# जमशेदपुर चिड़ियाघर में बाघिन सुनैना ने दिया तीन शावकों को जन्म, नाम सुझाने पर जनता को मिलेगा सम्मान

> टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघिन सुनैना और बाघ रुद्र के कुनबे में तीन नन्हे शावक शामिल हुए हैं, जिनके नामकरण के लिए प्रबंधन ने आम लोगों से सुझाव आमंत्रित किए हैं.

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/jamshedpur-chiriyaghara-men-baghina-sunaina-ne-diya-tina-shavakon-ko-janma-nama-sujhane-para-janata-ko-milega-sammana-47465 · **Language:** Hindi
**Tags:** टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क, जमशेदपुर, बाघिन सुनैना, बाघ के शावक, वन्यजीव संरक्षण, नामकरण प्रतियोगिता

झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद समाचार सामने आया है. चिड़ियाघर में मौजूद बाघ परिवार में तीन नन्हे शावकों की किलकारियां गूंजी हैं, जिससे पार्क प्रशासन और दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. चिड़ियाघर की बाघिन सुनैना ने 23 सितंबर 2026 की सुबह इन तीन बच्चों को जन्म दिया. नवजात शावकों में दो मादा और एक नर शावक शामिल हैं. नए मेहमानों के आगमन के साथ ही पूरे परिसर में हर्ष का माहौल है, क्योंकि इससे चिड़ियाघर में बाघों का कुनबा और अधिक समृद्ध हो गया है.

इन नन्हें शावकों के पिता का नाम रुद्र है. रुद्र को महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से जमशेदपुर के टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क लाया गया था. वन्यजीव संरक्षण के कड़े दिशा-निर्देशों और चिड़ियाघर प्रबंधन के निर्धारित प्रोटोकॉल के मुताबिक, जन्म के तुरंत बाद शावकों और मां को एकांत निगरानी में रखा गया था. नवजातों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, देखरेख और जरूरी निगरानी अवधि सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद ही प्रबंधन ने आधिकारिक तौर पर उनके जन्म की घोषणा सार्वजनिक की है.

## प्रसव के बाद एक मादा शावक को लगी चोट, डॉक्टरों ने लगाए टांके
बाघिन सुनैना ने पहली बार बच्चों को जन्म दिया है. पहली बार मां बनने के अनुभव के दौरान सुनैना से अनजाने में एक नन्ही मादा शावक को हल्की चोट लग गई थी. घटना का संज्ञान लेते ही चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों की टीम ने फौरन उसका उपचार शुरू किया और घाव को सुरक्षित करने के लिए टांके लगाए. समय पर मिले समुचित इलाज के चलते अब इस घायल शावक की स्थिति में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है. इस मादा शावक का मौजूदा वजन लगभग 1.8 किलोग्राम दर्ज किया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि वह पूरी तरह खतरे से बाहर है, फिर भी ऐहतियातन उसकी सेहत और रिकवरी पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जा रही है.

वहीं दूसरी ओर, बाकी दोनों शावक पूरी तरह सेहतमंद, चुस्त और सामान्य हैं. इनमें नर शावक का वजन करीब 2.9 किलोग्राम दर्ज किया गया है, जबकि दूसरी स्वस्थ मादा शावक का वजन लगभग 2.53 किलोग्राम है. सभी शावकों का शारीरिक विकास उनकी उम्र के अनुसार संतोषजनक चल रहा है.

## सीसीटीवी से 24 घंटे निगरानी और डॉक्टरों की विशेष देखभाल
नन्हें शावकों की सुरक्षा और सेहत सुनिश्चित करने के लिए जूलॉजिकल पार्क प्रबंधन की ओर से कड़े सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं. विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक दल नियमित अंतराल पर शावकों के स्वास्थ्य मानकों की जांच कर रहा है. इसके अलावा, बाड़े और नर्सरी क्षेत्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर पल उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती हफ्तों में संक्रमण या अन्य जटिलताओं से बचाने के लिए स्वच्छता, तापमान नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं, ताकि शावक पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में बड़े हो सकें.

## नागरिक तय करेंगे शावकों के नाम, शुरू हुई अनोखी प्रतियोगिता
बाघ के बच्चों के आगमन को यादगार बनाने के लिए टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है. प्रबंधन ने शहरवासियों और प्रकृति प्रेमियों के साथ चिड़ियाघर का सीधा जुड़ाव स्थापित करने के उद्देश्य से एक नामकरण प्रतियोगिता शुरू की है. इस अभियान के तहत आम लोगों से तीनों शावकों के लिए उपयुक्त और सुंदर नाम सुझाने की अपील की गई है. इच्छुक व्यक्ति तीनों शावकों के लिए एक-एक नाम तय करके व्हाट्सएप या सामान्य संदेश के जरिए मोबाइल नंबर +91 9438291637 पर भेज सकते हैं. प्राप्त सभी सुझावों की समीक्षा के लिए चिड़ियाघर प्रबंधन ने एक विशेष समिति का गठन किया है, जो सबसे रचनात्मक और अर्थपूर्ण तीन नामों का चयन करेगी.

