब 1. हिमांशु सिंह हत्याकांड में राहुल दुबे ने कहां सरेंडर किया? राहुल दुबे ने बिष्टुपुर पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया है। 2. पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है? इस मामले में मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 3. हिमांशु सिंह की मृत्यु कब हुई थी? हमले के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान 29 जून की रात हिमांशु सिंह की मृत्यु हो गई थी। 4. क्या इस मामले में किसी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई हुई है? हां, बिष्टुपुर पुलिस थाने के प्रभारी आलोक कुमार दुबे समेत चार पुलिसकर्मियों को घटना के बाद निलंबित कर दिया गया था। https://trendkia.com/jharkhand/jamashedapura-himanshu-singh-hatyakanda-mukhya-sajishakarta-ke-karibi-rahul-dubey-ne-bistupur-thane-men-kiya-atmasamarpana-6541 TrendKia — Har trend, sabse pehle.