जमशेदपुर में हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर हमला करने वाले दो इनामी शूटर मुठभेड़ में घायल जमशेदपुर के सोनारी मरीन ड्राइव पर हथियार बरामद कराने पहुंचे दो इनामी शूटरों ने जवान की पिस्टल छीनकर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी और वे पकड़े गए। झारखंड के जमशेदपुर में सोनारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मरीन ड्राइव के जंगलों में 6 सितंबर की देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। बिंदल मॉल गोलीबारी कांड से जुड़े दो मुख्य आरोपियों ने हथियार बरामदगी के दौरान एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिस दल पर अचानक की गई फायरिंग के जवाब में सुरक्षाबलों ने भी गोलियां चलाईं, जिससे दोनों बदमाश पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को तुरंत दबोच लिया और इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया। बिंदल मॉल गोलीबारी कांड की पृष्ठभूमि यह पूरा मामला 26 सितंबर को सोनारी स्थित बिंदल मॉल के एक रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े हुई अंधाधुंध फायरिंग से जुड़ा हुआ है। उस वारदात के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन हथियारबंद बदमाश मॉल पहुंचे थे। उनमें से दो हमलावर सीधे रेस्टोरेंट के भीतर दाखिल हुए और अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं। इस जानलेवा हमले में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। दिनदहाड़े अंजाम दी गई यह वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी तरह कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस साजिश में शामिल एक षड्यंत्रकारी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, वारदात को सीधे अंजाम देने वाले तीनों शूटर फरार चल रहे थे। फरार चल रहे तीनों शूटरों की गिरफ्तारी पर प्रशासन की ओर से 1-1 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था, ताकि उन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके। जंगल में छिपाए गए हथियारों की बरामदगी लगातार दबिश दे रही पुलिस टीम को बड़ी सफलता तब मिली जब देर शाम दो मुख्य शूटरों, मोहन यादव और अजीत मंडल को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि रेस्टोरेंट में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार मरीन ड्राइव के पास स्थित जंगल में एक पेड़ के पीछे छिपाकर रखे गए हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस बल दोनों आरोपियों को साथ लेकर हथियार बरामद करने के लिए बताए गए ठिकाने पर पहुंचा था। पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश और जवाबी कार्रवाई मरीन ड्राइव के जंगली इलाके में पहुंचकर जब तलाशी अभियान चलाया जा रहा था, तभी दोनों आरोपियों ने सुरक्षा घेरे का फायदा उठाने की कोशिश की। आरोपियों ने अचानक एक पुलिस जवान की कमर में लगी सरकारी पिस्टल झपट ली और पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए गोलियां दाग दीं। दोनों अपराधियों ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर घने जंगल के रास्ते फरार होने की साजिश रची थी। इस दौरान दोनों तरफ से कुल तीन-तीन राउंड गोलियां चलीं। पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में दोनों हमलावरों के पैरों में गोलियां लगीं और वे जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने बिना देर किए दोनों को मौके पर ही धर दबोचा। घायल अवस्था में मोहन यादव और अजीत मंडल को फौरन एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अब घटना में शामिल तीसरे फरार साथी की तलाश में छापेमारी कर रही है। इसका आप पर असर सार्वजनिक स्थानों पर गोलीबारी करने वाले अपराधियों के पकड़े जाने से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हुई है और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। • जमशेदपुर में: सोनारी और मरीन ड्राइव इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय बाजारों और मॉल में आने-जाने वाले लोगों को अतिरिक्त पुलिस निगरानी देखने को मिलेगी। • झारखंड में: इनामी शूटरों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान तेज कर दिया गया है। संगठित अपराध में शामिल तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहने से व्यापारियों और आम जनता को राहत मिलेगी। • मॉल और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के लिए: व्यावसायिक केंद्रों पर सुरक्षा जांच और सीसीटीवी निगरानी को कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रबंधन को सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। • अस्पताल और कानूनी प्रक्रिया: घायल आरोपियों के इलाज के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। अदालत में त्वरित सुनवाई से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। ऐसा क्यों हुआ यह मुठभेड़ तब हुई जब पुलिस बिंदल मॉल कांड में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी के लिए आरोपियों को लेकर जंगल पहुंची थी और उन्होंने भागने के लिए सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। • हथियार बरामदगी के दौरान हमला: पूछताछ में आरोपियों ने मरीन ड्राइव के जंगल में हथियार छिपाने की बात कबूल की थी। मौके पर पहुंचते ही उन्होंने जवान की पिस्तौल झपटकर भागने का प्रयास किया, जिससे पुलिस को मजबूरन गोली चलानी पड़ी। • बिंदल मॉल गोलीबारी का मामला: आरोपियों ने 26 सितंबर को सोनारी स्थित बिंदल मॉल के एक रेस्टोरेंट में अंधाधुंध गोलियां चलाकर चार लोगों को घायल कर दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही दोनों फरार चल रहे थे। • इनाम और सघन तलाश: फरार चल रहे तीन शूटरों पर पुलिस ने 1-1 लाख रुपये का इनाम रखा था। लगातार चल रही छापेमारी के दबाव के बीच देर शाम दो शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सवाल-जवाब 1. जमशेदपुर में यह मुठभेड़ कब और कहां हुई? यह मुठभेड़ 6 सितंबर की देर रात सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव के पास जंगली इलाके में हुई। 2. घायल हुए दोनों आरोपियों की पहचान क्या है? घायल आरोपियों की पहचान मोहन यादव और अजीत मंडल के रूप में हुई है। 3. आरोपियों पर किस वारदात में शामिल होने का आरोप है? दोनों पर 26 सितंबर को सोनारी स्थित बिंदल मॉल के रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े गोलीबारी करने का आरोप है, जिसमें चार लोग घायल हुए थे। 4. पुलिस ने आरोपियों पर कितना इनाम रखा था? पुलिस ने मामले के तीनों शूटरों पर 1-1 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया था। 5. मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी कैसे शुरू हुई? हथियार बरामदगी के दौरान आरोपियों ने एक जवान की पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने गोलियां चलाईं। 6. घायल आरोपियों को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है? दोनों घायल आरोपियों को इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। https://trendkia.com/jharkhand/jamshedpur-men-hathiyara-baramadagi-ke-daurana-pulisa-para-hamala-karane-vale-do-inami-shutara-muthabhera-men-ghayala-44233 TrendKia — Har trend, sabse pehle.