## विजेताओं को मिलेगा स्मृति चिह्न और मुफ्त प्रवेश पास
इस नामकरण प्रतियोगिता में जिन प्रतिभागियों के सुझाए गए नामों को समिति द्वारा अंतिम रूप से चुना जाएगा, उन्हें जूलॉजिकल पार्क प्रशासन की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा. चयनित विजेताओं को टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क का निःशुल्क प्रवेश पास प्रदान किया जाएगा, जिससे वे पार्क का भ्रमण कर सकेंगे. साथ ही उन्हें सम्मान स्वरूप एक विशेष स्मृति चिह्न भी भेंट किया जाएगा. प्रतियोगिता में अपने सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है.

टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के डायरेक्टर नईम अख्तर ने जमशेदपुर के नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों से इस रचनात्मक पहल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है. उनका मानना है कि इस तरह की जनभागीदारी से वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ती है. इन तीन नए सदस्यों के जन्म से चिड़ियाघर की रौनक में भारी इजाफा हुआ है और आने वाले दिनों में जब ये शावक पर्यटकों के सामने आएंगे, तो वे मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेंगे.

## इसका आप पर असर
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में नए शावकों के जन्म से स्थानीय पर्यटकों को जल्द ही नया आकर्षण देखने को मिलेगा और आम लोगों को नामकरण प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर मिला है.

- **जमशेदपुर में:** शहर के नागरिक 19 अक्टूबर 2026 तक मोबाइल नंबर +91 9438291637 पर संदेश भेजकर नन्हें शावकों के लिए नाम सुझा सकते हैं. चयनित विजेताओं को चिड़ियाघर का निःशुल्क प्रवेश पास और स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा.
- **भारत में:** देश भर के वन्यजीव और प्रकृति प्रेमी चिड़ियाघर की इस जनसहभागिता पहल से जुड़कर संरक्षण के प्रति जागरूक हो सकते हैं. आने वाले समय में जब शावक पर्यटकों के सामने आएंगे, तो यहां आने वाले सैलानियों को समृद्ध बाघ परिवार देखने को मिलेगा.
- **पर्यटन अनुभव:** चिड़ियाघर आने वाले परिवारों और बच्चों के लिए यह एक ज्ञानवर्धक और उत्साहवर्धक अनुभव साबित होगा. दर्शकों को पहली बार मां बनी बाघिन और उसके शावकों की परवरिश से जुड़ी जानकारी देखने को मिलेगी.
- **नागरिक सहभागिता:** आम जनता सीधे तौर पर चिड़ियाघर के प्रबंधन अभियान का हिस्सा बन सकती है. समय सीमा समाप्त होने से पूर्व सुझाव भेजकर लोग चिड़ियाघर के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं.

## ऐसा क्यों हुआ
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघिन सुनैना द्वारा तीन शावकों को जन्म देने की घटना सफल संरक्षण और उचित वैज्ञानिक प्रजनन प्रबंधन का परिणाम है. नए मेहमानों के आगमन के पीछे चिड़ियाघर की सुनियोजित वन्यजीव योजना शामिल है.

- **प्रजनन और आनुवंशिक विविधता:** शावकों के पिता रुद्र को नागपुर के गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से जमशेदपुर लाया गया था, जिससे पार्क में आनुवंशिक रूप से स्वस्थ प्रजनन संभव हो सका. बाघिन सुनैना और रुद्र के सफल मेल से 23 सितंबर 2026 को तीन नए शावकों का जन्म हुआ.
- **अस्पताल और चिकित्सा तैयारी:** पहली बार मां बनी सुनैना से अनजाने में एक शावक के घायल होने पर डॉक्टरों ने त्वरित हस्तक्षेप किया और टांके लगाए. समय रहते इलाज मिलने और नियमित सीसीटीवी निगरानी के कारण सभी नवजात सुरक्षित और स्थिर स्थिति में हैं.
- **जनभागीदारी की रणनीति:** चिड़ियाघर प्रबंधन ने समुदाय के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने के लिए नामकरण प्रतियोगिता आयोजित की. लोगों को सीधे जोड़कर वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज में संवेदनशीलता और समर्थन जुटाने की योजना बनाई गई है.

## सवाल-जवाब

### 1. टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघिन सुनैना ने कितने शावकों को जन्म दिया है?
बाघिन सुनैना ने 23 सितंबर 2026 की सुबह तीन शावकों को जन्म दिया, जिनमें दो मादा और एक नर शावक हैं.

### 2. शावकों के पिता का क्या नाम है और उन्हें कहां से लाया गया था?
शावकों के पिता का नाम रुद्र है, जिन्हें नागपुर के गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से जमशेदपुर लाया गया था.

### 3. शावकों का वर्तमान वजन कितना है?
नर शावक का वजन 2.9 किलोग्राम, स्वस्थ मादा शावक का वजन 2.53 किलोग्राम और उपचाराधीन मादा शावक का वजन 1.8 किलोग्राम है.

### 4. घायल मादा शावक की वर्तमान स्थिति कैसी है?
टांके लगने और समुचित इलाज के बाद घायल मादा शावक खतरे से बाहर है और डॉक्टर उसकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं.

### 5. नामकरण प्रतियोगिता में नाम भेजने की अंतिम तिथि क्या है?
शावकों के नाम भेजने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर 2026 तय की गई है.

### 6. प्रतियोगिता के विजेताओं को क्या पुरस्कार दिया जाएगा?
विजेताओं को चिड़ियाघर का निःशुल्क प्रवेश पास और एक स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा.

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