# झारखंड एथलेटिक्स मीट में पलामू के एथलीटों ने जीते 6 मेडल, 7 खिलाड़ी नेशनल चैंपियनशिप के लिए चयनित

> बोकारो के चंदनकियारी में आयोजित तीसरी झारखंड राज्य स्तरीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पलामू के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित कुल छह पदक जीते हैं। इस प्रदर्शन के दम पर जिले के सात एथलीटों का चयन पटना में होने वाली ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

**Type:** article · **Category:** झारखंड · **Published:** 2026-09-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/jharkhand/jharkhand-ethaletiksa-mita-men-palamu-ke-ethaliton-ne-jite-6-medala-7-khilari-neshanala-chainpiyanashipa-ke-lie-chayanita-31881 · **Language:** Hindi
**Tags:** पलामू समाचार, झारखंड खेल, जूनियर एथलेटिक्स, ईस्ट जोन नेशनल, सुहानी सिंह शॉटपुट, दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, चंदनकियारी बोकारो

झारखंड का पलामू जिला भले ही प्रशासनिक रूप से एक आकांक्षी जिले के रूप में दर्ज हो और वहां खेल की बुनियादी सुविधाएं सीमित हों, लेकिन वहां की युवा प्रतिभाओं का जज्बा किसी भी कमी पर भारी पड़ रहा है। पलामू के खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर एक बार फिर राज्य स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। बोकारो जिले के चंदनकियारी स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित तीसरी झारखंड राज्य स्तरीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2026 में पलामू की टीम ने कुल छह पदक अपने नाम किए। इस शानदार सफलता में तीन स्वर्ण पदक, दो रजत पदक और एक कांस्य पदक शामिल हैं। इस बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर जिले के सात प्रतिभावान एथलीटों का चयन पटना में आयोजित होने वाली आगामी ईस्ट जोन नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए किया गया है, जहां वे राष्ट्रीय मंच पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।

## राज्य स्तरीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पदकों की बरसात
चंदनकियारी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन झारखंड स्टेट एथलेटिक्स एसोसिएशन और बोकारो जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। प्रतियोगिता में राज्य भर के विभिन्न जिलों से आए शीर्ष एथलीटों ने अपनी अपनी स्पर्धाओं में दांव आजमाया। पलामू जिले का प्रतिनिधित्व करने उतरी टीम मुख्य कोच मोनू कुमार और टीम मैनेजर शुभम मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में मैदान में उतरी। पलामू के बालक और बालिका खिलाड़ियों ने अपनी तकनीकी क्षमता और शारीरिक सहनशक्ति का परिचय देते हुए प्रतियोगिता के विभिन्न आयोजनों में बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज कराया।

प्रतियोगिता के दौरान पलामू की महिला एथलीटों का वर्चस्व साफ नजर आया। बालिका वर्ग की हाई जंप स्पर्धा में पलामू की संध्या कुमारी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि इसी स्पर्धा में जिले की मानसी कुमारी ने दमदार प्रदर्शन कर रजत पदक हासिल किया। शॉटपुट स्पर्धा में 12वीं की छात्रा सुहानी सिंह ने अपनी ताकत और तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पलामू के लिए स्वर्ण पदक जीता। वहीं डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में शिवानी कुमारी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बालक वर्ग की बात करें तो जेवलिन थ्रो स्पर्धा में हेमंत कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता, जबकि हाई जंप स्पर्धा में सूरज कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह पलामू की टीम ने तीन गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज के साथ कुल छह पदक हासिल किए।

## नेशनल प्रतियोगिता का रास्ता और खिलाड़ियों के चयन का विवरण
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मिली इस बड़ी सफलता के बाद पलामू एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव संजय त्रिपाठी ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके चयन की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सब जूनियर और जूनियर वर्ग को मिलाकर पलामू के कुल सात खिलाड़ियों ने ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता के लिए अपनी जगह पक्की की है। इन सात खिलाड़ियों में से दो एथलीटों का चयन इससे पहले धनबाद में आयोजित हुई सब जूनियर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। वहीं बाकी पांच खिलाड़ियों ने चंदनकियारी में संपन्न हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर नेशनल टीम में अपनी जगह बनाई है।

