जमशेदपुर के बेगनाडीह गांव में पहाड़ से बहता है नीला पानी, बच्चों के लिए बना मुफ्त देसी वाटर पार्क जमशेदपुर के एक ग्रामीण इलाके में पहाड़ से निकलने वाला नीला और साफ पानी बच्चों के लिए पसंदीदा स्विमिंग पूल बन गया है, जहां वे बिना किसी खर्चे के मस्ती करते हैं। झारखंड के जमशेदपुर के पास स्थित एक ग्रामीण अंचल इन दिनों खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां के प्राकृतिक परिवेश को देखकर ऐसा अहसास होता है कि मानो प्रकृति ने खुद ही बच्चों के मनोरंजन के लिए किसी वाटर पार्क की रचना कर दी हो। गांव के इस प्राकृतिक स्रोत पर पहुंचते ही बच्चों की ऊर्जा और उत्साह देखने लायक होता है। पानी में कदम रखते ही वे मौज-मस्ती में डूब जाते हैं और एक-दूसरे के साथ अठखेलियां करने लगते हैं। कुछ बच्चे तैराकी के गुर सीखते हैं तो कुछ पानी में छलांग लगाकर आनंद उठाते हैं। बच्चों के लिए यह प्राकृतिक जगह किसी भव्य मनोरंजन केंद्र से जरा भी कम नहीं है। पहाड़ से फूटती है नीले पानी की धारा स्थानीय ग्रामीण सत्येंद्र के अनुसार, इस स्थान पर पहाड़ की एक छोटी सी दरार से जल निकलता है, जो रंग में बिल्कुल साफ और नीला नजर आता है। गांव के लोग बरसों से इस बहते पानी का उपयोग दैनिक कार्यों और नहाने के लिए करते आ रहे हैं। समय के साथ गांव के बच्चों ने इस जगह को अपना एक निजी स्विमिंग पूल बना लिया है। रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर बच्चे यहां पहुंचते हैं, पानी में वक्त बिताते हैं और अपने साथियों के साथ खूब आनंदित होते हैं। गांव के बच्चों के लिए तैराकी सीखने का मुख्य केंद्र सत्येंद्र का यह भी कहना है कि गांव के ज्यादातर बच्चे इसी प्राकृतिक कुंड में तैरना सीख जाते हैं। बच्चों की नजर में यह केवल स्नान करने का स्थान नहीं है, बल्कि दोस्तों के साथ मिलने-जुलने और सुकून के पल बिताने का एक खास ठिकाना है। बच्चे हर दिन करीब एक से दो घंटे इसी जगह पर बिताते हैं। मौसम चाहे भीषण गर्मी का हो या फिर आम दिनों का, पानी में उतरने का मौका मिलते ही बच्चों के चेहरों पर एक अलग ही रौनक और खुशी तैरने लगती है। शहरी वाटर पार्क से बिल्कुल अलग और मुफ्त अनुभव इस अनूठी जगह की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां आने के लिए किसी को भी महंगे टिकट खरीदने या हजारों रुपये खर्च करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है। चारों तरफ फैला हुआ हरा-भरा प्राकृतिक वातावरण, पहाड़ की गोद से निकलता साफ पानी और बच्चों की खिलखिलाहट इस पूरे माहौल को बेहद खास बना देती है। महानगरों और बड़े शहरों में जहां लोग मनोरंजन और वाटर एक्टिविटी के नाम पर भारी-भरकम रकम चुकाते हैं, वहीं इस गांव के बच्चों को प्रकृति ने बिना किसी मूल्य के यह अनोखा उपहार दिया है। सुरक्षा को लेकर बरतनी होगी सावधानी शहरी चमक-दमक से दूर बेगनाडीह के बच्चों को प्रकृति की गोद में यह नायाब अवसर तो मिलता है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से कुछ बातों पर गौर करना जरूरी है। प्राकृतिक जल स्रोतों में नहाते वक्त पानी की गहराई, उसमें होने वाले तेज बहाव और सतह की फिसलन के प्रति हमेशा सतर्क रहना चाहिए। खासकर छोटे बच्चों को कभी भी अकेले पानी में नहीं उतरना चाहिए और उन्हें हमेशा बड़े-बुजुर्गों की निगरानी में ही इस प्राकृतिक कुंड का आनंद लेना चाहिए। इसका आप पर असर इस प्राकृतिक जगह का लाभ स्थानीय बच्चों को मिलता है, लेकिन इसमें सुरक्षा के कुछ पहलू भी जुड़े हैं। • झारखंड में: बेगनाडीह और आसपास के ग्रामीण इलाकों के बच्चों को गर्मियों के दिनों में बिना किसी पैसे खर्च किए तैराकी और मनोरंजन का मुफ्त साधन मिलता है। • जमशेदपुर में: स्थानीय निवासियों और अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके बच्चे गहराई और फिसलन भरे प्राकृतिक स्रोतों में केवल बड़ों की देखरेख में ही जाएं। ऐसा क्यों हुआ यह प्राकृतिक जलस्रोत भौगोलिक बनावट और पहाड़ी भू-संरचना के कारण स्वतः उत्पन्न होता है। • भौगोलिक स्थिति: पहाड़ के भीतर मौजूद प्राकृतिक जलधाराएं और भूगर्भिक दबाव इस साफ और नीले पानी के निरंतर प्रवाह का मुख्य कारण हैं। • मानवीय उपयोग: कोई कृत्रिम निर्माण न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों ने इस प्राकृतिक बहाव को अपनी सुविधा के अनुसार मनोरंजन का केंद्र बना लिया है। सवाल-जवाब 1. यह प्राकृतिक वाटर पार्क कहाँ स्थित है? यह जमशेदपुर के बेगनाडीह गांव में स्थित है। 2. इस पानी का रंग कैसा दिखाई देता है? पहाड़ से निकलने वाला यह पानी बिल्कुल साफ और नीला दिखाई देता है। 3. बच्चे यहाँ प्रतिदिन कितना समय बिताते हैं? बच्चे इस जगह पर प्रतिदिन करीब एक से दो घंटे बिताते हैं। 4. क्या इस जगह पर जाने के लिए कोई टिकट लगता है? नहीं, यह एक प्राकृतिक स्रोत है जहाँ जाने के लिए किसी भी तरह का टिकट खरीदने की जरूरत नहीं है। 5. प्राकृतिक जलस्रोत में नहाते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए? पानी की गहराई, तेज बहाव और फिसलन का ध्यान रखना चाहिए तथा बच्चों को बड़ों की निगरानी में ही उतरना चाहिए। https://trendkia.com/jharkhand/jamashedapura-ke-beganadih-ganva-men-pahara-se-bahata-hai-nila-pani-bachchon-ke-lie-bana-muphta-desi-vatara-parka-51975 TrendKia — Har trend, sabse pehle.