{
  "type": "article",
  "title": "झारखंड CGL परीक्षा रद्द होने से पलामू के अभ्यर्थी हेमंत राज का भविष्य अधर में, दो शासकीय पद त्यागने के बाद बढ़ा मानसिक दबाव",
  "summary": "झारखंड CGL परीक्षा रद्द होने से दो सरकारी पद छोड़कर चयनित हुए हेमंत राज गहरे मानसिक तनाव में हैं। रांची सचिवालय के बाहर उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।",
  "content": "झारखंड संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा रद्द होने के फैसले ने कई सफल अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता का बादल मंडरा दिया है। रांची स्थित राज्य सचिवालय के बाहर पलामू निवासी हेमंत राज का दर्द छलक पड़ा। दो सरकारी नौकरियां छोड़कर इस परीक्षा में सफलता पाने वाले हेमंत अब गहरे मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। परीक्षा रद्द होने के बाद उनके सामने न केवल करियर का संकट खड़ा हो गया है, बल्कि परिवार के पालन-पोषण पर भी बुरा असर पड़ा है।\n\nदो सरकारी नौकरियां छोड़ने का निर्णय पड़ा भारी\nहेमंत राज इससे पहले पे-मैट्रिक्स लेवल 7 में जीएसटी (GST) इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा वह एक अन्य सरकारी सेवा में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके थे। जब CGL परीक्षा का विज्ञापन आया और परिणाम घोषित हुए, तो वह बेहद उत्साहित थे। अपने माता-पिता की आर्थिक सहायता करने के उद्देश्य से उन्होंने पुरानी दोनों सुरक्षित सरकारी नौकरियां छोड़ दी थीं। हालांकि, परीक्षा रद्द होने के अप्रत्याशित निर्णय से वे काफी दुखी हैं। हेमंत का कहना है कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उन्होंने अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मार ली हो और उनका जीवन प्रभावित हो गया हो।\n\nनेपाल हाउस में पोस्टिंग और सचिवालय के बाहर झलका दर्द\nमूल रूप से पलामू जिले के रहने वाले हेमंत राज वर्तमान में रांची के डोरंडा इलाके में निवास कर रहे थे। CGL में चयन के पश्चात उनकी पदस्थापना नेपाल हाउस स्थित कार्यालय में हुई थी। सचिवालय परिसर के बाहर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उनका गला भर आया। उन्होंने कहा, \"मुझे अब सिर्फ रोना आ रहा है और आगे का रास्ता समझ नहीं आ रहा है।\" हेमंत ने आरोप लगाया कि प्रशासन के एक फैसले ने उनके तथा उनके परिवार के जीवन को अचानक अनिश्चितता के दौर में धकेल दिया है। निष्ठापूर्वक तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के साथ यह अन्याय है।\n\nसरकार से न्याय की गुहार और परिवार का संबल\nअपनी आर्थिक स्थितियों का जिक्र करते हुए हेमंत ने स्पष्ट किया कि यह नौकरी उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि परिवार के जीवनयापन और रोजी-रोटी का मुख्य आधार थी। इसके बिना दैनिक खर्च चलाना और घर की जरूरतें पूरी करना अत्यंत कठिन हो जाएगा। इस कठिन समय में उनके माता-पिता ने उन्हें हिम्मत न हारने और न्याय के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी है। हेमंत ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की गहन समीक्षा की जाए और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वाले दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि निर्दोष और मेहनती युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: प्रतियोगी परीक्षाओं में अनिश्चितताओं और रद्दीकरण से देश भर के युवाओं में करियर की असुरक्षा और मानसिक तनाव बढ़ता है।\n\nझारखंड में: CGL परीक्षा रद्द होने से राज्य के हजारों सफल अभ्यर्थियों का भविष्य और उनके परिवारों की आजीविका संकट में पड़ गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हेमंत राज कौन हैं और उनका संबंध किस जिले से है?\nहेमंत राज झारखंड CGL परीक्षा में सफल अभ्यर्थी हैं, जो मूल रूप से पलामू जिले के रहने वाले हैं और परीक्षा के बाद रांची के डोरंडा क्षेत्र में रह रहे थे।\n\n2. CGL परीक्षा में चयन से पहले हेमंत राज क्या करते थे?\nCGL परीक्षा उत्तीर्ण करने से पहले वह पे-मैट्रिक्स लेवल 7 में जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे और उससे पूर्व एक अन्य सरकारी नौकरी भी कर चुके थे।\n\n3. हेमंत राज की पदस्थापना कहां हुई थी?\nCGL परीक्षा में चयन के बाद हेमंत राज की पदस्थापना रांची स्थित नेपाल हाउस सचिवालय परिसर में हुई थी।\n\n4. परीक्षा रद्द होने के बाद हेमंत राज ने सरकार से क्या मांग की है?\nउन्होंने राज्य सरकार से मामले की समीक्षा करने और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।",
  "url": "https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-cgl-pariksha-radda-hone-se-palamu-ke-abhyarthi-hemant-raj-ka-bhavishya-adhara-men-do-shasakiya-pada-tyagane-ke-bada-barh-18803",
  "category": "झारखंड",
  "publishedAt": "2026-08-20",
  "tags": [
    "झारखंड CGL",
    "हेमंत राज",
    "रांची न्यूज़",
    "पलामू",
    "नेपाल हाउस",
    "जीएसटी इंस्पेक्टर",
    "सरकारी नौकरी"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}