सचिव संजय त्रिपाठी ने एथलेटिक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एथलेटिक्स को दुनिया भर में सभी खेलों का राजा माना जाता है। चूंकि यह मुख्य रूप से एक व्यक्तिगत खेल है, इसलिए इसमें सफलता किसी टीम रणनीति से अधिक एथलीट की अपनी व्यक्तिगत मेहनत, आत्म-अनुशासन और दैनिक अभ्यास की निरंतरता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि पलामू के खिलाड़ी लगातार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर यह साबित कर रहे हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर सही दिशा में प्रयास किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है।

## शॉटपुट चैंपियन सुहानी सिंह का अनुशासित दिनचर्या और ओलंपिक सपना
शॉटपुट स्पर्धा में पलामू का नाम रोशन करने वाली 12वीं कक्षा की छात्रा सुहानी सिंह अब पटना में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। सुहानी ने अपनी खेल यात्रा के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्हें बचपन से ही खेलों का शौक था, लेकिन उन्होंने वर्ष 2023 से एथलेटिक्स में पेशेवर तरीके से तैयारी शुरू की। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने दादाजी के निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग को दिया, जिन्होंने उन्हें खेल के मैदान में उतरने के लिए हर कदम पर प्रेरित किया। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सुहानी एक सख्त दैनिक शेड्यूल का पालन करती हैं।

सुहानी की दिनचर्या की शुरुआत तड़के होती है, जहां वे सुबह के समय जिम में शारीरिक फिटनेस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर ध्यान देती हैं। दोपहर के समय वे अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करती हैं और शाम को रोज लगभग दो घंटे स्टेडियम में जाकर शॉटपुट तकनीक का अभ्यास करती हैं। आगामी 22 से 24 सितंबर तक पटना में आयोजित होने वाली ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता में सुहानी पदक जीतने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करना उनका तात्कालिक लक्ष्य है, लेकिन उनका अंतिम सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और ओलंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीतना है।

## उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने किया सम्मानित
पलामू के एथलीटों की इस बड़ी कामयाबी के बाद शनिवार को पलामू के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को अपने कार्यालय कक्ष में आमंत्रित कर सम्मानित किया। उपायुक्त ने व्यक्तिगत रूप से सुहानी सिंह और शिवानी कुमारी सहित पूरी टीम की सराहना की और उन्हें स्मृति चिह्न व प्रोत्साहन देकर उनका उत्साह बढ़ाया। उपायुक्त ने इस अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने या ट्रॉफी हासिल करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और आत्मविश्वास का विकास करता है। खेलकूद की गतिविधियों से युवाओं में विपरीत परिस्थितियों से मुकाबला करने का जज्बा पैदा होता है।

उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने एथलीटों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस सफलता को अपनी यात्रा का अंतिम पड़ाव न मानें, बल्कि इसे एक बड़े खेल करियर की शुरुआत के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि पलामू जिले में ग्रामीण स्तर पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ इस बात की है कि उन्हें सही समय पर बेहतर मार्गदर्शन, बुनियादी सुविधाएं और निरंतर प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि पटना की ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता में पलामू के ये सात खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से न केवल जिले का, बल्कि पूरे झारखंड राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।

## इसका आप पर असर
यह समाचार सीमित संसाधनों के बावजूद जमीनी स्तर की खेल प्रतिभाओं के आगे बढ़ने और राष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिलने की संभावना को दर्शाता है।

- **भारत में:** यह उपलब्धि साबित करती है कि भारत के आकांक्षी और पिछड़े जिलों में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जिससे राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रतिभा खोज अभियानों को बढ़ावा मिलता है।
- **पलामू (झारखंड) में:** स्थानीय खिलाड़ियों और कोचों के लिए यह खबर नया उत्साह लेकर आई है, जिससे जिले में खेल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक ध्यान आकर्षित होगा।
- **युवा एथलीटों के लिए:** सुहानी सिंह जैसी खिलाड़ियों का चयन स्कूली छात्रों को खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाकर राष्ट्रीय मंच पर उतरने के लिए प्रेरित करता है।
- **प्रशासनिक सहयोग:** जिला स्तर पर खिलाड़ियों का सम्मान होने से अन्य स्थानीय प्रतिभावान युवाओं को खेल में अपना करियर बनाने का हौसला मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
पलामू के एथलीटों ने योजनाबद्ध तैयारी, अनुशासित दिनचर्या और कोचिंग मार्गदर्शन के कारण राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में छह पदक जीतकर ईस्ट जोन नेशनल के लिए क्वालीफाई किया है।

- **निरंतर और अनुशासित प्रशिक्षण:** खिलाड़ियों ने सुबह जिम सत्र, पढ़ाई और शाम को दो घंटे के दैनिक स्टेडियम अभ्यास के कड़े शेड्यूल का पालन किया।
- **मार्गदर्शन और पारिवारिक समर्थन:** कोच मोनू कुमार और मैनेजर शुभम मिश्रा के प्रशिक्षण के साथ पारिवारिक प्रोत्साहन (जैसे सुहानी के दादाजी का सहयोग) ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।
- **बहु-स्पर्धात्मक दबदबा:** हाई जंप, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो और जेवलिन थ्रो जैसी अलग-अलग फील्ड स्पर्धाओं में तकनीकी उत्कृष्टता के कारण पदक तालिका में बढ़त बनी।
- **पारदर्शी चयन प्रक्रिया:** सब जूनियर और जूनियर राज्य स्तरीय मीट में शीर्ष प्रदर्शन के आधार पर ईस्ट जोन नेशनल के लिए 7 योग्य एथलीट चुने गए।

## सवाल-जवाब

### 1. तीसरी झारखंड राज्य स्तरीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2026 कहां आयोजित हुई?
यह प्रतियोगिता बोकारो जिले के चंदनकियारी स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई थी।

### 2. पलामू के खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कुल कितने पदक जीते?
पलामू के खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक सहित कुल छह पदक जीते।

### 3. ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता के लिए पलामू से कितने एथलीटों का चयन हुआ है?
ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता के लिए पलामू जिले के कुल सात खिलाड़ियों का चयन हुआ है।

### 4. सुहानी सिंह ने किस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और उनकी क्या महत्वाकांक्षा है?
सुहानी सिंह ने शॉटपुट (गोला फेंक) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और उनका सपना भविष्य में भारत के लिए ओलंपिक में खेलना है।

### 5. ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता का आयोजन कब और कहां होगा?
ईस्ट जोन नेशनल प्रतियोगिता 22 से 24 सितंबर तक बिहार की राजधानी पटना में आयोजित होगी।

### 6. पदक विजेता खिलाड़ियों को किसने सम्मानित किया?
पलामू के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने अपने कार्यालय कक्ष में पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

## प्रेरणा और सबक
सीमित संसाधनों वाले जिले से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले इन युवाओं की सफलता कड़ी मेहनत और अनुशासन की मिसाल पेश करती है।

- **समय प्रबंधन की सीख:** सुहानी सिंह की दिनचर्या दिखाती है कि सुबह वर्कआउट, दोपहर पढ़ाई और शाम को खेल अभ्यास से शिक्षा और सपनों दोनों को साधा जा सकता है।
- **संसाधनों की कमी को जज्बे से हराना:** आकांक्षी जिले के खिलाड़ियों ने साबित किया कि सुविधाओं से अधिक महत्व आपकी निरंतर मेहनत और आत्म-अनुशासन का होता है।
- **पारिवारिक प्रोत्साहन का महत्व:** बड़ों का समर्थन और सही मार्गदर्शन युवा प्रतिभाओं को बड़े सपने देखने का हौसला देता है।
- **चरणबद्ध लक्ष्य निर्धारण:** पहले राज्य स्तर पर पदक जीतना, फिर नेशनल क्वालीफाई करना और अंततः ओलंपिक का लक्ष्य रखना यह सिखाता है कि बड़े सपनों को छोटे-छोटे कदमों में बांटना चाहिए।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._